तमकुहीराज तहसील में अंत्योदय कार्ड से जुड़ी शिकायत को लेकर उपजिलाधिकारी कार्यालय में आवेदन देती महिलातमकुहीराज तहसील में अंत्योदय कार्ड से जुड़ी शिकायत को लेकर उपजिलाधिकारी कार्यालय में आवेदन देती महिला

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कुशीनगर | जुलाई 2026 कुशीनगर जिले के तमकुहीराज तहसील स्थित आपूर्ति विभाग में कार्यरत एक निजी कंप्यूटर ऑपरेटर पर अंत्योदय राशन कार्ड बनाने के नाम पर कथित रूप से धन की मांग करने का आरोप लगा है। दुदही विकासखंड के मंझरिया गांव की एक महिला ने उपजिलाधिकारी (SDM) तमकुहीराज को शिकायत पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित ऑपरेटर के खिलाफ कार्रवाई करने और बिना किसी अनावश्यक बाधा के उसका अंत्योदय कार्ड जारी कराने की मांग की है। महिला का आरोप है कि अंत्योदय कार्ड की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए उससे ₹5,000 की मांग की गई। हालांकि, इस मामले में संबंधित ऑपरेटर या प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल मामला शिकायत के स्तर पर है और जांच की मांग की गई है।

कम्प्यूटर ऑपरेटर पर लगे अन्त्योदय कार्ड में धनउगाही का आरोप, हुई हटाने की मांग कुशीनगर 21 जुलाई। कुशीनगर जिले में दुदही विकासखंड के मंझरिया निवासी एक महिला ने 15 वर्षों से कार्यरत जनपद के तमकुहीराज तहसील में आपूर्ति विभाग के प्राइवेट कम्प्यूटर ऑपरेटर पर अन्त्योदय कार्ड बनाने में धनउगाही का आरोप लगाते हुए  उपजिलाधिकारी तमकुहीराज को एक शिकायती पत्र दी है। शिकायतकर्ता इसरावती देवी पत्नी गणेश प्रसाद ने उपजिलाधिकारी आकांक्षा मिश्रा को सौंपे पत्र में बताया कि उसकी आर्थिक खराब है तथा वह भूमिहीन है।

SDM को सौंपा गया शिकायत पत्र

शिकायतकर्ता इसरावती देवी, पत्नी गणेश प्रसाद, निवासी ग्राम मंझरिया, विकासखंड दुदही ने उपजिलाधिकारी आकांक्षा मिश्रा को दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा कि उनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर है और वह भूमिहीन परिवार से संबंध रखती हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत की ओर से अंत्योदय राशन कार्ड के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसी प्रस्ताव को लेकर वह 17 जुलाई 2026 को तमकुहीराज स्थित आपूर्ति कार्यालय पहुंचीं। महिला का आरोप है कि वहां मौजूद निजी कंप्यूटर ऑपरेटर ने कार्ड की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए ₹5,000 की मांग की और कथित रूप से कहा कि राशि दिए बिना काम नहीं होगा।

ग्राम पंचायत द्वारा अन्त्योदय कार्ड हेतु किये गए प्रस्ताव को मैं 17 जुलाई को आपूर्ति कार्यालय में जमा करने गयी तो 15 वर्षों से कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटर कमलेश यादव ने पाँच हजार रुपये मांगे। कहा कि नहीं देने पर कोई काम नहीं होगा। इसरावती देवी ने बताया कि ऑपरेटर कमलेश यादव को हटाने व उसके खिलाफ जाँच कराकर कार्यवाही तथा अन्त्योदय कार्ड जारी करने के लिए पत्र देकर उपजिलाधिकारी तमकुहीराज से मांग की हूँ। अंत्योदय अन्न योजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य अत्यंत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को रियायती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति माह निर्धारित मात्रा में गेहूं और चावल अत्यंत कम कीमत पर उपलब्ध कराया जाता है। इसलिए गरीब परिवारों के लिए अंत्योदय कार्ड आर्थिक सहायता का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है।

शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं—मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। पात्रता के आधार पर अंत्योदय कार्ड जारी किया जाए। आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी अनावश्यक बाधा के उपलब्ध कराया जाए। महिला ने यह भी अनुरोध किया कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। शिकायत मिलने के बाद अब सभी की नजर उपजिलाधिकारी कार्यालय की कार्रवाई पर है। यदि प्रशासन जांच कराता है तो तथ्यों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि शिकायत की प्रारंभिक जांच शुरू हुई है या नहीं।

विशेषज्ञों का मानना है कि गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से मिलना चाहिए। यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता या धन की मांग जैसी शिकायतें सामने आती हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक होती है। सरकारी योजनाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण भी महत्वपूर्ण माना जाता है। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की अभी प्रशासनिक जांच नहीं हुई है। इसलिए संबंधित व्यक्ति की जिम्मेदारी या दोष तय होना जांच के निष्कर्ष पर निर्भर करेगा। जब तक सक्षम अधिकारी जांच पूरी नहीं करते, तब तक इन आरोपों को शिकायतकर्ता के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

कुशीनगर के तमकुहीराज में अंत्योदय कार्ड बनाने के नाम पर कथित धन मांगने की शिकायत ने प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले की जांच किस प्रकार करता है और यदि शिकायत सही पाई जाती है तो क्या कार्रवाई की जाती है। वहीं पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिले, यह प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

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By ATHAR

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