असम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्य करते प्रशासनिक अधिकारी और बचाव दलअसम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्य करते प्रशासनिक अधिकारी और बचाव दल

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गुवाहाटी | संवाददाता

असम में लगातार हो रही भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, इस वर्ष बाढ़ और इससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 80 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 8 जिलों के 2.12 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है। प्रभावित इलाकों में राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जबकि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, भोजन, पेयजल और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने का कार्य लगातार जारी है। दूसरी ओर, कई नदियों का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान के आसपास या उससे ऊपर बना हुआ है, जिससे प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 80 हुई, आठ जिलों में 2.12 लाख से अधिक लोग प्रभावित गुवाहाटी ,31 जुलाई ,(आरएनएस)। असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। अब तक आठ जिलों में 2.12 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इस साल मरने वालों की कुल संख्या भी बढ़कर 80 हो गई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, गोलाघाट, शिवसागर, विश्वनाथ, चराइदेव, कामरूप (मेट्रो), जोरहाट, धेमाजी और नागांव जिलों में कुल 2,12,441 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इस आपदा ने 21 राजस्व मंडलों (रेवेन्यू सर्कल) में 437 गांवों को प्रभावित किया है, जबकि बाढ़ के कारण 17,198.09 हेक्टेयर फसल खराब हुई है।

8 जिलों में बाढ़ का व्यापक असर

ASDMA की ताजा रिपोर्ट के अनुसार गोलाघाट, शिवसागर, विश्वनाथ, चराइदेव, कामरूप (मेट्रो), जोरहाट, धेमाजी और नागांव जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं। इन जिलों में:2,12,441 से अधिक लोग प्रभावित 437 गांव जलमग्न 21 राजस्व मंडल प्रभावित 17,198 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि प्रभावित बाढ़ का सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों पर देखा जा रहा है, जहां खेत, सड़कें और आवासीय क्षेत्र पानी में डूबे हुए हैं। ASDMA के अनुसार पिछले 24 घंटों में शिवसागर जिले में दो और लोगों की मौत दर्ज की गई, जिसके बाद इस वर्ष बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या 80 हो गई है। प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों और तेज बहाव वाली नदियों के पास जाने से बचने की अपील की है।

एएसडीएमए ने बताया कि पिछले 24 घंटों में शिवसागर जिले में दो और लोगों की मौत हो गई, जिससे इस सीजन में राज्य में बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या 80 हो गई है। अधिकारी प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्य जारी रखे हुए हैं। विस्थापित परिवारों को आश्रय देने के लिए 21 जगहों पर राहत शिविर खोले गए हैं, जबकि जिला प्रशासन प्रभावित लोगों को भोजन, पीने का पानी और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध करा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि शहरी इलाकों में बाढ़ का असर कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले के कुछ हिस्सों में बना हुआ है।

राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को तेज कर दिया है। प्रशासन द्वारा 21 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। विस्थापित परिवारों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया गया है। भोजन, पेयजल, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की जा रही है। संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। आपदा प्रबंधन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से राहत कार्यों में लगे हुए हैं। लगातार जलभराव के कारण हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार लगभग 17,198 हेक्टेयर फसल बाढ़ की वजह से खराब हो चुकी है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। राज्य सरकार द्वारा नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

अधिकारियों ने कहा कि कई नदियों में जलस्तर अभी भी ऊंचा बना हुआ है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं। इसी बीच, असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने गुरुवार रात एक सार्वजनिक एडवाइजरी जारी कर निवासियों से धनसिरी (दक्षिण) नदी से दूर रहने को कहा, क्योंकि गोलाघाट जिले के नुमालीगढ़ में इसका जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्राधिकरण ने जनहित एडवाइजरी में कहा, असम के गोलाघाट जिले में नुमालीगढ़ के पास धनसिरी (दक्षिण) नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे नदी से दूर रहें।

बाढ़ का प्रभाव केवल ग्रामीण इलाकों तक सीमित नहीं है। कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले के कुछ हिस्सों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई क्षेत्रों में यातायात प्रभावित हुआ है और स्थानीय प्रशासन लगातार जल निकासी का कार्य कर रहा है। आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार राज्य की कई प्रमुख नदियों का जलस्तर अभी भी ऊंचा बना हुआ है। विशेष रूप से गोलाघाट जिले के नुमालीगढ़ क्षेत्र में धनसिरी (दक्षिण) नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसे देखते हुए ASDMA ने लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि—नदी किनारे जाने से बचें। बच्चों को जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाने दें। प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जिला प्रशासन को अलर्ट मोड में रखा गया है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत दल भेजे जाएंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि लगातार बारिश जारी रहती है तो कुछ और जिलों में भी बाढ़ का प्रभाव बढ़ सकता है।

असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। 8 जिलों के लाखों लोग प्रभावित हैं और मृतकों की संख्या 80 तक पहुंच चुकी है। प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा है, जबकि लोगों से सतर्क रहने और नदी किनारे न जाने की अपील की गई है। मौसम की स्थिति और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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By ATHAR

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