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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
हरिद्वार। कांवड़ मेला-2026 के सफल और सकुशल समापन के बाद जीआरपी पुलिस लाइन में पुलिसकर्मियों के सम्मान में ‘बड़ा खाना’ एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कांवड़ मेले के दौरान उत्कृष्ट ड्यूटी निभाने वाले पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, एसपीओ और ट्रेनी रिक्रूट्स के योगदान की सराहना की गई। कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ पैरामिलिट्री फोर्स के अधिकारी भी शामिल हुए। समारोह का आयोजन पुलिस अधीक्षक रेलवे उत्तराखंड हरिद्वार अरुणा भारती के नेतृत्व में किया गया। आयोजकों के अनुसार कांवड़ मेला-2026 के दौरान जीआरपी उत्तराखंड ने रेलवे के माध्यम से आने-जाने वाले बड़ी संख्या में कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर जिम्मेदारी निभाई। कार्यक्रम में मेले के दौरान किए गए कार्यों और उपलब्धियों की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई।
समारोह में सुश्री अरुणा भारती पुलिस अधीक्षक रेलवे उत्तराखंड हरिद्वार ने कहा कि कांवड़ मेले जैसे बड़े धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में पुलिस बल की कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और अथक मेहनत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी जवानों एवं अधिकारियों ने कठिन परिस्थितियों में पूरी लगन के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया।इस अवसर पर पुलिसकर्मियों के उत्साहवर्धन के लिए बड़ा खाना आयोजित किया गया तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी पुलिसकर्मियों को भविष्य में भी इसी प्रकार समर्पण एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

20 लाख से अधिक कांवड़ यात्रियों की रेलवे से आवाजाही
कार्यक्रम में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार कांवड़ मेला-2026 के दौरान रेल यातायात से 25,08,432 कांवड़ यात्रियों के आने-जाने का आंकड़ा दर्ज किया गया। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की रेलवे के माध्यम से आवाजाही के दौरान जीआरपी और संबंधित सुरक्षा बलों को स्टेशनों और रेलवे परिसर में लगातार सतर्क रहना पड़ा। रेलवे स्टेशनों पर भीड़ को व्यवस्थित करने, यात्रियों को आवश्यक जानकारी देने, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने जैसे कार्य किए गए। पुलिस की ओर से बताया गया कि कांवड़ यात्रा के दौरान यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों ने अलग-अलग स्तर पर जिम्मेदारियां संभालीं। समारोह में इन प्रयासों की सराहना की गई।
34 बिछड़े बच्चों और महिलाओं को परिजनों से मिलाया
कांवड़ मेले के दौरान भारी भीड़ में कई बार बच्चे, महिलाएं और अन्य श्रद्धालु अपने परिवार से बिछड़ जाते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस के लिए उन्हें सुरक्षित ढंग से उनके परिजनों तक पहुंचाना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। जीआरपी की ओर से प्रस्तुत जानकारी के अनुसार कांवड़ मेला-2026 के दौरान 34 बिछड़े बच्चों और महिलाओं को उनके परिजनों से मिलवाया गया। इस उपलब्धि का उल्लेख समारोह में भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों की इस भूमिका की सराहना हुई। अधिकारियों ने कहा कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस की सक्रियता और संवेदनशील रवैया ऐसे मामलों में काफी महत्वपूर्ण होता है।

कांवड़ मेला-2026 में पहली बार विभागीय जिम्मेदारी संभाल रहे ट्रेनी रिक्रूट्स के प्रदर्शन की भी समारोह में विशेष रूप से सराहना की गई। आयोजकों के अनुसार प्रशिक्षु रिक्रूट्स ने मेले के दौरान अपने दायित्वों को गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निभाया। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि बड़े आयोजन में ड्यूटी का अनुभव पुलिसकर्मियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। ट्रेनी रिक्रूट्स को भीड़ प्रबंधन, यात्रियों से संवाद, सुरक्षा व्यवस्था और आपात परिस्थितियों में काम करने का अनुभव मिला। समारोह में उनके उत्साह और प्रदर्शन को देखते हुए अधिकारियों ने भविष्य में भी इसी तरह अनुशासन और सेवाभाव के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया।
सम्मान समारोह में एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर और 40वीं पीएसी के डिप्टी कमांडेंट जोधराम जोशी समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में कांवड़ मेले के दौरान पुलिस और पैरामिलिट्री बलों के बीच हुए समन्वय को महत्वपूर्ण बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल से व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलती है। कांवड़ मेले के दौरान रेलवे क्षेत्र में भी सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए विभिन्न स्तरों पर समन्वय किया गया।
एसपी सुश्री अरुणा भारती द्वारा प्रस्तुत की गई कांवड़ यात्रा की रिपोर्ट ने मेले की सफलता की पूरी कहानी बयां की। रिपोर्ट के अनुसार कावड़ मेला 2026 में रेल यातायात से आने वाले कांवड़ियों की संख्या 2508432 रही, इसी दौरान जीआरपी द्वारा 34 बिछुड़े हुय बच्चों एवं महिलाओं को उनके परिजनों से मिलवाया गया,तालियों की गूंज ने पुलिस की मेहनत और उपलब्धियों पर मुहर लगाई। इसी दौरान युवा दिवस के उपलक्ष में श्रीमती सिमरनजीत कौर, विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल सभी को संबोधित किया गया पहली बार विभागीय जिम्मेदारी निभा रहे ट्रेनी रिक्रूट्स द्वारा कांवड़ मेले के दौरान किए गए उम्दा प्रदर्शन की भी चौतरफा सराहना हुई।

‘बड़ा खाना’ में साथ बैठे अधिकारी और जवान
सम्मान समारोह के अंतिम चरण में अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और अतिथियों ने एक साथ बैठकर भोजन किया। पुलिस विभाग में इस तरह के सामूहिक भोजन का उद्देश्य टीम भावना और आपसी सहयोग को बढ़ावा देना भी माना जाता है। कांवड़ मेले के दौरान लंबे समय तक ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों के लिए यह आयोजन उत्साहवर्धन का अवसर रहा। अधिकारियों ने जवानों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी बड़े आयोजन की सफलता केवल अधिकारियों के निर्देशों से नहीं, बल्कि मैदान पर जिम्मेदारी निभाने वाले प्रत्येक कर्मचारी की मेहनत से संभव होती है। कांवड़ मेला-2026 के बाद आयोजित यह सम्मान समारोह जीआरपी पुलिसकर्मियों के योगदान को सामने लाने का अवसर बना। रेलवे के माध्यम से बड़ी संख्या में पहुंचे कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यात्रियों की सहायता में जुटे पुलिसकर्मियों के कार्यों को सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने भविष्य में भी इसी तरह जिम्मेदारी, अनुशासन और सेवाभाव के साथ काम करने का संदेश दिया।
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