कांवड़ यात्रा 2026 से पहले हरिद्वार में होटल और ढाबों का निरीक्षण करती खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीमकांवड़ यात्रा 2026 से पहले हरिद्वार में होटल और ढाबों का निरीक्षण करती खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम

सबसे सटीक ज्वालापुर टाइम्स न्यूज़…

रिपोर्टर (सचिन शर्मा)

हरिद्वार 2026।
आगामी कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर शनिवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, तहसील प्रशासन, बाट-माप विभाग और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीम ने हरिद्वार नगर क्षेत्र तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के खिलाफ व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। अभियान के दौरान कुल 53 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में कई प्रतिष्ठानों में खाद्य पंजीकरण, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों में कमियां मिलने पर संबंधित संचालकों को नोटिस जारी किए गए। साथ ही दो खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।

जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने अवगत कराया है कि जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के अनुपालन में कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत शनिवार को हरिद्वार नगर क्षेत्र में शंकर आश्रम से ऋषिकुल चौक तक खाद्य सुरक्षा एवं तहसील प्रशासन, बाट-माप विभाग तथा औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा होटलों, ढाबों, रेस्तरां, स्ट्रीट फूड विक्रेताओं एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया।

कांवड़ यात्रा से पहले बड़ी कार्रवाई 53 होटल-ढाबों का हुआ निरीक्षण

शंकर आश्रम से ऋषिकुल चौक तक चला विशेष निरीक्षण अभियान

जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने बताया कि हरिद्वार नगर क्षेत्र में शंकर आश्रम से ऋषिकुल चौक तक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानें, स्ट्रीट फूड विक्रेता और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की गहन जांच की गई। संयुक्त टीम ने लगभग 20 से अधिक प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा मानकों, खाद्य पंजीकरण, मूल्य सूची, व्यावसायिक गैस सिलेंडर तथा साफ-सफाई की स्थिति का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में खाद्य पंजीकरण नियमानुसार नहीं पाया गया। इसके अलावा कई स्थानों पर स्वच्छता व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। खाद्य सुरक्षा विभाग ने ऐसे प्रतिष्ठानों के संचालकों को मौके पर ही नोटिस जारी करते हुए सात दिनों के भीतर सभी आवश्यक सुधार करने और वैध खाद्य पंजीकरण कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय के भीतर सुधार नहीं किए जाने पर नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

संयुक्त निरीक्षण टीम ने सभी खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिए कि—खाद्य सामग्री हमेशा ढककर रखें। पर्याप्त संख्या में डस्टबिन उपलब्ध कराएं। कूड़े-कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करें। बासी या मिलावटी खाद्य पदार्थों का विक्रय बिल्कुल न करें। पॉलीथिन पैकिंग से संबंधित सभी नियमों का पालन करें। ग्राहकों के लिए स्पष्ट रेट लिस्ट प्रदर्शित करें। खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें। अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं, इसलिए खाद्य गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान खुली बिक्री हो रही हल्दी पाउडर तथा अचार के दो नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए लिए गए। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी नमूने में गुणवत्ता संबंधी कमी या मिलावट पाई जाती है तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

कांवड़ यात्रा 2026 से पहले हरिद्वार में होटल और ढाबों का निरीक्षण करती खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम

हरिद्वार नगर क्षेत्र के अलावा भगवानपुर–देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग तथा हरिद्वार–रुड़की राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा पवन कुमार के नेतृत्व में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान 33 होटल एवं रेस्टोरेंट की जांच की गई। सभी प्रतिष्ठानों को वैध खाद्य लाइसेंस, खाद्य पंजीकरण, स्वच्छता मानकों, गुणवत्ता नियंत्रण तथा फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए। अभियान के दौरान हरिद्वार नगर क्षेत्र में 20 से अधिक विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया निरीक्षण में सभी प्रतिष्ठानों में खाद्य पंजीकरण, रेट लिस्ट, कमर्शियल  सिलेंडरों की जांच की गई। कुछ प्रतिष्ठानों में खाद्य पंजीकरण नियमानुसार नहीं पाया गया तथा खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों का पालन भी संतोषजनक नहीं मिला। इस पर खाद्य कारोबारियों को मौके पर ही नोटिस जारी करते हुए 07 दिनों के भीतर आवश्यक सुधार एवं पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए।

संयुक्त टीम ने खाद्य कारोबारियों को खाद्य सामग्री को ढककर रखने, पर्याप्त डस्टबिन रखने, अपशिष्ट का वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण करने तथा बासी एवं मिलावटी खाद्य पदार्थों का विक्रय और भंडारण नहीं करने के निर्देश दिए। पॉलीथिन पैकिंग में बेचे जा रहे खाद्य पदार्थों के संबंध में भी नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए साथ ही खुली हल्दी पाउडर एवं अचार सहित 02 नमून जांच हेतु प्रयोगशाला भेजे गए। खाद्य सुरक्षा विभाग ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं। ऐसे में उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जा रही है तथा मिलावट, गंदगी या नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने आम नागरिकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि यदि किसी होटल, ढाबे या दुकान पर मिलावटी अथवा खराब गुणवत्ता वाला खाद्य पदार्थ मिले तो इसकी शिकायत एफएसएसएआई टोल फ्री हेल्पलाइन 1800-180-4246 पर दर्ज कराई जा सकती है। विभाग ने कहा कि प्राप्त शिकायतों पर त्वरित जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा समाप्त होने तक इस प्रकार के विशेष निरीक्षण अभियान लगातार चलाए जाएंगे। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। संयुक्त निरीक्षण दल में नायब तहसीलदार मदन लाल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चंद्र, क्षेत्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी देव चंद, वरिष्ठ निरीक्षक विधिक माप विज्ञान प्रदीप बिजलवान सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।

इसी क्रम में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा पवन कुमार के नेतृत्व में भगवानपुर–देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग एवं हरिद्वार–रुड़की राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होटलों एवं रेस्तरां का भी सघन निरीक्षण किया गया। इस दौरान 33 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच कर सभी को खाद्य पंजीकरण, अनुज्ञप्ति, स्वच्छता एवं गुणवत्ता मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने सभी खाद्य कारोबारियों से एफएसएसएआई के प्रावधानों के अनुरूप खाद्य पंजीकरण एवं लाइसेंस, फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड तथा रेट लिस्ट संबंधी मानकों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की है। विभाग ने आमजन से भी अनुरोध किया है कि किसी भी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता अथवा मिलावट संबंधी शिकायत एफएसएसएआई टोल फ्री नंबर 1800-180-4246 पर दर्ज कराई जा सकती है।

कांवड़ यात्रा 2026: हरिद्वार में 53 होटल-ढाबों का निरीक्षण, खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के विशेष निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेंगे। सयुक्त निरीक्षण टीम में नायब तहसीलदार मदन लाल,खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चन्द्र,क्षेत्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी देव चंद तथा वरिष्ठ निरीक्षक विधिक माप विज्ञान प्रदीप बिजलवान आदि मौजूद रहे। कांवड़ यात्रा 2026 को लेकर हरिद्वार जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा चलाया गया यह विशेष निरीक्षण अभियान न केवल खाद्य कारोबारियों को नियमों का पालन कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करने की प्रशासन की प्रतिबद्धता भी दर्शाता है।

यह भी पढ़ें –  गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप ने किया भगवानपुर तहसील कार्यालय का निरीक्षण जनसमस्याओं के त्वरित समाधान…

उत्तराखंड की सभी ताज़ा और महत्वपूर्ण ख़बरों के लिए ज्वालापुर टाइम्स न्यूज़ WHATSAPP GROUP से जुड़ें और अपडेट सबसे पहले पाएं

 यहां क्लिक करें एक और हर अपडेट आपकी उंगलियों पर!

यदि आप किसी विज्ञापन या अपने क्षेत्र/इलाके की खबर को हमारे न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म पर प्रकाशित कराना चाहते हैं, तो कृपया 7060131584 पर संपर्क करें। आपकी जानकारी को पूरी जिम्मेदारी और भरोसे के साथ प्रसारित किया जाएगा।”

By ATHAR

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *