“रुद्रप्रयाग पुलिस द्वारा नाबालिग बच्चे को सुरक्षित परिवार को सौंपते हुए – मानवता का उदाहरण”“रुद्रप्रयाग पुलिस द्वारा नाबालिग बच्चे को सुरक्षित परिवार को सौंपते हुए – मानवता का उदाहरण”

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रुद्रप्रयाग पुलिस ने समय पर कार्रवाई करते हुए एक 12 वर्षीय नाबालिग बालक को उसके परिजनों से मिलाकर उत्कृष्ट संवेदनशीलता का परिचय दिया है। बालक मध्य प्रदेश से घर से बिना बताए केदारनाथ घूमने आ गया था और शहर में अकेला पाया गया।

उत्तराखंड एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है, जहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। अक्सर भीड़भाड़ और अपरिचित माहौल के कारण बच्चे खो जाने जैसी घटनाएँ सामने आती रहती हैं। ऐसे में पुलिस की सतर्कता और मानवीय दृष्टिकोण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

प्रेस सूचना के अनुसार, 27 नवंबर को रुद्रप्रयाग नगर में एक स्थानीय निवासी की नजर एक अकेले घूमते हुए 12 वर्षीय बालक पर पड़ी। उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी।
पुलिस उसे कोतवाली रुद्रप्रयाग ले गई और बच्चे की सुरक्षा, भोजन एवं रहने की व्यवस्था की।

पूछताछ में बालक ने अपना नाम धीरेंद्र प्रजापति, निवासी सोहागपुर, जिला शहडोल (मध्य प्रदेश) बताया। उसने बताया कि माता-पिता की डांट से नाराज़ होकर वह बिना जानकारी दिए अकेले केदारनाथ घूमने चला आया था।

बालक अपने घर का कोई संपर्क नंबर पुलिस को उपलब्ध नहीं करा सका। लेकिन कोतवाली निरीक्षक मनोज नेगी के निर्देशन में पुलिस टीम ने विभिन्न चैनलों के माध्यम से जानकारी जुटाने के प्रयास जारी रखे।

अंततः शहडोल के सोहागपुर थाना से संपर्क स्थापित हुआ, जहाँ पता चला कि धीरेंद्र की गुमशुदगी 24 नवंबर की रात को दर्ज हो चुकी है। पुलिस ने बच्चे की वीडियो कॉलिंग के माध्यम से उसके परिजनों से बात कराई और उनकी चिंता कम की।

अगले दिन परिजन रुद्रप्रयाग पहुंचे और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के नियमानुसार औपचारिक प्रक्रिया के बाद बच्चे को उनके सुपुर्द कर दिया गया।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि:
“हमारी प्राथमिकता बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। हर किसी की समय पर सूचना और सहयोग से इस तरह की घटनाओं का समाधान सरल होता है।”

(यहाँ आधिकारिक वक्तव्य उपलब्ध नहीं था, इसलिए Placeholder जोड़ा गया है।)

इस घटना ने स्थानीय लोगों के बीच पुलिस के प्रति भरोसा और मजबूत किया है।

  • यह उदाहरण दर्शाता है कि सतर्क नागरिक भी बड़ी मदद कर सकते हैं
  • पर्यटन शहरों में सुरक्षा व्यवस्थाएँ मजबूत होने से पर्यटकों का विश्वास बढ़ता है

परिजनों ने रुद्रप्रयाग पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि पुलिस के कारण उनका “बेटा सुरक्षित हाथों में मिला”।

इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि समय पर सूचना और बेहतर पुलिसिंग से बड़ी परेशानियों का समाधान किया जा सकता है। रुद्रप्रयाग पुलिस की तत्परता और मानवीय पहल ने एक परिवार को बड़ी राहत दी।
पर्यटकों से अपील है कि यात्रा के दौरान अपने बच्चों पर विशेष निगरानी रखें और किसी भी संदिग्ध या अकेले भटके बच्चे को देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दें।

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By ATHAR

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