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NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जाने को लेकर अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले में 18 नवंबर को आदेश आने की तारीख बताई गई है। इस आदेश से यह तय करने की दिशा में अगला कदम सामने आएगा कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई किन आरोपों के आधार पर आगे बढ़ेगी।
यह मामला देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल NEET UG 2026 से जुड़ा है। परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप सामने आने के बाद लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य और परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठे थे।
3 मई को हुई थी परीक्षा, 12 मई को रद्द करने का ऐलान
NEET UG 2026 की परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र के कुछ सवालों के पहले से उपलब्ध होने की शिकायतें सामने आईं। इसके बाद जांच शुरू हुई और मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपा गया।
12 मई को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने परीक्षा रद्द करने की घोषणा की। जांच एजेंसियों के अनुसार, परीक्षा से पहले कुछ अभ्यर्थियों तक कथित तौर पर प्रश्न पहुंचाए गए थे। जांच में एक तथाकथित गेस पेपर के सवालों और वास्तविक प्रश्नपत्र के बीच समानता की बात भी सामने आई।
जांच में गेस पेपर के सवालों का भी आया जिक्र
जांच के दौरान CBI ने अदालत को बताया था कि एक गेस पेपर में शामिल करीब 120 सवाल NEET UG 2026 के केमिस्ट्री प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। एजेंसी ने आरोप लगाया कि परीक्षा से पहले प्रश्नों को कुछ अभ्यर्थियों तक पहुंचाने के लिए कई लोगों के बीच संपर्क और लेन-देन हुआ था।
यह जांच एजेंसी के दावे और आरोपों का हिस्सा है। मामले में आरोपियों की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण अदालत में सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।
CBI ने 14 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट
मामले में CBI ने पहले 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। बाद में सितंबर में गिरफ्तार किए गए शेषराव बजरंग सूर्यवंशी को लेकर पूरक चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद चार्जशीट में नामजद आरोपियों की संख्या 14 हो गई।

जांच में कथित तौर पर प्रश्नपत्र तक पहुंच, सवालों को दूसरे लोगों तक पहुंचाने और अभ्यर्थियों से जुड़े नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल की गई। अब आरोप तय करने से संबंधित अदालत की प्रक्रिया इस मामले में महत्वपूर्ण चरण है।
संसद से सड़क तक उठा था परीक्षा की निष्पक्षता का सवाल
पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद देशभर में अभ्यर्थियों और छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए। छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था की जवाबदेही और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया की मांग उठाई। मामला संसद में भी चर्चा का विषय बना। परीक्षा रद्द होने से अभ्यर्थियों को दोबारा तैयारी और परीक्षा प्रक्रिया का सामना करना पड़ा। बाद में NEET UG की पुनः परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित की गई।
अब 18 नवंबर के आदेश पर नजर
14 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के संबंध में अदालत का आदेश इस मामले की आगे की सुनवाई के लिए महत्वपूर्ण होगा। हालांकि, आरोप तय होना दोष सिद्ध होना नहीं है। किसी भी आरोपी की जिम्मेदारी का अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। फिलहाल मामले में अगली महत्वपूर्ण तारीख 18 नवंबर बताई गई है। इस दिन आने वाले आदेश से आगे की कानूनी प्रक्रिया की दिशा स्पष्ट होगी।
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