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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
हरिद्वार में आयोजित होने वाले आगामी कुंभ मेला 2027 को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मेला प्रशासन द्वारा सभी कार्यों को समयबद्ध और सुव्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए लगातार स्थलीय निरीक्षण किए जा रहे हैं। इसी क्रम में भूपतवाला क्षेत्र में जलापूर्ति से जुड़े कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया गया।
मेला प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कुंभ मेले के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। विशेष रूप से पेयजल व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि लाखों श्रद्धालुओं की जरूरतों को सुचारु रूप से पूरा किया जा सके।

मेलाधिकारी सोनिका के निर्देशानुसार उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह ने मंगलवार को भूपतवाला क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जल संस्थान द्वारा कराए जा रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर उनकी प्रगति और गुणवत्ता का आकलन किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कार्यस्थलों पर जाकर चल रहे कार्यों की वास्तविक स्थिति को देखा और संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की।
उप मेलाधिकारी ने भूपतवाला क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर निर्माणाधीन ट्यूबवेल परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इनमें पावनधाम के सामने निर्माणाधीन ट्यूबवेल, श्यामीलोक कॉलोनी में चल रहा ट्यूबवेल बोरिंग कार्य तथा प्राथमिक विद्यालय के पास संचालित कार्य शामिल रहे।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य कुंभ मेले के दौरान जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना है। अधिकारियों ने इन कार्यों की प्रगति का बारीकी से निरीक्षण करते हुए यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप ही पूरे किए जाएं।
निरीक्षण के दौरान उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि कुंभ जैसे विशाल आयोजन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और तय समय-सीमा के भीतर कार्यों को पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि कार्य समय पर पूरे नहीं हुए, तो मेले के दौरान व्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है। इसलिए सभी एजेंसियों को समन्वय बनाकर तेजी से काम करने की आवश्यकता है।

उप मेलाधिकारी ने कहा कि कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की निर्बाध आपूर्ति अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि जलापूर्ति व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए और इसके लिए अभी से मजबूत तैयारी की जा रही है। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से कार्यों की निगरानी करें, तकनीकी मानकों का पालन करें और किसी भी समस्या को समय रहते दूर करें।
निरीक्षण के दौरान मेला कार्यालय की तकनीकी शाखा के अधिशासी अभियंता अनुभव नौटियाल, जल संस्थान के सहायक अभियंता राकेश बमराड़ा सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने उप मेलाधिकारी को चल रहे कार्यों की प्रगति से अवगत कराया और आश्वासन दिया कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय के भीतर पूरी कर ली जाएंगी।
मेला प्रशासन द्वारा लगातार किए जा रहे निरीक्षणों का उद्देश्य केवल प्रगति की समीक्षा करना ही नहीं, बल्कि कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना भी है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी परियोजनाएं उच्च मानकों के अनुसार पूरी हों और भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।
कुंभ मेला विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाता है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे में प्रशासन के लिए यह आवश्यक हो जाता है कि सभी बुनियादी सुविधाएं—जैसे जलापूर्ति, स्वच्छता, यातायात और सुरक्षा—बेहतर तरीके से उपलब्ध कराई जाएं। हरिद्वार में होने वाला कुंभ मेला-2027 भी इसी दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसके लिए प्रशासन अभी से तैयारियों में जुट गया है।

भूपतवाला क्षेत्र में जलापूर्ति कार्यों का निरीक्षण इस बात का संकेत है कि मेला प्रशासन कुंभ-2027 की तैयारियों को लेकर पूरी तरह गंभीर है। समय रहते किए जा रहे निरीक्षण और निर्देशों से यह उम्मीद की जा रही है कि आगामी कुंभ मेला सुचारु और व्यवस्थित ढंग से आयोजित किया जा सकेगा।
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