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BREAKING NEWS ऋषिकेश में रेलवे स्टेशन पर जीआरपी पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता एक बार फिर सामने आई है। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने समय रहते कार्रवाई करते हुए एक बीमार यात्री को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की, जिससे उसकी स्थिति को संभालने में मदद मिली। इस घटना के बाद पुलिस की तत्परता और मानवीय पहल की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 26 मई 2026 को पुराना रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान महिला कांस्टेबल मीनाक्षी पाल को चौकी पर सूचना मिली कि एक यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ गई है और उसे तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है।

बताया गया कि राजेंद्र नामक व्यक्ति, जो हरियाणा के कैथल जनपद के ग्राम मटौर का निवासी है, अपने मित्र कृष्णा के साथ बाड़मेर एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 14817 में यात्रा कर रहा था। दोनों सहारनपुर की ओर जा रहे थे। यात्रा के दौरान अचानक कृष्णा की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उसके साथी ने तत्काल मदद मांगी।
सूचना मिलते ही चौकी कार्यालय पर तैनात हेड कांस्टेबल हीरा पाल ने बिना समय गंवाए 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क किया और एंबुलेंस को तत्काल रेलवे स्टेशन बुलाया गया। इसके बाद जीआरपी, आरपीएफ तथा ट्रेन में मौजूद यात्रियों की मदद से बीमार व्यक्ति को ट्रेन के एस-2 कोच से सुरक्षित नीचे उतारा गया। इसके बाद 108 एंबुलेंस के माध्यम से उसे एसपीएस राजकीय अस्पताल ऋषिकेश भेजा गया, ताकि समय पर चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
पहले भी खराब हुई थी तबीयत
पूछताछ के दौरान राजेंद्र ने पुलिस को बताया कि कृष्णा हरियाणा के पानीपत क्षेत्र का निवासी है। दोनों पिछले लगभग दो से तीन वर्षों से कुरुक्षेत्र क्षेत्र में मजदूरी का कार्य कर रहे हैं। राजेंद्र ने बताया कि दोनों 23 मई को हरिद्वार गंगा स्नान के लिए आए थे और उसके बाद 24 मई को ऋषिकेश पहुंचे थे। इसी दौरान कृष्णा की तबीयत पहले भी खराब हुई थी।

उस समय भी 108 एंबुलेंस की सहायता से उसे एसपीएस राजकीय अस्पताल ऋषिकेश ले जाया गया था, जहां चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए एम्स अस्पताल रेफर किया गया था। जानकारी के अनुसार, 25 मई को एम्स अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद दोनों सहारनपुर जाने के लिए बाड़मेर एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हुए थे। लेकिन यात्रा के दौरान एक बार फिर कृष्णा की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके कारण तत्काल सहायता की आवश्यकता पड़ी।
पुलिस ने परिजनों से भी किया संपर्क
घटना के दौरान राजेंद्र ने पुलिस को एक बैग सौंपा, जिसकी जांच के दौरान एक सादा कागज मिला। उस कागज पर दो मोबाइल नंबर लिखे हुए थे। पुलिस द्वारा नंबरों की जांच करने पर जानकारी मिली कि उनमें से एक नंबर कृष्णा की पत्नी सुनीता का था जबकि दूसरा नंबर स्वयं कृष्णा का था। इसके बाद पुलिस ने तत्काल संबंधित नंबरों पर संपर्क स्थापित किया और कृष्णा की पत्नी को पूरे मामले की जानकारी दी गई।
बाद में कृष्णा की पत्नी द्वारा अपने चाचा ओमप्रकाश से बात कराई गई। पुलिस ने उन्हें भी घटना की जानकारी देते हुए व्हाट्सएप के माध्यम से संबंधित फोटो भेजे। फोटो देखने के बाद ओमप्रकाश ने पुष्टि की कि अस्पताल ले जाया गया व्यक्ति उनकी बहन का पति कृष्णा ही है। साथ ही उन्होंने पुलिस को यह भी बताया कि परिवार के सदस्य ऋषिकेश के लिए रवाना हो चुके हैं।
पुलिस की सक्रियता बनी मददगार
इस पूरी घटना में रेलवे पुलिस द्वारा दिखाई गई तत्परता महत्वपूर्ण रही। सूचना मिलने के तुरंत बाद चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना, एंबुलेंस सेवा से संपर्क करना और बीमार व्यक्ति के परिजनों तक सूचना पहुंचाना, सभी कार्य तेजी से किए गए। रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराना भी पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है। इस घटना में जीआरपी और अन्य सहयोगी टीमों ने मिलकर जो कार्य किया, वह मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस द्वारा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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