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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
रेलवे प्लेटफॉर्म पर पारिवारिक विवाद के बाद हुई वारदात, घटना में प्रयुक्त चापड़ बरामद; आरोपी को न्यायालय में पेश कर भेजा गया जेल
हरिद्वार/ऋषिकेश। योगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म संख्या-02 पर हुए चापड़ हमले की सनसनीखेज घटना का जीआरपी ऋषिकेश पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सफल खुलासा कर दिया। पुलिस ने मामले में नामजद अभियुक्त को घटना के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चापड़ भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोगों और यात्रियों ने सराहना की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 15 जून 2026 को लवी त्रिपाठी पत्नी सूरज शर्मा, निवासी पूरे पहाड़गंज, लाला का पुरवा, थाना गौरीगंज, जनपद अमेठी (उत्तर प्रदेश) ने थाना जीआरपी ऋषिकेश में लिखित तहरीर देकर बताया कि रेलवे स्टेशन योगनगरी ऋषिकेश के प्लेटफॉर्म संख्या-02 पर उनके पिता हरीगोविन्द त्रिपाठी ने उन पर तथा उनके पति पर चापड़ से हमला कर दिया। इस हमले में दोनों घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी ऋषिकेश पुलिस सक्रिय हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक जीआरपी उत्तराखंड अरुणा भारती के निर्देश तथा पुलिस उपाधीक्षक जीआरपी अनुज के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक जीआरपी देहरादून के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए तथा प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ शुरू की। रेलवे स्टेशन परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। साथ ही अभियुक्त की संभावित लोकेशन का पता लगाने के लिए सुरागरसी और पतारसी की कार्रवाई की गई।
जीआरपी की त्वरित कार्रवाई का परिणाम यह रहा कि घटना वाले दिन ही पुलिस टीम ने अभियुक्त हरीगोविन्द त्रिपाठी को ऋषिकेश स्थित आरटीओ कार्यालय के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान अभियुक्त की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चापड़ रेलवे ट्रैक के समीप से बरामद कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी के विरुद्ध थाना जीआरपी ऋषिकेश में मु0अ0सं0-13/2026 के अंतर्गत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1) एवं 118(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूर्ण करने के बाद आरोपी को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार सुद्धोवाला भेज दिया गया।
जीआरपी अधिकारियों का कहना है कि रेलवे परिसरों में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नियमित गश्त, सीसीटीवी निगरानी और खुफिया तंत्र को लगातार सक्रिय रखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर होने वाली घटनाओं की जांच में तकनीकी संसाधनों के साथ-साथ त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस मामले में भी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और मैनुअल पुलिसिंग के समन्वय से पुलिस को सफलता मिली।
जीआरपी ने यात्रियों से अपील की है कि रेलवे स्टेशन अथवा ट्रेन में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल रेलवे पुलिस या हेल्पलाइन नंबर 112 अथवा 139 पर दें। आमजन के सहयोग से ही अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। इस पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित किया है कि समय पर सूचना और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से गंभीर घटनाओं का शीघ्र खुलासा संभव है। जीआरपी की तत्परता के चलते आरोपी को कानून के शिकंजे तक पहुंचाया जा सका और घटना में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया गया।
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