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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
हरिद्वार | कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान हरिद्वार में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और पुलिस पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहे हैं। इसी क्रम में कांगड़ा घाट पर तैनात राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीम ने गंगा के तेज बहाव में फंस गए दो युवकों का समय रहते सफल रेस्क्यू कर उनकी जान बचा ली। दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकालकर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। समय पर हुई इस कार्रवाई से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। मौके पर मौजूद लोगों ने SDRF टीम की तत्परता और पेशेवर कार्यशैली की सराहना की। प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं से अपील की है कि गंगा में स्नान करते समय सुरक्षा नियमों का पालन करें और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
कांगड़ा घाट पर तेज बहाव में फंसे श्रद्धालु
मिली जानकारी के अनुसार कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंच रहे हैं। इसी बीच कांगड़ा घाट पर स्नान के दौरान दो युवक गंगा के तेज बहाव की चपेट में आ गए। बहाव अधिक होने के कारण दोनों स्वयं बाहर नहीं निकल सके और मदद के लिए आवाज लगाने लगे। घाट पर मौजूद SDRF टीम ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत रेस्क्यू अभियान शुरू किया। रेस्क्यू टीम ने बिना समय गंवाए सुरक्षा उपकरणों के साथ गंगा में प्रवेश किया और दोनों युवकों तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पूरे अभियान के दौरान टीम ने अत्यंत सावधानी बरती, जिससे दोनों युवकों को किसी प्रकार की गंभीर चोट नहीं आई। प्राथमिक जांच के बाद उन्हें सकुशल उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया।

रेस्क्यू किए गए दोनों युवकों की पहचान इस प्रकार हुई— मनीष, पुत्र ठाकुर सिंह, निवासी सूरजकुंड, मेरठ (उत्तर प्रदेश) योगेश, पुत्र सज्जन, निवासी जींद (हरियाणा) दोनों युवक कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार पहुंचे थे और गंगा स्नान के समय तेज बहाव में फंस गए थे। हरिद्वार प्रशासन, पुलिस, SDRF, जल पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां कांवड़ यात्रा के दौरान 24 घंटे निगरानी बनाए हुए हैं। संवेदनशील घाटों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल, गोताखोर, लाइफ जैकेट, रेस्क्यू बोट और चेतावनी संकेत लगाए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि— केवल निर्धारित घाटों पर ही स्नान करें। तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। सुरक्षा बैरिकेडिंग पार न करें। बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान रखें। पुलिस एवं SDRF के निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों ने कहा कि थोड़ी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
उत्तराखंड में हर वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं। ऐसे में SDRF की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। इस बार भी टीम लगातार घाटों पर निगरानी रख रही है और कई स्थानों पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान कराने में मदद कर रही है। कांगड़ा घाट पर हुआ यह सफल रेस्क्यू उसी सतर्कता का उदाहरण माना जा रहा है। कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं। घाटों पर निगरानी बढ़ाई गई है तथा भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी एजेंसियां पूरी तरह तैयार हैं।
कांगड़ा घाट पर गंगा के तेज बहाव में फंसे दो युवकों को SDRF टीम द्वारा समय रहते सुरक्षित बचा लिया जाना प्रशासन की सतर्कता और आपदा प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था को दर्शाता है। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं से अपील है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और प्रशासन के निर्देशों का सहयोग करें, ताकि यात्रा सुरक्षित और सकुशल संपन्न हो सके।
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