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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
रुड़की 2026। भारतीय किसान यूनियन (तोमर) की ओर से किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मंगलवार को रुड़की तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में किसान तहसील परिसर में पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने प्रशासन के सामने किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाते हुए उनके समाधान की मांग की। किसानों ने बकाया भुगतान, गन्ने के मूल्य, बिजली व्यवस्था, कर्ज माफी, नलकूप कनेक्शन सहित कुल 17 मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान संगठन की ओर से मांगों के समाधान के लिए समयसीमा तय किए जाने की बात कही गई। अधिकारियों और किसान प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत के बाद 21 अगस्त को प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद किसानों ने धरना समाप्त किया।
बारिश के बीच तहसील परिसर में जुटे किसान
मंगलवार को रुड़की तहसील परिसर में भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के बैनर तले किसान पहुंचे। बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी किसान धरना स्थल पर डटे रहे। किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर नारेबाजी की और प्रशासन से मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। किसान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष परविंदर चौधरी के अनुसार, संगठन की ओर से 13 अगस्त को किसानों की समस्याओं से संबंधित 17 सूत्रीय ज्ञापन प्रशासन को दिया गया था। संगठन ने 17 अगस्त तक मांगों के समाधान की मांग रखी थी। निर्धारित अवधि में समाधान नहीं होने पर मंगलवार को धरना शुरू किया गया। किसान नेताओं का कहना था कि उनकी मांगें लंबे समय से किसानों से जुड़े आर्थिक, कृषि और बिजली संबंधी मुद्दों से संबंधित हैं। प्रदर्शन के दौरान इन मांगों को प्रशासन के सामने प्रमुखता से रखा गया।

प्रदेश अध्यक्ष परविंदर चौधरी ने कहा कि संगठन ने 13 अगस्त को 17 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपकर 17 अगस्त तक समाधान की मांग की थी, लेकिन समाधान न होने पर धरना शुरू किया गया। किसानों ने इकबाल शुगर मिल से बकाया भुगतान, दूसरी चीनी मिल की स्थापना, स्मार्ट मीटर पर रोक, संपूर्ण कर्ज माफी, गन्ने का भाव 500 रुपये प्रति क्विंटल करने, नलकूप कनेक्शन व बिजली निशुल्क देने और खेतों में सरकारी खर्चे पर तारबंदी कराने की मांग उठाई।
धरने में राष्ट्रीय सचिव तालीब हसन, जोध सिंह, विकास वालिया, रजत, हिमांशु, यूनूस प्रधान, राकेश धीमान, शहजाद, मयंक, मोहम्मद शफी, असलम, इक़लाख, भोला, विकास, इमरान, आजम, रसीभ, ओमपाल, यशपाल, बिजेंद्र, राव तसलीम, सदाम, वकील फुरकान, मुंशी अरशद, गोलू, पप्पू, फरमान, मुर्सलीन, ईशम सिंह सहित महिला मोर्चा तहसील अध्यक्ष रीतू रानी, कल्पना, ईसराना, आरती, संजो, सुंदरी, सुंदरी वती आदि मौजूद रहे।
धरने की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से बातचीत की। एएसडीएम देवेंद्र नेगी धरना स्थल पर पहुंचे और किसान प्रतिनिधियों से करीब 25 मिनट तक बातचीत की। इस दौरान किसानों ने अपनी मांगों और समस्याओं को विस्तार से अधिकारियों के सामने रखा। बातचीत के दौरान किसान संगठन के पदाधिकारियों ने मांगों के समाधान के लिए ठोस पहल की आवश्यकता पर जोर दिया। किसानों की ओर से यह भी कहा गया कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं होता है तो संगठन आगे भी आंदोलन का रास्ता अपना सकता है। इसके बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रामचंद्र ने फोन पर किसान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष परविंदर चौधरी से बातचीत की। बातचीत के दौरान 21 अगस्त को किसान प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर समस्याओं पर चर्चा करने और समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
किसानों के धरने के बाद अब 21 अगस्त को प्रस्तावित बैठक महत्वपूर्ण हो गई है। इस बैठक में किसान प्रतिनिधिमंडल अपनी 17 सूत्रीय मांगों को प्रशासन के सामने रखेगा। इनमें चीनी मिल से जुड़े भुगतान, गन्ने के मूल्य, बिजली, कर्ज, नलकूप और खेतों की सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से वार्ता का आश्वासन मिलने के बाद धरना समाप्त हो चुका है। किसानों की समस्याओं पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है और संबंधित विभागों की ओर से क्या कार्रवाई होती है, यह आगामी बैठक के बाद स्पष्ट होगा।
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