सबसे सटीक ज्वालापुर टाइम्स न्यूज़…
रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
हरिद्वार, 12 जून 2026। डिजिटल युग में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच हरिद्वार साइबर क्राइम सेल ने तत्परता दिखाते हुए एक पीड़ित को राहत दिलाने का सराहनीय कार्य किया है। अज्ञात लिंक पर क्लिक करने के कारण बैंक खाते से ₹20 हजार की राशि गंवाने वाले युवक को साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई के चलते पूरी रकम वापस मिल गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित मुहम्मद शाकिब वसीम सिद्दीकी, पुत्र वसीम सिद्दीकी, के मोबाइल फोन पर दिनांक 19 अप्रैल 2026 को एक संदिग्ध लिंक प्राप्त हुआ था। अनजाने में लिंक पर क्लिक करने के बाद उनका मोबाइल फोन हैक हो गया। कुछ ही देर में उनके बैंक खाते से ₹20,000 की धनराशि किसी अज्ञात खाते में स्थानांतरित कर दी गई।
बैंक खाते से रकम कटने का संदेश मिलने पर पीड़ित को अपने साथ साइबर ठगी होने का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने बिना देरी किए हरिद्वार साइबर क्राइम सेल से संपर्क कर पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। साइबर विशेषज्ञों की टीम ने तकनीकी जांच के माध्यम से धनराशि के ट्रांजैक्शन की जानकारी जुटाई और संबंधित बैंकिंग संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित किया। त्वरित कार्रवाई के तहत संदिग्ध खाते में गई रकम को होल्ड कराया गया, जिससे ठगों द्वारा राशि निकाले जाने की संभावना को रोका जा सका।
लगातार तकनीकी प्रयासों, बैंकिंग संस्थाओं के सहयोग और प्रभावी समन्वय के परिणामस्वरूप 11 जून 2026 को पीड़ित के खाते में पूरी ₹20,000 की राशि सफलतापूर्वक वापस करा दी गई। अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने पर पीड़ित और उनके परिजनों ने हरिद्वार साइबर सेल का आभार व्यक्त किया। हरिद्वार पुलिस ने इस घटना को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करते हुए आमजन से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधी लोगों को फर्जी लिंक, आकर्षक ऑफर, केवाईसी अपडेट, इनाम जीतने या बैंकिंग सेवाओं से संबंधित संदेश भेजकर अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं। ऐसे में किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक करना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मोबाइल फोन पर प्राप्त किसी भी संदिग्ध लिंक को खोलने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करनी चाहिए। बैंक, सरकारी संस्थाएं या प्रतिष्ठित कंपनियां सामान्यतः ग्राहकों से संवेदनशील जानकारी मांगने के लिए संदिग्ध लिंक साझा नहीं करती हैं। यदि कोई व्यक्ति फोन कॉल, संदेश या सोशल मीडिया के माध्यम से बैंक खाता संख्या, एटीएम पिन, ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी मांगता है, तो ऐसी जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।
हरिद्वार पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी है कि यदि किसी के साथ साइबर धोखाधड़ी की घटना घटती है तो वह बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराए अथवा नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन से संपर्क करे। शुरुआती घंटों में की गई शिकायत कई मामलों में धनराशि वापस दिलाने में मददगार साबित होती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधों की रोकथाम केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आमजन की जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है। थोड़ी सी सावधानी अपनाकर ऑनलाइन ठगी से बचा जा सकता है। हरिद्वार साइबर सेल की यह कार्रवाई न केवल पीड़ित के लिए राहतभरी साबित हुई है, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश है कि साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराने से नुकसान की भरपाई संभव हो सकती है। पुलिस ने लोगों से डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित एजेंसियों को देने की अपील की है।
यह भी पढ़ें– हरिद्वार में परिवहन विभाग ने 7 ऑटो-विक्रम और 10 ई-रिक्शा सीज 30 वाहनों के चालान…
उत्तराखंड की सभी ताज़ा और महत्वपूर्ण ख़बरों के लिए ज्वालापुर टाइम्स न्यूज़ WHATSAPP GROUP से जुड़ें और अपडेट सबसे पहले पाएं
यहां क्लिक करें एक और हर अपडेट आपकी उंगलियों पर!
यदि आप किसी विज्ञापन या अपने क्षेत्र/इलाके की खबर को हमारे न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म पर प्रकाशित कराना चाहते हैं, तो कृपया 7060131584 पर संपर्क करें। आपकी जानकारी को पूरी जिम्मेदारी और भरोसे के साथ प्रसारित किया जाएगा।”

