शंभू बॉर्डर पर दिल्ली कूच से पहले किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए की गई पुलिस बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्थाशंभू बॉर्डर पर दिल्ली कूच से पहले किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए की गई पुलिस बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था

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नई दिल्ली | 2026

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते (ट्रेड डील) के विरोध में विभिन्न किसान संगठनों ने मंगलवार को दिल्ली कूच का आह्वान किया है। इस प्रदर्शन को देखते हुए हरियाणा-पंजाब की सीमा पर स्थित शंभू बॉर्डर सहित कई संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हरियाणा पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग, अतिरिक्त पुलिस बल, जेसीबी मशीनों और क्रेन की तैनाती कर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी कर ली है। किसानों का कहना है कि यदि प्रस्तावित व्यापार समझौते के तहत विदेशी कृषि उत्पादों के आयात को बढ़ावा दिया गया तो इसका सबसे अधिक नुकसान भारतीय किसानों, पशुपालकों, छोटे व्यापारियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को होगा। वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

ट्रेड डील के विरोध में किसानों का दिल्ली कूच आज, शंभू बॉर्डर पर जबरदस्त बैरिकेडिंग, छ्वष्टक्च और क्रेन भी तैनात नई दिल्ली ,21 जुलाई (आरएनएस)।  भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते (ट्रेड डील) के विरोध में विभिन्न किसान संगठनों ने आज दिल्ली कूच का आह्वान किया है। किसानों के मार्च को देखते हुए हरियाणा-पंजाब के शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हरियाणा पुलिस ने बॉर्डर पर भारी बैरिकेडिंग की है, ताकि किसान जत्थों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके। किसानों ने दिल्ली के किसान घाट पर प्रदर्शन का ऐलान किया है। इसे देखते हुए घग्गर पुल पर भी बड़े स्तर पर बैरिकेडिंग की गई है। 

दिल्ली कूच को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

दिल्ली की ओर बढ़ने वाले किसान जत्थों को देखते हुए शंभू बॉर्डर, घग्गर पुल और राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने सीमा पर बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की है ताकि आवश्यकता पड़ने पर भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी, दंगा नियंत्रण बल तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात किए गए हैं। इसके अलावा जेसीबी मशीनें और क्रेन भी तैयार रखी गई हैं ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को बंद नहीं किया गया है और यातायात सामान्य रूप से संचालित किया जा रहा है। स्थिति के अनुसार आगे निर्णय लिया जाएगा।

किसान संगठनों ने दिल्ली स्थित किसान घाट पर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इसके लिए पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों से किसान दिल्ली पहुंचने की तैयारी में हैं। किसानों का कहना है कि यह केवल किसी एक संगठन का आंदोलन नहीं बल्कि देश के कृषि हितों की रक्षा का अभियान है। विभिन्न राज्यों से आने वाले किसान अलग-अलग स्थानों पर एकत्र होकर दिल्ली पहुंचेंगे। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर लंबे समय से बातचीत चल रही है। किसान संगठनों को आशंका है कि यदि इस समझौते के तहत विदेशी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में अधिक प्रवेश मिला तो घरेलू किसानों की आय प्रभावित हो सकती है। किसानों का मानना है कि अमेरिका जैसे देशों में कृषि को बड़े स्तर पर सरकारी सहायता मिलती है। ऐसे में वहां के उत्पाद अपेक्षाकृत कम कीमत पर भारतीय बाजार में आ सकते हैं, जिससे भारतीय किसानों के लिए प्रतिस्पर्धा करना कठिन होगा। इसी आशंका को लेकर विभिन्न किसान संगठन इस समझौते का विरोध कर रहे हैं।

किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि यदि व्यापार समझौते के माध्यम से सस्ते विदेशी कृषि उत्पादों का आयात बढ़ाया गया तो इसका असर केवल खेती तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि इससे—कृषि क्षेत्र प्रभावित होगा। डेयरी उद्योग पर असर पड़ेगा। पशुपालकों की आय प्रभावित होगी। छोटे व्यापारियों को नुकसान होगा। ग्रामीण रोजगार पर भी प्रभाव पड़ेगा। डिजिटल व्यापार और सरकारी खरीद व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से किसानों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की।

कई राज्यों के किसान संगठन हुए एकजुट

पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के कई किसान संगठनों ने प्रस्तावित व्यापार समझौते पर चिंता जताई है। किसान संगठनों का कहना है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते से पहले किसानों, कृषि विशेषज्ञों और संबंधित हितधारकों से व्यापक चर्चा की जानी चाहिए ताकि कृषि क्षेत्र पर संभावित प्रभावों का सही आकलन किया जा सके। प्रशासन ने दिल्ली की ओर बढ़ने वाले किसान जत्थों को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए हैं। मौके पर जेसीबी और क्रेन जैसी भारी मशीनें भी लगाई गई हैं। हालांकि, फिलहाल नेशनल हाईवे-44 को बंद नहीं किया गया है, लेकिन प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंढेर ने बताया कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों के किसान दिल्ली पहुंचकर ‘देश बचाओ मोर्चाÓ के बैनर तले आयोजित रैली में शामिल होंगे।

हरियाणा पुलिस और जिला प्रशासन ने कहा है कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत की गई है। पुलिस अधिकारियों ने सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी की जानकारी अवश्य लें और पुलिस के निर्देशों का पालन करें। यदि बड़ी संख्या में किसान दिल्ली की ओर बढ़ते हैं तो कुछ मार्गों पर यातायात प्रभावित हो सकता है। ऐसे में यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी जा सकती है। हालांकि प्रशासन का प्रयास है कि प्रदर्शन के दौरान आम लोगों की आवाजाही न्यूनतम प्रभावित हो।

किसानों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार के सामने रखेंगे। दूसरी ओर प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि किसानों का प्रदर्शन किस रूप में आगे बढ़ता है और केंद्र सरकार इस मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया देती है।

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By ATHAR

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