रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
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हरिद्वार 2026। अपराध नियंत्रण और गौकशी व गोवंश संबंधी अपराधों की रोकथाम को लेकर हरिद्वार पुलिस ने निगरानी व्यवस्था और सख्त कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर कोतवाली भगवानपुर पुलिस ने पिछले पांच वर्षों में गौकशी अथवा गोवंश संबंधी अपराधों में संलिप्त रहे पूर्व अभियुक्तों का सत्यापन कराया। इस दौरान वर्तमान में जमानत पर बाहर चल रहे 45 पूर्व अभियुक्तों को कोतवाली परिसर में बुलाकर उनकी परेड और भौतिक सत्यापन कराया गया।
पुलिस के अनुसार अभियान का उद्देश्य ऐसे व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखना और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। सत्यापन के दौरान पूर्व अभियुक्तों के फिंगर प्रिंट लिए गए, अलग-अलग कोणों से फोटो खींचे गए और उनके वर्तमान निवास तथा व्यवसाय से जुड़ी जानकारी का सत्यापन किया गया। पुलिस ने सभी संबंधित व्यक्तियों को कानून का पालन करने और किसी भी आपराधिक गतिविधि से दूर रहने के निर्देश भी दिए।
सभी पूर्व अभियुक्तों के फिंगर प्रिन्ट लिए गए तथा उनका डोजियर तैयार किया गया, जिससे आवश्यकता पड़ने पर घटनास्थल से प्राप्त फिंगर प्रिन्ट का मिलान कर जांच में सहायता प्राप्त की जा सके। सभी व्यक्तियों के अलग-अलग एंगल से फोटोग्राफ लिए गए, ताकि भविष्य में पहचान एवं निगरानी में सहायता मिल सके।
सभी व्यक्तियों के अलग-अलग एंगल से फोटोग्राफ लिए गए, ताकि भविष्य में पहचान एवं निगरानी में सहायता मिल सके। सभी पूर्व अभियुक्तों के वर्तमान निवास स्थान का भौतिक सत्यापन कर पते एवं उपलब्ध जानकारी का मिलान किया गया।सभी से उनके वर्तमान व्यवसाय, कार्य एवं आजीविका के साधनों के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई तथा कानून का पालन करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सभी पूर्व अभियुक्तों को निर्देशित किया गया कि वे प्रत्येक माह की 05 तारीख को अनिवार्य रूप से कोतवाली भगवानपुर में उपस्थित होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे, जिससे उनकी गतिविधियों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

संबंधित बीट आरक्षियों को निर्देशित किया गया कि उक्त व्यक्तियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाए। सभी पूर्व अभियुक्तों को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई कि भविष्य में गौकशी, गोवंश तस्करी अथवा कानून-व्यवस्था एवं सामाजिक सौहार्द प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि में संलिप्तता पाए जाने पर प्रचलित कानून के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।हरिद्वार पुलिस द्वारा अपराधियों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखते हुए क्षेत्र में कानून-व्यवस्था एवं शांति बनाए रखने के लिए निरंतर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
रोजगार और आजीविका की भी ली गई जानकारी
भौतिक सत्यापन के साथ पुलिस ने पूर्व अभियुक्तों से उनके वर्तमान व्यवसाय, कार्य और आजीविका के साधनों के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। पुलिस ने संबंधित व्यक्तियों को कानून का पालन करने और किसी भी आपराधिक गतिविधि से दूर रहने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि किसी व्यक्ति की किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्तता सामने आती है तो उपलब्ध साक्ष्यों और प्रचलित कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान पुलिस की ओर से व्यक्तिगत जानकारी को रिकॉर्ड में अपडेट करने पर भी जोर दिया गया, ताकि निगरानी व्यवस्था को व्यवस्थित रखा जा सके।
गौकशी और गोवंश तस्करी के खिलाफ निगरानी
भगवानपुर क्षेत्र में गौकशी और गोवंश संबंधी अपराधों की रोकथाम को लेकर पुलिस की ओर से निगरानी व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सत्यापन अभियान में शामिल सभी पूर्व अभियुक्तों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे भविष्य में गौकशी, गोवंश तस्करी या कानून-व्यवस्था एवं सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली किसी गतिविधि में शामिल न हों। पुलिस ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी व्यक्ति की ऐसी गतिविधियों में संलिप्तता सामने आती है तो संबंधित कानूनों के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस कार्रवाई का एक उद्देश्य क्षेत्र में किसी भी संभावित आपराधिक गतिविधि पर समय रहते नजर रखना और स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करना भी है।
हरिद्वार पुलिस के अनुसार अपराध नियंत्रण के लिए थाना स्तर पर निगरानी, सत्यापन और बीट पुलिसिंग को प्रभावी बनाया जा रहा है। इसी क्रम में भगवानपुर कोतवाली में 45 पूर्व अभियुक्तों का सत्यापन किया गया। पुलिस ने कहा कि क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे। पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर इसकी सूचना पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
भगवानपुर में चलाए गए इस सत्यापन अभियान के दौरान पुलिस ने पूर्व अभियुक्तों की पहचान, फिंगर प्रिंट, फोटो, वर्तमान पता और व्यवसाय संबंधी जानकारी को रिकॉर्ड में शामिल किया। साथ ही नियमित उपस्थिति और बीट स्तर पर निगरानी की व्यवस्था के जरिए पुलिस ने अपराध नियंत्रण की अपनी निगरानी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। हरिद्वार पुलिस के अनुसार क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, सामाजिक शांति और अपराध नियंत्रण के लिए निगरानी एवं सत्यापन की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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