हरिद्वार के कांगड़ी क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग और श्यामपुर पुलिस द्वारा संदिग्ध पनीर निर्माण इकाई पर की गई संयुक्त छापेमारीहरिद्वार के कांगड़ी क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग और श्यामपुर पुलिस द्वारा संदिग्ध पनीर निर्माण इकाई पर की गई संयुक्त छापेमारी

हरिद्वार जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए जिला प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सोमवार को श्यामपुर थाना पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने कांगड़ी क्षेत्र स्थित एक डेयरी पर छापा मारा। bइस कार्रवाई के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में संदिग्ध पनीर और दूध पाउडर से जुड़े कई अहम साक्ष्य मिले। अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन से जुड़ा प्रतीत होता है, इसलिए पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में जनपद में खाद्य पदार्थों में मिलावट एवं अवैध खाद्य निर्माण इकाइयों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत श्यामपुर थाना पुलिस एवं खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने कांगड़ी स्थित एक पनीर एवं दुग्ध उत्पाद निर्माण इकाई (गुर्जर डेयरी) पर छापेमार कार्रवाई की।

मिलावट के खिलाफ जिला प्रशासन का बड़ा अभियान

अधिकारियों के अनुसार श्यामपुर थाना प्रभारी निरीक्षक नितेश शर्मा को सूचना मिली थी कि कांगड़ी क्षेत्र स्थित एक डेयरी में संदिग्ध तरीके से पनीर तैयार किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। जांच के दौरान निर्माण स्थल पर एल्यूमिनियम कंटेनर में बिक्री के लिए रखा लगभग 50 किलोग्राम पनीर बरामद किया गया। श्यामपुर थाना प्रभारी निरीक्षक नितेश शर्मा द्वारा प्राप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई के दौरान निर्माण स्थल पर एक एल्यूमिनियम कंटेनर में बिक्री के लिए रखा लगभग 50 किलोग्राम पनीर बरामद किया गया। पूछताछ में डेयरी संचालक के भाई सराफत अली ने बताया कि पनीर निर्माण में दूध पाउडर एवं फॉस्फेट का प्रयोग किया गया है। मौके से मिल्क पाउडर के लगभग 50 खाली पैकेट भी बरामद हुए, जिन्हें टीम ने जब्त कर लिया।

हरिद्वार में नकली पनीर पर बड़ी कार्रवाई: 50 किलो संदिग्ध पनीर जब्त, खाद्य सुरक्षा विभाग ने भेजे नमूने जांच के लिए

दूध पाउडर और फॉस्फेट के इस्तेमाल की बात सामने आई

निरीक्षण के दौरान डेयरी संचालक के भाई सराफत अली से पूछताछ की गई। अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में बताया गया कि पनीर निर्माण में दूध पाउडर और फॉस्फेट का उपयोग किया गया था। मौके से लगभग 50 खाली मिल्क पाउडर पैकेट भी बरामद किए गए, जिन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने मौके से— तैयार पनीर का नमूना निर्माण में प्रयुक्त दूध का नमूना संग्रहित कर राजकीय खाद्य प्रयोगशाला, रुद्रपुर भेज दिया है। अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि तैयार किया गया पनीर खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप था या नहीं।

खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा निर्मित पनीर एवं निर्माण में प्रयुक्त दूध के दो नमूने प्रयोगशाला जांच हेतु लेकर राजकीय खाद्य प्रयोगशाला, रुद्रपुर भेजे गए हैं। नमूना लेने के उपरांत शेष लगभग 49 किलोग्राम पनीर को मौके पर जेसीबी मशीन से गड्ढा खुदवाकर दबाकर नष्ट कराया गया।
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि डेयरी संचालक द्वारा रिटेल व्यवसाय के लिए प्राप्त खाद्य लाइसेंस पर ही दुग्ध उत्पादों का निर्माण किया जा रहा था। निरीक्षण में पाई गई खाद्य सुरक्षा विभाग ने नमूने लेने के बाद शेष लगभग 49 किलोग्राम पनीर को बिक्री में जाने से रोकते हुए मौके पर ही नष्ट करा दिया। इसके लिए जेसीबी मशीन से गड्ढा खुदवाकर पूरे पनीर को दबाकर नष्ट किया गया, ताकि यह किसी भी स्थिति में बाजार तक न पहुंच सके।

हरिद्वार के कांगड़ी क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग और श्यामपुर पुलिस द्वारा संदिग्ध पनीर निर्माण इकाई पर की गई संयुक्त छापेमारी

निरीक्षण के दौरान एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया। अधिकारियों के अनुसार डेयरी संचालक के पास केवल रिटेल व्यवसाय का खाद्य लाइसेंस था, जबकि उसी लाइसेंस के आधार पर दुग्ध उत्पादों का निर्माण किया जा रहा था। यह खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप नहीं माना गया। अनियमितताओं के आधार पर पनीर निर्माण इकाई के संचालक इमादत अली एवं मौके पर उपस्थित उनके भाई सराफत अली को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन द्वारा नोटिस जारी किया गया।

मौके पर मिली अनियमितताओं के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने— संचालक इमादत अली मौके पर मौजूद सराफत अली को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत नोटिस जारी किया। अधिकारियों ने बताया कि प्रयोगशाला रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर हरिद्वार जनपद में मिलावटी खाद्य पदार्थों और अवैध खाद्य निर्माण इकाइयों के विरुद्ध विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य आम नागरिकों तक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना तथा मिलावटखोरों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करना है।

हरिद्वार में मिलावट के खिलाफ जिला प्रशासन की यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। फिलहाल बरामद पनीर और दूध के नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी अभियान जारी रहेगा। संयुक्त कार्रवाई में श्यामपुर थाना प्रभारी निरीक्षक नितेश शर्मा, एसआई रविंद्र गौड़, कांस्टेबल मनमोहन सैनी, सुशील, खाद्य सुरक्षा विभाग के उपायुक्त (गढ़वाल मंडल) राजेंद्र सिंह रावत, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन तथा पवन कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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By ATHAR

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