हरिद्वार के भूपतवाला और सप्तसरोवर में सड़क मरम्मत कार्य का निरीक्षण करते जिलाधिकारी मयूर दीक्षितजिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने भूपतवाला और सप्तसरोवर क्षेत्र में सीवरेज के बाद चल रहे सड़क मरम्मत कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया।

रिपोर्टर (सचिन शर्मा)

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हरिद्वार । हरिद्वार के भूपतवाला और सप्तसरोवर क्षेत्र में सीवरेज कार्य के चलते खोदी गई सड़कों की मरम्मत और पुनर्स्थापना को लेकर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बुधवार को स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क मरम्मत कार्य की गति अपेक्षाकृत धीमी मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और संबंधित कॉन्ट्रैक्टर को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सीवरेज कार्य के बाद क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत गुणवत्ता के साथ एक सप्ताह के भीतर पूरी की जाए। इसके अलावा सीवरेज कार्य के कारण क्षतिग्रस्त हुई पेयजल और विद्युत लाइनों को भी एक सप्ताह के भीतर दुरुस्त करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने लोनिवि और राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि जनपद में सीवरेज और अन्य कार्यों के कारण क्षतिग्रस्त सभी सड़कों को 15 अक्टूबर तक गड्ढामुक्त किया जाए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि सीवरेज कार्य के लिए खोदी गई सड़कों के मरम्मत एवं पुनर्स्थापना का कार्य अपेक्षित गति से नहीं किया जा रहा है। सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे एवं क्षतिग्रस्त हिस्से होने के कारण क्षेत्रवासियों, स्थानीय व्यापारियों, वाहन चालकों, आमजन एवं श्रद्धालुओं को आवागमन में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित कॉन्ट्रैक्टर को कड़ी फटकार लगाई तथा निर्देश दिए कि सड़क मरम्मत कार्य में तेजी लाई जाए और कार्य को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने सड़क मरम्मत कार्य को एक सप्ताह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल कार्य को जल्द पूरा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मरम्मत कार्य में गुणवत्ता का भी ध्यान रखा जाए। सीवरेज कार्य के लिए सड़क खोदे जाने के बाद उसकी पुनर्स्थापना में सड़क की स्थिति और यातायात की जरूरतों को ध्यान में रखना आवश्यक है। इसी को देखते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ काम पूरा कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता जल संस्थान को निर्देश दिए कि सीवरेज कार्य के दौरान जिन स्थानों पर पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त अथवा बाधित हुई हैं, उन्हें तत्काल चिह्नित कर एक सप्ताह के भीतर दुरुस्त कराया जाए। उन्होंने कहा कि पेयजल आपूर्ति किसी भी स्थिति में बाधित न हो और क्षतिग्रस्त लाइनों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जाए। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद संबंधित विभागों को अपने स्तर से आवश्यक कार्रवाई करते हुए मरम्मत कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करना होगा।

15 अक्टूबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) और राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को भी स्पष्ट समयसीमा दी। उन्होंने निर्देश दिए कि सीवरेज कार्य अथवा अन्य कारणों से क्षतिग्रस्त सभी संबंधित सड़कों को 15 अक्टूबर तक गड्ढामुक्त किया जाए। जिलाधिकारी ने नगर निगम के अधिकारियों को क्षेत्र में साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने तथा नालों की नियमित सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे जलभराव, गंदगी एवं अन्य समस्याएं उत्पन्न न हों।

सड़क की मरम्मत के बाद वह यातायात के लिए सुरक्षित और उपयोगी स्थिति में हो, इसके लिए निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य करने पर जोर दिया गया। निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद अधिकारियों को कार्य की निगरानी करने और प्रगति की जानकारी रखने के निर्देश दिए गए। सड़क निर्माण और मरम्मत से जुड़े कार्यों में समयसीमा और गुणवत्ता दोनों को महत्वपूर्ण बताते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित एजेंसियों से अपेक्षा की कि वे निर्धारित अवधि में काम पूरा करें। सीवरेज व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों के दौरान सड़कों की खुदाई की जाती है। कार्य पूरा होने के बाद सड़क की पुनर्स्थापना जरूरी होती है। हरिद्वार के भूपतवाला और सप्तसरोवर क्षेत्र में भी इसी प्रक्रिया के तहत सड़क मरम्मत का काम चल रहा है।

जिलाधिकारी के निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य मौके पर चल रहे इन कार्यों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेना और निर्धारित समयसीमा में काम पूरा कराने की दिशा में आवश्यक निर्देश देना रहा। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारियों को मौके पर कार्य की प्रगति और सड़क की स्थिति के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क मरम्मत में देरी नहीं होनी चाहिए और लोगों को लंबे समय तक परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए काम तेजी से पूरा किया जाए।

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त नंदन कुमार,सिटी मजिस्ट्रेट हर गिरी, परियोजना प्रबंधक गंगा डिवीजन उत्तराखंड पेयजल निगम मीनाक्षी मित्तल,अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग योगेश कुमार,अधिशासी अभियंता जल संस्थान विपिन चौहान,विद्युत विभाग के अधिकारी दीपक सैनी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के स्थलीय निरीक्षण के दौरान सड़क मरम्मत कार्य की धीमी गति पर नाराजगी के बाद संबंधित अधिकारियों और कॉन्ट्रैक्टर को निर्धारित समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। अब प्रशासन की नजर इन कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता पर रहेगी।

भूपतवाला, पुराना एआरटीओ चौक और सप्तऋषि मार्ग सहित आसपास के क्षेत्रों में सीवरेज कार्य के बाद सड़क पुनर्स्थापना को लेकर प्रशासन ने समयसीमा तय कर दी है। एक सप्ताह में संबंधित सड़क मरम्मत और प्रभावित पेयजल-विद्युत लाइनों को दुरुस्त करने तथा 15 अक्टूबर तक सभी क्षतिग्रस्त सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

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By ATHAR

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