डीपीएस रानीपुर हरिद्वार के गोल्डन जुबली समारोह का उद्घाटन करते वी.के. शुंगलूडीपीएस रानीपुर हरिद्वार में तीन दिवसीय गोल्डन जुबली समारोह के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि वी.के. शुंगलू।

रिपोर्टर (सचिन शर्मा)

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हरिद्वार । दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), रानीपुर, हरिद्वार का तीन दिवसीय गोल्डन जुबली समारोह बुधवार को भव्यता, गरिमा और उत्साह के साथ शुरू हुआ। विद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में शिक्षा, संस्कृति और विद्यार्थियों की प्रतिभा का सुंदर समागम देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डीपीएस सोसाइटी के चेयरमैन एवं पूर्व आईएएस अधिकारी वी.के. शुंगलू ने दीप प्रज्वलित कर किया। गोल्डन जुबली समारोह को लेकर विद्यालय परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा आमंत्रित अतिथियों की मौजूदगी रही। समारोह के दौरान विद्यालय की उपलब्धियों, शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं को भी प्रमुखता से सामने रखा गया।

उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि वी.के. शुंगलू ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं है, बल्कि ज्ञान और समझ को लगातार बढ़ाकर जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान का विस्तार करने तथा समाज में व्याप्त विभिन्न चुनौतियों को समझते हुए सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय तेजी से बदल रहा है और विद्यार्थियों के सामने नई तरह की चुनौतियां और अवसर दोनों मौजूद हैं। ऐसे में शिक्षा के साथ-साथ जिज्ञासा, अनुशासन, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना आवश्यक है। विद्यार्थियों को अपने आसपास के समाज और देश की जरूरतों को समझते हुए अपने ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग सकारात्मक बदलाव के लिए करना चाहिए।

वी.के. शुंगलू ने कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यहां मिलने वाली शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि विद्यार्थियों के व्यवहार, सोच और भविष्य की दिशा को भी प्रभावित करती है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, प्रश्न पूछने और नई जानकारी हासिल करने के लिए प्रेरित किया। मुख्य अतिथि के तौर पर डीपीएस सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व आईएएस अधिकारी वी के शुंगलू ने स्कूल के 50 साल पूरे होने पर प्रोग्राम्स की एक सीरीज़, स्वर्ण पंख को बनाने में टीचर्स और स्टूडेंट्स की कोशिशों की तारीफ़ की। एजुकेशन का मतलब ज़्यादा जानना नहीं, बल्कि और बनना है।

समारोह के दौरान डीपीएस रानीपुर के प्रधानाचार्य डॉ. अनुपम जग्गा की कार्यशैली और विद्यालय के संचालन में उनके योगदान की अतिथियों ने सराहना की। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों और आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर प्रधानाचार्य के प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। डॉ. अनुपम जग्गा ने समारोह में विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों, अभिभावकों और अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गोल्डन जुबली केवल एक वर्षगांठ का आयोजन नहीं, बल्कि विद्यालय की अब तक की यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य की जिम्मेदारियों को समझने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

डीपीएस सोसाइटी के अध्यक्ष ने कहा कि संस्थाएं चिरायु होती है और वह निरंतर बढ़ती रहती हैं और 50 साल 100 साल के उत्सव मनाती हैं, संस्थाओं का कोई स्वामी नहीं होता है संस्थाओं को समाज बनता है और जब तक समाज रहेगा तब तक संस्थाएं चलती रहती है, उन्होंने कहा कि हमें ए आई को बड़ी सतर्कता के साथ अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में व्याप्त चुनौतियों को ज्ञान के द्वारा समाप्त किया जा सकता है और हमें अपने ज्ञान को अधिक से अधिक बढ़ाना चाहिए।

गोल्डन जुबली जैसे आयोजन विद्यार्थियों को अपने विद्यालय की विरासत और उपलब्धियों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिलता है कि किसी संस्थान की पहचान केवल उसकी इमारत या सुविधाओं से नहीं, बल्कि वहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों और समाज में उनके योगदान से बनती है। डीपीएस रानीपुर का यह आयोजन इसी भावना को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है। समारोह के उद्घाटन के साथ ही तीन दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। आने वाले दिनों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को लेकर भी विद्यालय परिवार और विद्यार्थियों में उत्साह बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि आज शिक्षा के क्षेत्र में कई चुनौतियां हैं और हमें इन चुनौतियों का सामना करते हुए अपने सपनों की उड़ान को पीछे नहीं छोड़ना है। उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक इंटेलिजेंस अभिनव कुमार ने कहा कि आज हमारे सामने तीन चुनौतियों प्रमुख रूप से है जिनमें कृत्रिम बौद्धिकता (एआई), पर्यावरण और नशा प्रमुख रूप से हैं जिनका हमें दृढ़ता के साथ मुकाबला करना है और हमें सभ्य साइबर नागरिकोँ का निर्माण करना है।

इस अवसर पर आयोजित इस लिटरेरी फेस्ट में कई लिटरेचर, सोशल एक्टिविस्ट, डॉक्टर, इंजीनियर, एजुकेशनिस्ट शामिल हुए और बच्चों के द्वारा लिखी गई किताब का विमोचन किया गया । इस इवेंट की खासियतें नए लेखकों की लिखी किताबों का लॉन्च, थॉट लीडरशिप कॉन्क्लेव, थिएटर फेस्टिवल, मुशायरा और कवि सम्मेलन हैं। इस सुबह विद्यालय परिसर में पुस्तक मेले का उद्घाटन किया गया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने मनमोहन सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया और इस अवसर पर डीपीएस रानीपुर की 50 साल की यात्रा को लेकर आकर्षक वृत चित्र दिखाया गया। इस अवसर पर हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित हरिद्वार के जिला जज न्यायमूर्ति नरेंद्र दत्त और हरिद्वार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर डीपीएस रानीपुर के पूर्व प्रिंसिपल, के सी पांडे, श्रीमती मनीषा जग्गा, श्रीमती उमा पांडे मोटिवेशनल स्पीकर पद्मजी सेहरावत सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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By ATHAR

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