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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
हरिद्वार । विश्व प्रसिद्ध कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर हरिद्वार में प्रशासनिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। करोड़ों श्रद्धालुओं की संभावित आमद को ध्यान में रखते हुए मेला प्रशासन अभी से आधारभूत सुविधाओं, यातायात व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसी क्रम में मेला अधिकारी श्रीमती सोनिका ने शनिवार को अधिकारियों की टीम के साथ ज्वालापुर रेलवे स्टेशन, सिंहद्वार क्षेत्र, शंकराचार्य चौक, विभिन्न घाटों तथा मायापुर रेगुलेटर से जुड़े मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
मेला अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि कुंभ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि करोड़ों लोगों के आस्था, सुरक्षा और सुविधा से जुड़ा महाआयोजन है। ऐसे में हर व्यवस्था को पहले से मजबूत और व्यवस्थित बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य भीड़ प्रबंधन, यात्री सुविधाओं, यातायात संचालन और सुरक्षा व्यवस्था की वर्तमान स्थिति का मूल्यांकन करना तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार कार्ययोजना तैयार करना था। निरीक्षण के दौरान मेला अधिकारी ने ज्वालापुर रेलवे स्टेशन का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के दौरान यह स्टेशन श्रद्धालुओं के आवागमन का एक प्रमुख केंद्र बनेगा। लाखों यात्रियों की आवाजाही को देखते हुए रेलवे स्टेशन की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता है।
उन्होंने रेलवे अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रियों की संख्या में संभावित वृद्धि को ध्यान में रखते हुए प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय, टिकट व्यवस्था, यात्री मार्ग और सुरक्षा प्रबंधन की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर मेला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही रेलवे, पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर संयुक्त रूप से कार्य करने पर भी जोर दिया गया। कुंभ मेले में सबसे बड़ी चुनौती श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित करना होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मेला अधिकारी ने रेलवे स्टेशन परिसर में होल्डिंग एरिया को और अधिक व्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए।\

उन्होंने सुझाव दिया कि वर्तमान में मौजूद एकमात्र निकासी द्वार के स्थान पर तीन निकासी गेट विकसित किए जाएं ताकि भीड़ का दबाव कम हो सके और आपातकालीन स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके। इसके अलावा स्टेशन के दूसरे हिस्से से एक अतिरिक्त प्रवेश मार्ग विकसित करने की आवश्यकता भी बताई गई, जिससे आने और जाने वाले यात्रियों का आवागमन अलग-अलग दिशा में संचालित किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रवेश और निकास मार्गों का पृथक्करण बड़े आयोजनों में भीड़ नियंत्रण का प्रभावी तरीका साबित होता है। प्रशासन इसी दिशा में कार्ययोजना तैयार कर रहा है।
निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की मूलभूत सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। मेला अधिकारी ने स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति को देखते हुए स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके साथ ही सार्वजनिक शौचालयों की संख्या बढ़ाने, उनकी नियमित सफाई सुनिश्चित करने और दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं विकसित करने पर भी बल दिया गया। रात्रिकालीन सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए। निरीक्षण के दौरान स्टेशन परिसर के बाहर कुछ स्थानों पर झूलते विद्युत तारों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए मेला अधिकारी ने यूपीसीएल अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे।
रेलवे स्टेशन के निरीक्षण के बाद मेला अधिकारी ने सिंहद्वार क्षेत्र, शंकराचार्य चौक और आसपास के प्रमुख घाटों का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ मिलकर श्रद्धालुओं के संभावित आवागमन मार्गों का निरीक्षण किया और स्नान घाटों की वर्तमान स्थिति का मूल्यांकन किया। कुंभ मेले के दौरान गंगा स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाटों पर पहुंचते हैं। इसे देखते हुए घाटों की क्षमता, सुरक्षा रेलिंग, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और आपदा प्रबंधन उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसके अलावा मायापुर रेगुलेटर से होकर गुजरने वाली नहर पटरी मार्ग का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने मार्ग चौड़ीकरण, पैदल यात्रियों की सुविधा, संकेतक बोर्ड, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियंत्रण से संबंधित प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया। मेला अधिकारी सोनिका ने कहा कि कुंभ मेला-2027 को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागों की कार्ययोजना समयबद्ध तरीके से तैयार करें और आवश्यक परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य ऐसा कुंभ आयोजित करना है जिसमें श्रद्धालुओं को यात्रा, आवास, स्नान, स्वास्थ्य और सुरक्षा से संबंधित सभी आवश्यक सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध हों। इसके लिए जमीनी स्तर पर लगातार निरीक्षण, समीक्षा और सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती, सीओ कुंभ बिपेन्द्र सिंह, सीओ जीआरपी अनुज सिंह सहित रेलवे विभाग और मेला प्रशासन के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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