हरिद्वार में कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के दौरान अपर रोड और हरकी पैड़ी क्षेत्र का निरीक्षण करतीं मेलाधिकारी सोनिकाहरिद्वार में कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के दौरान अपर रोड और हरकी पैड़ी क्षेत्र का निरीक्षण करतीं मेलाधिकारी सोनिका

रिपोर्टर (सचिन शर्मा)

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हरिद्वार 2026। कुंभ मेला-2027 को लेकर हरिद्वार में तैयारियां लगातार तेज हो रही हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित निकासी की व्यवस्था को लेकर मेला प्रशासन की ओर से विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने बुधवार देर शाम अपर रोड, भूरे वाली खोल और हरकी पैड़ी क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने क्षेत्र में मौजूद मार्गों, उनकी आपसी कनेक्टिविटी और संभावित वैकल्पिक रास्तों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से जानकारी लेते हुए यह देखा कि आपातकालीन स्थिति में श्रद्धालुओं और आम लोगों की सुरक्षित एवं व्यवस्थित निकासी के लिए किन मार्गों का उपयोग किया जा सकता है। प्रशासन की ओर से संभावित वैकल्पिक निकासी मार्गों की व्यवहार्यता का परीक्षण करने पर जोर दिया गया।

निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने व्यापारियों और स्थानीय लोगों से संवाद कर उनका फीडबैक भी लिया। व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष श्री संजय नैयर सहित अन्य व्यापारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने क्षेत्र की परिस्थितियों और आवागमन से जुड़ी समस्याओं से उन्हें अवगत कराया तथा विभिन्न सुझाव दिए। मेलाधिकारी ने कहा कि कुंभ की तैयारियों में स्थानीय लोगों के सुझाव महत्वपूर्ण हैं और व्यावहारिक सुझावों को व्यवस्थाओं में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।

कुंभ मेला-2027 में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना को देखते हुए यातायात और भीड़ प्रबंधन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में सामान्य आवागमन के मार्गों के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों में इस्तेमाल किए जा सकने वाले वैकल्पिक मार्गों की पहचान और तैयारी पर भी ध्यान दिया जा रहा है। मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि संभावित वैकल्पिक निकासी मार्गों की व्यवहार्यता का विस्तार से परीक्षण किया जाए। इसके तहत मार्गों की चौड़ाई, पहुंच, आपसी कनेक्टिविटी और आवश्यकता पड़ने पर उनके उपयोग की संभावनाओं का आकलन करने को कहा गया। प्रशासन का उद्देश्य यह है कि किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति में भीड़ को नियंत्रित तरीके से सुरक्षित स्थानों की ओर ले जाने के लिए पर्याप्त विकल्प उपलब्ध रहें। इसके लिए क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और मौजूदा मार्ग व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारियां करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

मेलाधिकारी ने बुधवार देर शाम अपर रोड, भूरे वाली खोल और हरकी पैड़ी क्षेत्र का दौरा किया। इन क्षेत्रों में उन्होंने विभिन्न मार्गों की स्थिति और उनके आसपास की व्यवस्थाओं को देखा। अधिकारियों से मार्गों की वर्तमान स्थिति तथा संभावित आपातकालीन उपयोग के बारे में जानकारी ली गई। हरकी पैड़ी और अपर रोड हरिद्वार के प्रमुख क्षेत्र हैं, जहां कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की आवाजाही बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में इन क्षेत्रों में यातायात और पैदल आवागमन को व्यवस्थित बनाए रखने के साथ आपातकालीन स्थिति के लिए अतिरिक्त विकल्प तैयार करना प्रशासन की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि संभावित वैकल्पिक मार्गों को केवल कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनकी वास्तविक स्थिति और उपयोगिता का मौके पर परीक्षण किया जाए।

स्थलीय निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों से भी संवाद किया। उन्होंने क्षेत्र में आवागमन, स्थानीय परिस्थितियों और प्रस्तावित व्यवस्थाओं को लेकर लोगों के सुझाव सुने। व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष श्री संजय नैयर सहित अन्य व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं और आवागमन संबंधी विषयों को मेलाधिकारी के सामने रखा। स्थानीय लोगों ने अपने स्तर से विभिन्न सुझाव भी दिए। मेलाधिकारी ने कहा कि कुंभ मेले की तैयारियों में स्थानीय लोगों की भागीदारी और उनके व्यावहारिक सुझाव महत्वपूर्ण हैं। क्षेत्र में रहने वाले लोगों और व्यापारियों को स्थानीय परिस्थितियों की बेहतर जानकारी होती है, इसलिए उनके फीडबैक को योजनाओं को बेहतर बनाने में उपयोगी माना जा रहा है।

कुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखना प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी होती है। सामान्य दिनों की तुलना में मेले के दौरान प्रमुख बाजारों, धार्मिक स्थलों और प्रमुख मार्गों पर लोगों की संख्या बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में प्रशासन की तैयारियों में भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, पैदल मार्ग और आपातकालीन निकासी जैसे विषयों को शामिल किया जा रहा है। संभावित वैकल्पिक मार्गों की पहचान इसी व्यापक तैयारी का हिस्सा है। मेलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि मार्गों की चौड़ाई, पहुंच और कनेक्टिविटी का व्यावहारिक आकलन किया जाए। आवश्यकता के समय कौन-सा मार्ग किस दिशा में उपयोग किया जा सकता है, इस तरह के पहलुओं पर भी पहले से विचार किया जाना जरूरी है।

निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र की व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला-2027 से जुड़े कार्यों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाए और जहां आवश्यक हो, वहां स्थानीय लोगों की समस्याओं और सुझावों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था में सुधार किया जाए। आपातकालीन निकासी मार्गों के संबंध में भी अधिकारियों को मौके की स्थिति के अनुसार आवश्यक परीक्षण और आकलन करने को कहा गया। इससे भविष्य में किसी आपात स्थिति के दौरान उपलब्ध संसाधनों और मार्गों का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकेगा।

कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के दौरान मेला प्रशासन द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। इसके साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और नागरिकों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं को समझने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय स्तर से मिलने वाला फीडबैक यातायात, पार्किंग, पैदल आवागमन, सफाई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य जनसुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को बेहतर बनाने में मददगार हो सकता है। प्रशासन का प्रयास है कि मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को भी सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध हो।

कुंभ मेला-2027 की तैयारियों में आपातकालीन निकासी के लिए वैकल्पिक मार्गों पर फोकस इसी सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आने वाले समय में मार्गों की स्थिति और उनकी उपयोगिता का आकलन कर आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान अपर मेलाधिकारी श्री दयानंद सरस्वती, पीआईयू के अधिशासी अभियंता श्री प्रवीण कुश सहित अन्य अधिकारी, व्यापारी प्रतिनिधि एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

मेला प्रशासन की ओर से किए जा रहे स्थलीय निरीक्षण और स्थानीय लोगों से संवाद का उद्देश्य कुंभ मेले के दौरान यातायात, सुरक्षा और जनसुविधाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाना है। प्रशासन द्वारा संभावित आपात परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पहले से वैकल्पिक व्यवस्थाओं की पड़ताल की जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं और आमजन की आवाजाही को सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सके।

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By ATHAR

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