रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
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हरिद्वार 2026। हरिद्वार जिले में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने घर-घर कचरा संग्रहण, अपशिष्ट पृथक्करण और कूड़ा निस्तारण व्यवस्था की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी एवं ग्रामीण) के तहत चल रहे विभिन्न कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, कूड़ा निस्तारण और जन-जागरूकता गतिविधियों सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर अधिकारियों के साथ चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित निकायों और विभागों को निर्धारित कार्यों में तेजी लाने तथा समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में शत-प्रतिशत कचरा संग्रहण पर जोर
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर शत-प्रतिशत घर-घर कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वार्ड और ग्राम पंचायत में नियमित रूप से कूड़ा उठाने की व्यवस्था होनी चाहिए। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में बुधवार को जिला कार्यालय सभागार में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी एवं ग्रामीण) के अंतर्गत स्वच्छता से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन में जनपद में संचालित स्वच्छता कार्यों, घर-घर कचरा संग्रहण, अपशिष्ट प्रबंधन तथा जन-जागरूकता गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक में यूजर चार्ज संग्रहण की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी निकायों को लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत यूजर चार्ज वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था को आत्मनिर्भर एवं प्रभावी बनाने के लिए संग्रहण व्यवस्था को पारदर्शी और नियमित रखने पर बल दिया। जिलाधिकारी ने चार-स्तरीय अपशिष्ट पृथक्करण (4-Way Segregation) को जनपद में प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने घर-घर स्तर पर गीले, सूखे, घरेलू जोखिमयुक्त एवं सैनिटरी अपशिष्ट के पृथक्करण को सुनिश्चित करने तथा इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने को कहा।
यूजर चार्ज वसूली व्यवस्था की भी समीक्षा
समीक्षा बैठक में निकायों द्वारा यूजर चार्ज संग्रहण की स्थिति पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत यूजर चार्ज वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में चार-स्तरीय अपशिष्ट पृथक्करण (4-Way Segregation) को प्रभावी तरीके से लागू करने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि घर-घर स्तर पर कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में अलग करने के लिए लोगों को जागरूक किया जाए। इस व्यवस्था में गीला कचरा, सूखा कचरा, घरेलू जोखिमयुक्त अपशिष्ट और सैनिटरी अपशिष्ट को अलग-अलग रखने पर जोर दिया गया है। इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन का मानना है कि स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण होने से उसके आगे के संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण और निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकता है।

बैठक में कम्पोस्ट पिटों की कार्यशीलता, वेस्ट ट्रांसपोर्टेशन और प्रोसेसिंग प्लांट, कूड़ा निस्तारण केंद्रों, सैनिटरी लैंडफिल तथा उपलब्ध कम्पोस्ट पिटों की स्थिति की समीक्षा की गई। इसके अलावा पुराने कचरे यानी लिगेसी वेस्ट और अवैध कूड़ा डंप साइटों के निस्तारण को लेकर भी अधिकारियों से जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित डंप साइटों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाए और स्वच्छता से जुड़े निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल कचरा उठाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके संग्रहण से लेकर परिवहन, प्रसंस्करण और अंतिम निस्तारण तक पूरी व्यवस्था को प्रभावी बनाना जरूरी है।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों एवं निकायों को निर्देशित किया कि न्यायालय के आदेशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करते हुए स्वच्छता से जुड़े सभी कार्यों में तेजी लाई जाए तथा निर्धारित समयसीमा में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, जिला पंचायत राज अधिकारी एम.एम.खान,उप नगर आयुक्त नगर निगम दीपक गोस्वामी,स्वजल नोडल अधिकारी चन्द्र मणि त्रिपाठी, नगर निगम, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों एवं जिला पंचायतों के अधिशासी अधिकारी (ईओ) तथा सभी खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।
स्कूलों में जागरूकता अभियान को बढ़ाने के निर्देश
स्वच्छता को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए विद्यालयों और समुदायों में गतिविधियों को और व्यापक स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए गए। आईईसी गतिविधियों के तहत स्वच्छता शपथ, स्वच्छता रैली, दीवार लेखन, जन-जागरूकता अभियान और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इन गतिविधियों के माध्यम से लोगों को कचरा अलग-अलग रखने, स्वच्छता बनाए रखने और निर्धारित स्थान पर ही कचरा देने के प्रति जागरूक किया जाए।

उन्होंने संबंधित विभागों और स्थानीय निकायों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा, ताकि स्वच्छता व्यवस्था में आने वाली समस्याओं का समय रहते समाधान किया जा सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, जिला पंचायत राज अधिकारी एम.एम. खान, उप नगर आयुक्त नगर निगम दीपक गोस्वामी, स्वजल नोडल अधिकारी चन्द्र मणि त्रिपाठी सहित नगर निगम, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों और जिला पंचायतों के अधिशासी अधिकारी तथा सभी खंड विकास अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन के निर्देशों के बाद अब जनपद में घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे के पृथक्करण, कूड़ा निस्तारण और जन-जागरूकता गतिविधियों की निगरानी को और प्रभावी बनाने पर जोर रहेगा। स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए संबंधित विभागों को निर्धारित कार्यों की नियमित समीक्षा और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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