हरिद्वार के जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में कांवड़ यात्रा के दौरान राहत बचाव अभियानहरिद्वार के जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में कांवड़ यात्रा के दौरान राहत बचाव अभियान

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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)

हरिद्वार। कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार में एक दुखद हादसा सामने आया है। ज्वालापुर क्षेत्र के जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में स्नान करने के दौरान चंडीगढ़ से आए चार किशोर कांवड़ियों की डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि एक किशोर को पानी में परेशानी में देखकर उसके तीन साथी उसे बचाने के लिए आगे बढ़े, लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण चारों पानी में चले गए। घटना की सूचना मिलते ही जल पुलिस, स्थानीय पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे। काफी प्रयास के बाद चारों किशोरों को गंगनहर से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे की सूचना मृतकों के परिजनों को दे दी गई है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

हरिद्वार; आस्था की डगर पर निकले चार किशोर कांवड़ियों का सफर मातम में बदल गया। गंगाजल लेकर घर लौटने से पहले गंगनहर में स्नान के दौरान एक साथी को बचाने की कोशिश में चारों किशोर काल के गाल में समा गए। ज्वालापुर क्षेत्र के जटवाड़ा पुल के पास हुए इस हृदयविदारक हादसे ने कांवड़ मेले के बीच हर किसी की आंखें नम कर दीं।

चंडीगढ़ से कांवड़ लेने हरिद्वार आया था दल

जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ से करीब 17 कांवड़ यात्रियों का एक दल गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार पहुंचा था। दल में किशोर और अन्य श्रद्धालु शामिल थे। गंगाजल लेने के बाद यात्री ज्वालापुर क्षेत्र में जटवाड़ा पुल के पास पहुंचे। बताया गया कि दल के कुछ सदस्य गंगनहर में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान एक किशोर पानी की गहराई वाले हिस्से में चला गया और डूबने लगा। उसे परेशानी में देखकर उसके तीन साथी भी उसे बचाने के प्रयास में पानी में उतर गए। पानी की गहराई और बहाव का सही अनुमान नहीं लग पाने के कारण चारों किशोर मुश्किल में फंस गए। देखते ही देखते चारों गंगनहर के पानी में लापता हो गए। घटना के बाद मौके पर मौजूद अन्य कांवड़ यात्रियों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और तत्काल पुलिस तथा बचाव दल को सूचना दी गई।

हरिद्वार के जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में कांवड़ यात्रा के दौरान राहत बचाव अभियान

हादसे की सूचना मिलने के बाद जल पुलिस और स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। राहत एवं बचाव दल को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। टीमों ने गंगनहर में लापता किशोरों की तलाश शुरू की। अभियान के दौरान पानी के बहाव और घटनास्थल की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तलाश की गई। काफी प्रयास के बाद चारों किशोरों को पानी से बाहर निकाला गया। हालांकि, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। घटना की सूचना संबंधित परिजनों को दी गई है।

जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ से करीब 17 कांवड़ यात्रियों का एक दल गंगाजल लेने हरिद्वार आया था। गंगाजल भरने के बाद सभी जटवाड़ा पुल के समीप गंगनहर में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान एक किशोर गंगनहर में बने गहरे गड्ढे में फंसकर डूबने लगा। उसे बचाने के लिए उसके तीन साथी भी पानी में उतर गए, लेकिन वे भी गहराई का अंदाजा नहीं लगा सके और चारों देखते ही देखते पानी में लापता हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

के रूप में हुई है। मृतकों में—शिवांशु, उम्र करीब 16 वर्ष, पुत्र पवन सिंह नीतेश, पुत्र राजेश भरत, पुत्र हरीश, निवासी सेक्टर-16, चंडीगढ़ रोहित, पुत्र भवानी प्रजापति, निवासी सेक्टर-26, चंडीगढ़ शामिल हैं चारों अपने अन्य साथियों के साथ हरिद्वार कांवड़ यात्रा के लिए आए थे। हादसे की जानकारी मिलने के बाद परिजनों में शोक का माहौल है। एसपी सिटी अभय सिंह के अनुसार, गंगनहर से चारों शव बरामद कर लिए गए हैं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पुलिस आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है। पुलिस के अनुसार, घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और पानी में उतरने के दौरान क्या स्थिति बनी थी, इसकी जानकारी जांच के बाद और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने घटनास्थल से संबंधित जानकारी जुटाने के साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों और साथ आए लोगों से भी जानकारी लेने की प्रक्रिया शुरू की है।

हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगाजल लेने पहुंचते हैं। यात्रा के दौरान गंगा और गंगनहर के आसपास श्रद्धालुओं की आवाजाही भी बढ़ जाती है। ऐसे में जलधाराओं के किनारे सुरक्षा को लेकर प्रशासन और पुलिस की ओर से लगातार सावधानी बरतने की अपील की जाती है। विशेषज्ञों और बचाव दलों की ओर से भी श्रद्धालुओं को निर्धारित और सुरक्षित स्नान घाटों का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। तेज बहाव, अधिक गहराई और फिसलन वाले स्थानों पर पानी में उतरना जोखिमपूर्ण हो सकता है। किसी व्यक्ति के पानी में फंसने की स्थिति में उसे बचाने के लिए बिना प्रशिक्षण के सीधे पानी में उतरना भी खतरनाक हो सकता है। ऐसी स्थिति में तत्काल जल पुलिस, SDRF अथवा स्थानीय राहत-बचाव टीम को सूचना देना अधिक सुरक्षित माना जाता है।

[2:51 PM, 8/1/2026] Athar Khan Sir: सूचना मिलते ही जल पुलिस, स्थानीय पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचा। काफी देर तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद चारों किशोरों के शव गंगनहर से बरामद कर लिए गए। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है और परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई [2:51 PM, 8/1/2026] Athar Khan Sir: मृतकों की पहचान शिवांशु (16 वर्ष) पुत्र पवन सिंह, नीतेश पुत्र राजेश, भरत पुत्र हरीश (सेक्टर-16, चंडीगढ़) व रोहित पुत्र भवानी प्रजापति (सेक्टर-26, चंडीगढ़) के रूप में हुई है। सभी कांवड़िए चंडीगढ़ से अपने साथियों के साथ हरिद्वार गंगाजल लेने आए थे।

चार किशोरों की मौत के बाद पुलिस और संबंधित बचाव टीमों ने घटनास्थल की परिस्थितियों का जायजा लिया। कांवड़ यात्रा के दौरान गंगनहर और अन्य जल स्रोतों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान और जल भरने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे हादसों को रोकने के लिए श्रद्धालुओं को भी प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करना चाहिए। खासकर गहरे पानी, तेज बहाव और प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से बचना जरूरी है। हादसे के बाद पुलिस ने मृतकों की पहचान की प्रक्रिया पूरी करते हुए उनके परिजनों को घटना की जानकारी दी। पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जाएगी। हादसे की सूचना के बाद चंडीगढ़ में भी मृतकों के परिवारों और परिचितों के बीच शोक का माहौल है। कांवड़ यात्रा के लिए हरिद्वार पहुंचे चार किशोरों की इस घटना ने उनके साथ आए यात्रियों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है।

कांवड़ यात्रा आस्था और धार्मिक श्रद्धा से जुड़ा बड़ा आयोजन है। इस दौरान हरिद्वार में लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही होती है। ऐसे में यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन के निर्देशों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। गंगा और गंगनहर में स्नान करते समय पानी की स्थिति को समझना जरूरी है। निर्धारित घाटों के बाहर स्नान करने से बचना चाहिए। बच्चों और किशोरों को अकेले पानी के नजदीक नहीं जाने देना चाहिए तथा किसी भी तरह की परेशानी होने पर स्वयं बचाव करने के बजाय प्रशिक्षित बचाव दल की मदद लेनी चाहिए।

हरिद्वार के जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में स्नान के दौरान चंडीगढ़ से आए चार किशोर कांवड़ियों की मौत का मामला सामने आया है। पुलिस और राहत-बचाव दल ने चारों को पानी से बाहर निकाला और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। पुलिस के अनुसार मामले की आवश्यक जांच जारी है। कांवड़ यात्रा के बीच प्रशासन और पुलिस की ओर से श्रद्धालुओं से सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करने और गहरे या तेज बहाव वाले पानी से दूर रहने की अपील की गई है।

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By ATHAR

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