नैनीताल के कैंची धाम में 6 से 8 नवंबर तक लागू विशेष यातायात योजना और भवाली भीमताल मार्ग पर ट्रैफिक डायवर्जन।नैनीताल के कैंची धाम में 6 से 8 नवंबर तक लागू विशेष यातायात योजना और भवाली भीमताल मार्ग पर ट्रैफिक डायवर्जन।

रिपोर्टर (सचिन शर्मा)

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नैनीताल। उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैंची धाम और आसपास के पर्यटन क्षेत्रों में धनतेरस तथा वीकेंड के दौरान संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है। कैंची धाम, भवाली और भीमताल क्षेत्र में वाहनों की बढ़ती आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए 6 नवंबर से 8 नवंबर तक विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। इस दौरान कई मार्गों पर यातायात डायवर्ट रहेगा और निर्धारित समय में मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।

पुलिस-प्रशासन का उद्देश्य धार्मिक स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को यातायात जाम से राहत दिलाना है। वीकेंड के दौरान नैनीताल और आसपास के पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना रहती है। वहीं, कैंची धाम में भी श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति पैदा हो सकती है।

इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने तीन दिनों के लिए विशेष यातायात व्यवस्था तैयार की है। इस व्यवस्था के तहत शहर में सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक डायवर्जन प्रभावी रहेगा। वहीं, सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक छोटे-बड़े सभी मालवाहक वाहनों के शहर में प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा।

6 से 8 नवंबर तक लागू रहेगा विशेष ट्रैफिक प्लान

पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 6, 7 और 8 नवंबर को विशेष यातायात प्लान लागू रहेगा। इन तीन दिनों के दौरान भवाली, भीमताल और कैंची धाम की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा। सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक शहर में डायवर्जन व्यवस्था लागू रहेगी। इस दौरान यातायात के दबाव को देखते हुए वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा। पुलिस की योजना है कि प्रमुख मार्गों पर वाहनों का अनावश्यक जमावड़ा न हो और पर्यटक तथा श्रद्धालु व्यवस्थित तरीके से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। इसके लिए यातायात पुलिस को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

नए ट्रैफिक प्लान के तहत मालवाहक वाहनों के प्रवेश को लेकर भी विशेष प्रतिबंध लगाया गया है। जानकारी के अनुसार, सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक छोटे और बड़े सभी मालवाहक वाहनों का शहर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इस व्यवस्था में जरूरी सामानों की आपूर्ति करने वाले वाहनों को भी निर्धारित बाईपास मार्गों से भेजने की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य मुख्य सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव कम करना है, ताकि यातायात सुचारु बना रहे।

आमतौर पर मालवाहक वाहनों की आवाजाही से संकरी सड़कों और व्यस्त चौराहों पर जाम की स्थिति बन सकती है। विशेष रूप से पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों वाले क्षेत्रों में इस तरह की समस्या अधिक देखने को मिलती है। इसलिए पुलिस ने तीन दिनों के लिए मालवाहक वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने का निर्णय लिया है।

कैंची धाम, भवाली और भीमताल में रहेगी विशेष निगरानी

कैंची धाम उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके अलावा भवाली और भीमताल भी पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान हैं।

वीकेंड और त्योहारों के दौरान इन क्षेत्रों में पर्यटकों तथा श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। इसका असर भवाली और आसपास के संपर्क मार्गों पर दिखाई देता है। कई बार वाहनों की लंबी कतारें लगने से लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लग जाता है। इसी संभावना को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए विशेष योजना बनाई है। प्रमुख मार्गों पर यातायात की निगरानी और वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने पर ध्यान दिया जाएगा।

अगर आप 6 से 8 नवंबर के बीच कैंची धाम, भवाली या भीमताल जाने की योजना बना रहे हैं तो यात्रा शुरू करने से पहले यातायात संबंधी जानकारी जरूर प्राप्त कर लें। यात्रियों के लिए कुछ जरूरी सुझाव इस प्रकार हैं:घर से निकलने से पहले संबंधित मार्ग की यातायात स्थिति की जानकारी लें। पुलिस की ओर से निर्धारित डायवर्जन मार्गों का ही इस्तेमाल करें। मालवाहक वाहन लेकर जाने वाले चालक निर्धारित प्रतिबंधित समय का ध्यान रखें। धार्मिक स्थल पर दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालु अतिरिक्त यात्रा समय लेकर चलें। सड़क पर अनावश्यक रूप से वाहन खड़ा न करें। यातायात पुलिस और प्रशासन की ओर से दिए गए निर्देशों का पालन करें। पहाड़ी मार्गों पर वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का ध्यान रखें।

    धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर त्योहारों तथा वीकेंड के दौरान यातायात का दबाव सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाता है। कैंची धाम में श्रद्धालुओं की आवाजाही और भवाली-भीमताल क्षेत्र में पर्यटकों की मौजूदगी के कारण सड़कों पर वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना है। यदि समय रहते यातायात व्यवस्था में बदलाव नहीं किया जाए तो प्रमुख मार्गों पर जाम लग सकता है। इससे स्थानीय निवासियों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भी परेशानी होती है।

    इसी समस्या को कम करने के लिए पुलिस ने तीन दिनों का विशेष डायवर्जन प्लान लागू किया है। मालवाहक वाहनों को बाईपास से भेजने और निर्धारित समय में शहर के भीतर प्रवेश रोकने का फैसला भी इसी व्यवस्था का हिस्सा है। पुलिस-प्रशासन की इस पहल से उम्मीद है कि कैंची धाम, भवाली और भीमताल क्षेत्र में यातायात का दबाव नियंत्रित रहेगा और लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

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    By ATHAR

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