हरिद्वार में सफाई और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर अधिकारियों की बैठक लेते जिलाधिकारी मयूर दीक्षित”हरिद्वार में सफाई और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर अधिकारियों की बैठक लेते जिलाधिकारी मयूर दीक्षित”

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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)

हरिद्वार
हरिद्वार जनपद में बढ़ते कचरे और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों के साथ बड़ी समीक्षा बैठक कर साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर कड़ा संदेश दिया है। जिला कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला पंचायत, पंचायतीराज विभाग और खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अगले 15 दिनों के भीतर सफाई व्यवस्था का असर धरातल पर स्पष्ट दिखाई देना चाहिए। यदि किसी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था में लापरवाही मिली तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने बैठक में कहा कि हरिद्वार देश और दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। चारधाम यात्रा के दौरान यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में शहर से लेकर गांव तक स्वच्छता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सफाई व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसका असर आम जनता को दिखाई देना चाहिए।

हरिद्वार में सफाई और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर अधिकारियों की बैठक लेते जिलाधिकारी मयूर दीक्षित”

बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 भारत में कचरा प्रबंधन व्यवस्था में बड़ा बदलाव लेकर आए हैं। 1 अप्रैल 2026 से लागू इन नियमों का मुख्य उद्देश्य कचरे के पृथक्करण, प्रसंस्करण और सुरक्षित निस्तारण को अधिक जवाबदेह और डिजिटल बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नियमों के तहत सभी स्थानीय निकाय अपने क्षेत्रों में प्रभावी कार्य योजना तैयार करें। घरों, फैक्ट्रियों, दुकानों, होटल-ढाबों और अस्पतालों से निकलने वाले कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाए। गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्र करने की व्यवस्था को मजबूती देने के निर्देश भी दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि केवल सामान्य कूड़ा ही नहीं बल्कि मेडिकल वेस्ट, प्लास्टिक कचरा, सेनेटरी नैपकिन और डायपर जैसे अपशिष्टों का भी सुरक्षित निस्तारण जरूरी है। इसके लिए कूड़ा वाहनों में चार अलग-अलग कंटेनर रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि हर प्रकार के कचरे को अलग-अलग तरीके से निस्तारित किया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि कचरे का उचित प्रबंधन नहीं किया गया तो इसका सीधा असर पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर पड़ेगा। इसलिए सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखें और यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी खुले में कूड़ा न फेंका जाए।

हरिद्वार में सफाई व्यवस्था पर सख्त DM मयूर दीक्षित, 15 दिन में दिखे असर

बैठक में जिलाधिकारी ने सबसे सख्त टिप्पणी सफाई व्यवस्था को लेकर की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगले 15 दिनों के भीतर शहर और गांव दोनों क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था का असर दिखाई देना चाहिए। जहां सफाई व्यवस्था ठीक नहीं मिलेगी, वहां संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने नोडल अधिकारी स्वच्छता कंट्रोल रूम को भी निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों से सफाई व्यवस्था की रिपोर्ट समय पर नहीं मिले या जहां लापरवाही बरती जा रही हो, उनकी सूची तैयार कर प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि हरिद्वार चारधाम यात्रा का प्रमुख प्रवेश द्वार है। इसके अलावा हर की पौड़ी पर सालभर देश-विदेश से श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में स्वच्छ वातावरण बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को साफ-सुथरा वातावरण मिलेगा तो वे अपने साथ हरिद्वार की सकारात्मक छवि लेकर जाएंगे। इससे पर्यटन और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रशासन का प्रयास है कि हरिद्वार को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित तीर्थनगरी के रूप में विकसित किया जाए।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि पिछले एक वर्ष में प्रशासन, सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से सफाई अभियान चलाया गया था, लेकिन हाल के समय में उसकी गति धीमी पड़ गई है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि पहले की तरह सामूहिक सहभागिता के साथ सफाई अभियान को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है। यदि आमजन सहयोग करेंगे तो हरिद्वार को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना आसान होगा।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, मुख्य नगर आयुक्त रुड़की राकेश चंद्र तिवारी, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल, नोडल स्वजल चंद्रकांत मणि त्रिपाठी, जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत राकेश खंडूरी, उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी सहित नगर निकायों और विकास खंडों के कई अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने दोहराया कि सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी समयबद्ध तरीके से कार्यों को पूरा करें।

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By ATHAR

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