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पांडुचेरी। भारत ए और ऑस्ट्रेलिया ए के बीच खेली जा रही तीन अनौपचारिक वनडे मैचों की सीरीज में भारतीय टीम को लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा है। शुक्रवार, 9 अक्टूबर को खेले गए दूसरे मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ए ने भारत ए को 69 रन से हराकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलियाई टीम ने तीन मैचों की सीरीज अपने नाम कर ली है।
भारत ए की ओर से मध्य प्रदेश के बल्लेबाज रजत पाटीदार ने लगातार दूसरे मुकाबले में अर्धशतकीय पारी खेली, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। पाटीदार ने दबाव की स्थिति में जिम्मेदारी संभालते हुए 81 गेंदों पर 67 रन बनाए। हालांकि, उनकी पारी टीम को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुई और भारतीय टीम 45.2 ओवर में 206 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ए ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 49.5 ओवर में 275 रन बनाए थे। भारत ए के सामने जीत के लिए 276 रन का लक्ष्य था, लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरने के कारण टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। दूसरे मैच में मिली हार के साथ भारत ए सीरीज भी गंवा चुका है।
रजत पाटीदार ने लगातार दूसरे मैच में जड़ा अर्धशतक
भारत ए की बल्लेबाजी में रजत पाटीदार सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में नजर आए। उन्होंने पहले मुकाबले में भी अर्धशतक लगाकर टीम को संभालने की कोशिश की थी और दूसरे मैच में भी उसी प्रदर्शन को दोहराया। पाटीदार ने 81 गेंदों का सामना करते हुए 67 रन बनाए। उनकी पारी में तीन चौके और एक छक्का शामिल रहा। उन्होंने 82.72 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की।
जब भारतीय टीम के दूसरे बल्लेबाज रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब पाटीदार ने क्रीज पर टिककर पारी को आगे बढ़ाया। उन्होंने परिस्थितियों के अनुरूप बल्लेबाजी की और खराब शुरुआत के बाद टीम को संभालने का प्रयास किया। हालांकि, दूसरे छोर से विकेट गिरने का सिलसिला जारी रहने के कारण भारत ए की मुश्किलें कम नहीं हो सकीं।
पाटीदार की लगातार दो अर्धशतकीय पारियां उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिहाज से सकारात्मक रहीं, लेकिन टीम के सामूहिक प्रदर्शन में निरंतरता की कमी साफ दिखाई दी। सीमित ओवरों के क्रिकेट में किसी एक बल्लेबाज की अच्छी पारी तभी निर्णायक साबित हो सकती है, जब अन्य बल्लेबाज भी उपयोगी योगदान दें। इस सीरीज में भारत ए को इसी मोर्चे पर परेशानी का सामना करना पड़ा।
पांडुचेरी में शुक्रवार को हुए इस मैच में एक बार फिर भारत ए की बल्लेबाजी बुरी तरह फेल हुई है। रजत पाटीदार के अलावा किसी भी बल्लेबाज ने ठीक से बैटिंग नहीं की है और 50 का आंकड़ा नहीं पार कर सके। इस सीरीज में ऐसा दूसरी बार हो रहा है। पिछले मुकाबले में भी रजत पाटीदार के अलावा किसी अन्य भारतीय बल्लेबाज का बल्ला नहीं गरजा था। उस मैच में भी सिर्फ रजत पाटीदार ने ही अर्धशतकीय पारी खेली थी। मुकाबले में उनके अलावा दूसरा सर्वाधिक स्कोर निशांत सिंधु का था, जिन्होंने 43 गेंदों में 31 रनों की पारी खेली थी। 6 अक्टूबर को खेले गए पहले मुकाबले में रजत पाटीदार ने मुश्किल परिस्थितियों में 51 गेंदों में 53 रनों की पारी खेली थी। इस मैच में उन्होंने अपने बल्ले से 5 शानदार चौके और एक छक्का जड़ा था। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 103.92 का था।पहले मैच में ऐसा रहा था अन्य बल्लेबाजों का हाल
दोनों मुकाबलों के प्रदर्शन को देखें तो भारत ए की बल्लेबाजी में सबसे बड़ी समस्या लगातार रन बनाने और साझेदारियां निभाने की रही। पहले मैच में रजत पाटीदार ने 53 रन बनाए, जबकि दूसरे मुकाबले में उन्होंने 67 रन की पारी खेली। इसके बावजूद टीम दोनों मैचों में हार गई। एकदिवसीय क्रिकेट में लक्ष्य का पीछा करते समय शुरुआती विकेटों को बचाना, मध्यक्रम में साझेदारी बनाना और रन गति को बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। यदि बल्लेबाज नियमित अंतराल पर आउट होते रहें, तो अच्छी शुरुआत या किसी एक खिलाड़ी की बड़ी पारी भी टीम को जीत तक पहुंचाने में मुश्किल महसूस कर सकती है।
भारत ए के लिए यह सीरीज बल्लेबाजी के सामूहिक प्रदर्शन को परखने का अवसर भी रही। लगातार दो हार से टीम को अपनी रणनीति, बल्लेबाजी क्रम और साझेदारी बनाने की क्षमता पर ध्यान देने की जरूरत का संकेत मिलता है। हालांकि, किसी खिलाड़ी के प्रदर्शन का आकलन केवल टीम के नतीजे से नहीं, बल्कि उसकी भूमिका और परिस्थितियों को ध्यान में रखकर भी किया जाना चाहिए।
बता दें कि इस मैच में साई सुदर्शन 1, प्रभसिमरन सिंह 17, कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ 15, देवदत्त पडिक्कल शून्य, सूर्यांश शेडगे 3, विप्रज निगम 13, अनुकूल रॉय 5 और अरशद खान और यश ठाकुर ने 0-0 रन बनाए थे। रजत पाटीदार की पारी के अलावा अन्य सभी बल्लेबाजों ने निराशाजनक प्रदर्शन किया था, जिसके कारण पहले अनौपचारिक वनडे मैच में भारत ए की टीम को ऑस्ट्रेलिया ए के हाथों 125 रनों से विशाल हार का सामना करना पड़ा था।
पाटीदार का प्रदर्शन सकारात्मक, लेकिन टीम को चाहिए सामूहिक योगदान
रजत पाटीदार के लिए लगातार दो अर्धशतक लगाना व्यक्तिगत रूप से अहम उपलब्धि रही। दोनों मुकाबलों में उन्होंने दबाव के बीच रन बनाने की कोशिश की और भारतीय पारी को संभालने की जिम्मेदारी निभाई। पहले मैच में 53 और दूसरे मैच में 67 रन बनाकर उन्होंने अपनी निरंतरता दिखाई।
लेकिन क्रिकेट एक टीम खेल है और केवल एक बल्लेबाज के प्रदर्शन से मुकाबला जीतना आसान नहीं होता। भारत ए को सीरीज में वापसी करने के लिए अन्य बल्लेबाजों से भी योगदान की जरूरत थी, जो दोनों मैचों में पर्याप्त रूप से नहीं मिल सका। ऑस्ट्रेलिया ए ने दोनों मुकाबलों में बेहतर नतीजे हासिल करते हुए अपनी बढ़त को जीत में बदल दिया। वहीं भारत ए के लिए यह सीरीज बल्लेबाजी में सुधार और टीम के तौर पर अधिक संतुलित प्रदर्शन करने की चुनौती लेकर आई।
दूसरे मुकाबले में भी पाटीदार ने ठोकी फिफ्टी 9 अक्टूबर को पांडुचेरी में शुरू हुए दूसरे मुकाबले में उम्मीद थी कि भारतीय टीम अच्छा प्रदर्शन करेगी लेकिन एक बार फिर रजत पाटीदार के अलावा अन्य बल्लेबाजों ने प्रशंसकों और टीम मैनेजमेंट को बुरी तरह से निराश किया। शुक्रवार को सुबह 9 बजे से शुरू हुए मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ए की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 49.5 ओवर में 275 रन बनाए। 276 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया की बैटिंग लाइन-अप 45.2 ओवर में 206 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। इस तरह ऑस्ट्रेलिया ए ने इस मुकाबले को 69 रनों से जीत लिया। इस मैच में भी रजत पाटीदार के अलावा किसी और का बल्ला नहीं चला।
रजत पाटीदार ने एक बार फिर मुश्किल परिस्थितियों में अपनी क्लास का परिचय दिया और 81 गेंदों में 67 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेली। उन्होंने अपनी इस पारी के दौरान 3 चौके और 1 छक्का जड़ा। उन्होंने मुकाबले में 82.72 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की।
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