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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
जनपद हरिद्वार के समग्र विकास को नई गति देने के उद्देश्य से वर्ष 2026-27 के लिए जिला योजना समिति की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता जनपद प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज ने की, जिसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं के लिए कुल 6735.60 लाख रुपये (लगभग 67.35 करोड़ रुपये) के बजट को अनुमोदित किया गया। यह बैठक न केवल आगामी विकास कार्यों की रूपरेखा तय करने के लिए अहम रही, बल्कि इसमें जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक में स्वीकृत बजट को विभिन्न मदों में विभाजित किया गया है। सामान्य मद के अंतर्गत 5297.60 लाख रुपये, अनुसूचित जाति मद में 1404.50 लाख रुपये तथा अनुसूचित जनजाति मद में 33.50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
प्रभारी मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि कुल बजट का लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाली योजनाओं पर खर्च किया जाएगा। इसमें कृषि, उद्यान, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, रेशम उद्योग और गन्ना विकास जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।
सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट करते हुए मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्वरोजगार योजनाओं को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंचे और योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें। उन्होंने कहा, “जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल से ही योजनाओं का सफल क्रियान्वयन संभव है। सभी को मिलकर जनपद के विकास के लिए कार्य करना होगा।”
इस बार जिला योजना में पहली बार प्राथमिक शिक्षा को शामिल किया गया है, जो एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इसके साथ ही अभिनव योजनाओं के तहत ornamental फिशिंग (सजावटी मछली पालन), मीठे पानी में झींगा पालन और अन्य नई गतिविधियों को भी शामिल किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन नई योजनाओं से युवाओं और ग्रामीणों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
बैठक में विभिन्न विभागों के लिए अलग-अलग बजट निर्धारित किया गया। प्रमुख विभागों में:
- पंचायतीराज विभाग – 1636 लाख युवा कल्याण – 1234.19 लाख लोक निर्माण विभाग (हरिद्वार, रुड़की, लक्सर) – 600 लाख से अधिक सिंचाई विभाग – 500 लाख से अधिक पेयजल एवं जल संस्थान – लगभग 380 लाख कृषि, उद्यान, पशुपालन – 600 लाख से अधिक इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, पर्यटन, समाज कल्याण और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भी बजट का प्रावधान किया गया है।
बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जाए। यदि किसी कारणवश फोन कॉल रिसीव नहीं हो पाता है तो संबंधित अधिकारी को कॉल बैक कर समस्या का समाधान करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समय पर समाधान ही सुशासन की पहचान है।
बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि जिला योजना में सभी जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों को शामिल किया गया है। यदि किसी प्रस्ताव में संशोधन की आवश्यकता होती है तो उसके लिए भी प्रावधान रखा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले कई वर्षों से जिला योजना का बजट नहीं बढ़ा है, इसलिए इसे बढ़ाने के लिए शासन स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने स्लाइड शो के माध्यम से पूरे बजट और योजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि किस विभाग को कितनी धनराशि दी गई है और उसका उपयोग किन कार्यों में किया जाएगा। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों से भी अपेक्षा की गई कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि लाभार्थियों को समय पर योजनाओं का लाभ मिले।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, मेयर किरण जैसल, विधायक आदेश सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
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