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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
उत्तराखंड में बढ़ती गर्मी और हीटवेव के प्रभाव को देखते हुए हरिद्वार जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपद के सभी शासकीय, अशासकीय एवं निजी विद्यालयों के समय में अस्थायी परिवर्तन के आदेश जारी किए हैं। यह निर्णय विशेष रूप से छोटे बच्चों को भीषण गर्मी और लू के खतरे से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है।
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह नई समय-सारणी 27 अप्रैल 2026 से 26 मई 2026 तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि के दौरान सभी स्कूलों को निर्धारित समय के अनुसार ही संचालन करना होगा और साथ ही जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना होगा।
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में कक्षाओं के अनुसार अलग-अलग समय निर्धारित किया गया है—
- प्री-प्राइमरी से कक्षा 5 तक: प्रातः 7:30 बजे से 12:00 बजे तक
- कक्षा 6 से 12 तक: प्रातः 7:30 बजे से 12:30 बजे तक
- इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र-छात्राएं दोपहर की तेज धूप और लू के प्रभाव से सुरक्षित रहें।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि सभी विद्यालयों में छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए स्कूल प्रशासन को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं—
- विद्यालयों में नियमित अंतराल पर वॉटर बेल बजाई जाए, ताकि बच्चे समय-समय पर पानी पीते रहें सभी स्कूलों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए कक्षाओं में पर्याप्त वेंटिलेशन (हवा का आवागमन) रखा जाए स्कूलों में ओआरएस और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए छात्रों को हीटवेव से बचाव के बारे में जागरूक किया जाए तेज धूप के समय खेल-कूद और बाहरी गतिविधियों पर रोक लगाई जाए छुट्टी के बाद छात्रों को समूह में घर भेजने की व्यवस्था की जाए इन निर्देशों का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य की वास्तविक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
यह आदेश हरिद्वार जनपद के सभी सरकारी, प्राइवेट और सहायता प्राप्त विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि वे समय-सारणी में बदलाव के साथ-साथ सभी सुरक्षा उपायों को भी प्रभावी ढंग से लागू करें। यदि कोई स्कूल इन निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सकती है।
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। बच्चों को हल्के और सूती कपड़े पहनाएं, पर्याप्त पानी पीने के लिए प्रेरित करें और तेज धूप में बाहर जाने से बचाएं। विशेषज्ञों के अनुसार, हीटवेव के दौरान बच्चों में डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और थकान जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं। ऐसे में स्कूल और अभिभावकों दोनों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।
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