रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
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हरिद्वार 2026। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की वर्ष 2027 में आयोजित होने वाली हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं को नकलविहीन, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए हरिद्वार जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में परीक्षा केंद्रों के निर्धारण और परीक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में परीक्षार्थियों की संख्या, परीक्षा केंद्रों की स्थिति और केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में चर्चा की गई।
जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक अभिषेक शुक्ला ने बैठक में जानकारी दी कि वर्ष 2027 की बोर्ड परीक्षाओं में जनपद हरिद्वार के कुल 48,320 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। इनमें हाईस्कूल के 25,239 और इंटरमीडिएट के 23,081 परीक्षार्थी हैं। परीक्षा संचालन के लिए जनपद में कुल 126 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इनमें 17 एकल परीक्षा केंद्र और 109 मिश्रित परीक्षा केंद्र शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ बिजली, पेयजल, शौचालय और परीक्षार्थियों के बैठने की उचित व्यवस्था समय से पूरी कर ली जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा की तैयारियों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2027 की हाईस्कूल परीक्षा में कुल 25,239 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इनमें संस्थागत और व्यक्तिगत, दोनों श्रेणियों के छात्र-छात्राएं शामिल हैं। हाईस्कूल परीक्षा के लिए संस्थागत श्रेणी में 12,485 बालक और 11,952 बालिकाएं पंजीकृत हैं। वहीं व्यक्तिगत श्रेणी में 550 बालक और 252 बालिकाएं परीक्षा में शामिल होंगे।
इस तरह हाईस्कूल परीक्षा में संस्थागत और व्यक्तिगत श्रेणियों के विद्यार्थियों को मिलाकर कुल 25,239 परीक्षार्थी शामिल होंगे। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के सामने इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के लिए परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थित इंतजाम सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी रहेगी। परीक्षा केंद्रों पर बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण होगी। प्रशासन ने इन व्यवस्थाओं को परीक्षा शुरू होने से पहले पूरा करने पर जोर दिया है।

इंटरमीडिएट में 23,081 छात्र-छात्राएं होंगे शामिल
जनपद में इंटरमीडिएट की परीक्षा में कुल 23,081 परीक्षार्थी शामिल होंगे। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक अभिषेक शुक्ला के अनुसार, इनमें संस्थागत श्रेणी के 11,218 बालक और 10,406 बालिकाएं शामिल हैं। व्यक्तिगत श्रेणी में 937 बालक और 520 बालिकाएं परीक्षा देंगे। इस प्रकार संस्थागत और व्यक्तिगत श्रेणियों को मिलाकर इंटरमीडिएट के कुल परीक्षार्थियों की संख्या 23,081 है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को मिलाकर जनपद में 48,320 विद्यार्थी परीक्षा देंगे। इस संख्या को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाओं की समय से समीक्षा करना और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण रहेगा।
बोर्ड परीक्षाओं के सफल संचालन के लिए हरिद्वार जनपद में कुल 126 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इनमें 17 एकल परीक्षा केंद्र और 109 मिश्रित परीक्षा केंद्र शामिल हैं।
परीक्षा केंद्रों के निर्धारण के साथ ही वहां उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर ध्यान देना भी आवश्यक है। विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप बैठने की जगह, पेयजल, बिजली और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होने से परीक्षा संचालन सुचारू रूप से किया जा सकेगा। बैठक में परीक्षा केंद्रों के निर्धारण और परीक्षार्थियों की संख्या के संबंध में जानकारी साझा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निर्धारित केंद्रों पर जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता की समीक्षा की जाए और जहां आवश्यकता हो, वहां समय रहते व्यवस्था पूरी की जाए।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से पूरी कर ली जाएं। परीक्षा केंद्रों पर बिजली, पेयजल, शौचालय और बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन की ओर से इन सुविधाओं की समय रहते समीक्षा करने पर जोर दिया गया, ताकि परीक्षा के दौरान किसी कमी के कारण विद्यार्थियों को असुविधा का सामना न करना पड़े। सुरक्षा व्यवस्था के साथ परीक्षा संचालन से जुड़ी अन्य जिम्मेदारियों को भी गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए। परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाओं की निगरानी और विभागीय समन्वय को परीक्षा की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं को नकलविहीन, पारदर्शी और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि परीक्षा की तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। सभी आवश्यक व्यवस्थाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी कर ली जाएं, ताकि परीक्षा के संचालन के दौरान किसी तरह की बाधा न आए। परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए केंद्रों पर सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था का प्रभावी होना जरूरी है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को निर्धारित नियमों के अनुसार परीक्षा देने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना भी महत्वपूर्ण रहेगा।
बैठक में परीक्षा केंद्रों की तैयारियों और मूलभूत सुविधाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारियों पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं की समीक्षा समय रहते की जाए और कमियों को निर्धारित समयसीमा में दूर किया जाए। परीक्षाओं के सफल संचालन के लिए शिक्षा विभाग, प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय आवश्यक है। परीक्षा केंद्रों की स्थिति, परीक्षार्थियों की संख्या और आवश्यक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए तैयारी करने पर जोर दिया गया। प्रशासन का उद्देश्य है कि परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को व्यवस्थित वातावरण मिले और केंद्रों पर जरूरी इंतजाम पहले से उपलब्ध रहें। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन समयबद्ध तरीके से करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
परीक्षा केंद्रों के निर्धारण और बोर्ड परीक्षा की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, उपजिलाधिकारी योगेश मेहरा, खंड शिक्षा अधिकारी लक्सर विनोद कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी रुड़की आकांक्षा राठौर और खंड शिक्षा अधिकारी खानपुर शानै करीम सिद्दीकी मौजूद रहे। इसके अलावा राजकीय इंटर कॉलेज गैण्डीखाता के प्रधानाचार्य भानु प्रताप शर्मा, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज रुड़की की प्रधानाचार्य नीलम कटियार और प्रशासनिक अधिकारी रश्मि गुप्ता भी बैठक में शामिल हुए। वर्चुअल माध्यम से ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेठ, उपजिलाधिकारी लक्सर अनिल शुक्ला और उपजिलाधिकारी भगवानपुर देवेंद्र सिंह नेगी ने भी बैठक में भाग लिया।
वर्ष 2027 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए हरिद्वार जनपद में 48,320 परीक्षार्थियों और 126 परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था की जानी है। ऐसे में परीक्षा केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता, सुरक्षा व्यवस्था और विभागों के बीच समन्वय पर विशेष ध्यान देना होगा।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को सभी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए हैं। अब संबंधित विभागों की ओर से निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाओं की समीक्षा और जरूरी इंतजाम सुनिश्चित किए जाने हैं। प्रशासन का लक्ष्य परीक्षाओं को नकलविहीन, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना है, ताकि विद्यार्थियों को परीक्षा देने के लिए व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध हो सके।
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