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लक्सर से रिपोर्ट (फ़रमान खान)
हरिद्वार/लक्सर। हरिद्वार जनपद के लाखों राशन कार्ड धारकों के लिए यह खबर बेहद महत्वपूर्ण है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना और राज्य खाद्य योजना के अंतर्गत आने वाले लाभार्थियों को अब 30 मई 2026 से पहले अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करानी होगी। जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा के भीतर ई-केवाईसी न कराने वाले राशन कार्ड और यूनिटों को अस्थायी रूप से निष्क्रिय किया जा सकता है। इससे लाभार्थियों को मिलने वाला सरकारी राशन प्रभावित हो सकता है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा जनपद में ई-केवाईसी अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक लगभग 71 प्रतिशत लाभार्थियों की ही ई-केवाईसी पूरी हो पाई है, जबकि शासन ने 30 मई 2026 तक सभी राशन कार्ड धारकों की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश जारी किए हैं।
सरकार द्वारा राशन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया लागू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य वास्तविक पात्र लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करना और फर्जी यूनिटों को हटाना है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार कई स्थानों पर लंबे समय से ऐसे कार्ड सक्रिय पाए गए हैं जिनका उपयोग वास्तविक लाभार्थी नहीं कर रहे हैं।
ई-केवाईसी के माध्यम से राशन कार्ड धारकों की पहचान आधार और फेस रीडिंग के जरिए सत्यापित की जा रही है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल ने बताया कि अब लाभार्थियों को ई-केवाईसी के लिए लंबी लाइन में लगने की आवश्यकता नहीं है। भारत सरकार द्वारा जारी “MERA eKYC” मोबाइल ऐप के माध्यम से लोग घर बैठे भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि गूगल प्ले स्टोर से “MERA eKYC” ऐप डाउनलोड करने के बाद राशन कार्ड धारक आधार नंबर और फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए परिवार के सभी सदस्यों की ई-केवाईसी कर सकते हैं। इससे समय की बचत होगी और लोगों को कार्यालयों के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 30 मई 2026 के बाद जिन लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी नहीं होगी, उनकी यूनिट अस्थायी रूप से बंद की जा सकती है। ऐसी स्थिति में उन्हें सरकारी राशन मिलने में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।
अधिकारियों का कहना है कि कई लोग अंतिम समय तक प्रक्रिया टाल देते हैं, जिससे बाद में तकनीकी और भीड़ संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं। इसलिए लाभार्थियों को समय रहते अपनी प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए। हरिद्वार जनपद के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विभाग द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उचित दर विक्रेताओं, पूर्ति निरीक्षकों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लोगों को ई-केवाईसी की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दें।
लक्सर, बहादराबाद, रुड़की और भगवानपुर क्षेत्रों में भी लोगों को मोबाइल ऐप के उपयोग और आधार सत्यापन की जानकारी दी जा रही है। कई स्थानों पर जनसहायता शिविर भी लगाए जा रहे हैं ताकि तकनीकी जानकारी न रखने वाले लोगों को मदद मिल सके। खाद्य विभाग का कहना है कि ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी होने के बाद वास्तविक पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक व्यवस्थित तरीके से मिलेगा। इससे राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और अनियमितताओं पर रोक लगेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सत्यापन से सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार कम करने में मदद मिलती है। साथ ही सरकार के पास लाभार्थियों का सही और अद्यतन रिकॉर्ड उपलब्ध रहता है। जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपनी ई-केवाईसी पूरी कर लें। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया बेहद सरल है और मोबाइल ऐप के माध्यम से आसानी से की जा सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों को तकनीकी दिक्कत आ रही है, वे अपने नजदीकी राशन डीलर या पूर्ति कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। विभागीय कर्मचारी लोगों की सहायता के लिए उपलब्ध हैं। विशेषज्ञों के अनुसार राशन कार्डों की ई-केवाईसी प्रक्रिया सार्वजनिक वितरण प्रणाली को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचाने में मदद मिलेगी और भविष्य में राशन वितरण व्यवस्था और अधिक प्रभावी बन सकेगी।
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