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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
हरिद्वार। जनपद में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने शुक्रवार को व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर रेलवे स्टेशन, वाल्मीकि चौक, कर्नाटक भवन और आसपास के क्षेत्रों में की गई इस कार्रवाई के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए। अभियान में कुल 30 वाहनों के चालान किए गए, जबकि गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर 17 वाहनों को सीज कर दिया गया।
जांच के दौरान अधिकारियों ने वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल की। कई वाहनों में वैध दस्तावेजों की कमी, फिटनेस प्रमाणपत्र का अभाव और परमिट शर्तों के उल्लंघन जैसी अनियमितताएं सामने आईं। परिवहन विभाग के अनुसार अभियान के दौरान कुल 30 वाहनों के चालान किए गए। वहीं गंभीर नियम उल्लंघन के मामलों में 7 ऑटो और विक्रम वाहनों को सीज कर दिया गया। इसके अलावा विशेष रूप से ई-रिक्शाओं की जांच के दौरान भी कई खामियां सामने आईं, जिसके चलते 10 ई-रिक्शाओं को भी सीज किया गया।

चारधाम यात्रा और बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में परिवहन विभाग ने सार्वजनिक परिवहन वाहनों, ऑटो-रिक्शा, विक्रम और ई-रिक्शाओं की विशेष जांच की। अभियान का नेतृत्व एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा और एआरटीओ (प्रवर्तन) श्रीमती नेहा झा ने किया। उनके साथ परिवहन कर अधिकारी रविन्द्र पाल सैनी और विभागीय प्रवर्तन दल भी मौजूद रहा।
अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा और यात्री हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई आवश्यक है जो बिना वैध दस्तावेजों के संचालित हो रहे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया कि बिना फिटनेस, बिना परमिट या अन्य आवश्यक अभिलेखों के वाहन संचालन को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। अभियान के दौरान केवल कार्रवाई ही नहीं की गई, बल्कि वाहन चालकों और स्वामियों को जागरूक भी किया गया। उन्हें बताया गया कि नियमित रूप से अपने दस्तावेज अपडेट रखें और मोटर वाहन अधिनियम के सभी नियमों का पालन करें। अधिकारियों ने कहा कि नियमों की अनदेखी न केवल कानूनी कार्रवाई को आमंत्रित करती है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा को भी खतरे में डालती है।

एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। ऐसे में परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सड़क पर चलने वाले प्रत्येक वाहन का नियमों के अनुरूप होना आवश्यक है। वहीं एआरटीओ (प्रवर्तन) श्रीमती नेहा झा ने स्पष्ट किया कि परिवहन नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के मामले में किसी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों और चालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा, परमिट, प्रदूषण प्रमाणपत्र और अन्य सभी आवश्यक दस्तावेज समय-समय पर अपडेट कराते रहें। विभाग का मानना है कि नियमों का पालन करने से न केवल कानूनी समस्याओं से बचा जा सकता है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होती है। प्रशासन का कहना है कि जनपद में सुरक्षित, सुगम और नियमसम्मत परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ऐसे औचक निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। इससे यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिल सकेगा।
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