ज्वालापुर पुलिस ने नाबालिग किशोरी के मामले में आरोपी को गिरफ्तार कियाज्वालापुर पुलिस ने नाबालिग किशोरी के मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया

रिपोर्टर (सचिन शर्मा)

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हरिद्वार 2026। हरिद्वार की ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में उसके सौतेले पिता को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, किशोरी घर से लापता होने के बाद हिमाचल प्रदेश में अपनी बड़ी बहन के घर मिली थी। पूछताछ के दौरान किशोरी ने अपने सौतेले पिता पर लंबे समय से शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया। किशोरी के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज मुकदमे में दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम की धाराएं बढ़ाते हुए उसे हिरासत में लिया।

पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में किशोरी के लापता होने के संबंध में अपहरण की आशंका जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने उसकी तलाश शुरू की। पुलिस ने प्रयासों के बाद किशोरी को हिमाचल प्रदेश स्थित उसकी बड़ी बहन के घर से सकुशल बरामद किया। मामले की आगे की जांच में किशोरी ने अपने साथ कथित शोषण की जानकारी पुलिस को दी।

ज्वालापुर कोतवाली पुलिस के अनुसार, 28 नवंबर 2026 को एक व्यक्ति ने तहरीर देकर अपनी 16 वर्षीय नाबालिग किशोरी के लापता होने की सूचना दी थी। शिकायत में अज्ञात व्यक्ति द्वारा किशोरी को अपहरण कर ले जाने की आशंका जताई गई थी। इस आधार पर कोतवाली ज्वालापुर में मुकदमा अपराध संख्या 735/2026, धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया गया।

मामले की जानकारी मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार ने किशोरी की जल्द बरामदगी के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस टीम ने संभावित स्थानों पर जानकारी जुटाई और किशोरी की तलाश शुरू की। पुलिस ने उसके परिचितों और संभावित ठिकानों के संबंध में जानकारी जुटाते हुए खोजबीन की। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस टीम को किशोरी के हिमाचल प्रदेश में होने की जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने वहां पहुंचकर उसे उसकी बड़ी बहन के घर से सकुशल बरामद किया।

पुलिस के अनुसार, किशोरी से बातचीत और पूछताछ के दौरान उसने बताया कि उसके पिता की मृत्यु के बाद उसकी मां ने दूसरी शादी कर ली थी। किशोरी ने आरोप लगाया कि इसके बाद उसका सौतेला पिता उसके साथ गलत हरकतें और दुष्कर्म करता था।

पुलिस के मुताबिक, किशोरी ने बताया कि कथित शोषण से परेशान होकर वह बिना किसी को जानकारी दिए घर से निकल गई थी और अपनी बड़ी बहन के पास हिमाचल प्रदेश पहुंच गई थी। शुरुआत में परिवार की ओर से उसके लापता होने की सूचना दी गई थी, जबकि बरामदगी के बाद सामने आए उसके बयानों से मामले की दिशा बदल गई। नाबालिग की सुरक्षा और उसके बयान की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की।

मेडिकल रिपोर्ट और बयान के आधार पर आरोपी गिरफ्तार

ज्वालापुर पुलिस के अनुसार, किशोरी के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उसके सौतेले पिता के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने 4 नवंबर 2026 को आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान सचिन कुमार पुत्र सावनिया, निवासी जलालाबाद, थाना नजीबाबाद, जिला बिजनौर (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी सीतापुर, कोतवाली ज्वालापुर, हरिद्वार के रूप में बताई गई है। पुलिस ने बताया कि किशोरी के बयान और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पहले दर्ज मुकदमे में नई धाराएं जोड़ी गई हैं। आरोपी को हिरासत में लेकर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, शुरुआत में दर्ज मुकदमे में धारा 137(2) बीएनएस लगाई गई थी। किशोरी के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर जांच के दौरान मुकदमे में धारा 65(2) बीएनएस तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(1), 5(m), 5(n) और 6 की बढ़ोतरी की गई है। पॉक्सो अधिनियम बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने के लिए बनाया गया कानून है। इस कानून के तहत नाबालिग के साथ यौन अपराध से जुड़े मामलों में विशेष कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाती है। ऐसे मामलों में पीड़ित बच्चे की पहचान और निजता की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण होती है। पुलिस ने बताया कि आरोपी को आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। आगे की प्रक्रिया न्यायालय और जांच के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार चलेगी।

इस मामले में शुरुआत में परिवार की ओर से किशोरी के लापता होने की सूचना दी गई थी और अज्ञात व्यक्ति द्वारा अपहरण किए जाने की आशंका जताई गई थी। इसी आधार पर पुलिस ने गुमशुदगी से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू की।

हालांकि, किशोरी की बरामदगी के बाद पुलिस को दिए गए उसके बयानों में घर छोड़ने की अलग वजह सामने आई। पुलिस के अनुसार, किशोरी ने सौतेले पिता पर शारीरिक शोषण का आरोप लगाया और बताया कि इसी परेशानी के कारण वह अपनी बड़ी बहन के घर चली गई थी। इस तरह बरामदगी के बाद मामला केवल किशोरी की तलाश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसके लगाए गए आरोपों के आधार पर गंभीर आपराधिक धाराओं में जांच आगे बढ़ाई गई।

नाबालिग की सुरक्षा और पहचान की गोपनीयता जरूरी

नाबालिगों से जुड़े यौन अपराध के मामलों में पीड़ित की पहचान सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए। ऐसे मामलों में नाम, फोटो, पता, स्कूल या परिवार से जुड़ी ऐसी जानकारी प्रकाशित करने से बचना जरूरी है, जिससे पीड़ित की पहचान उजागर हो सकती है। इस मामले में भी किशोरी की पहचान सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उसका नाम और अन्य पहचान संबंधी विवरण प्रकाशित नहीं किए जा रहे हैं। पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया की जानकारी को ही समाचार का आधार बनाया गया है।

ज्वालापुर कोतवाली पुलिस के अनुसार, किशोरी को हिमाचल प्रदेश से सकुशल बरामद करने के बाद उसके बयान दर्ज किए गए। मेडिकल रिपोर्ट और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोपी सौतेले पिता को गिरफ्तार किया गया है। मुकदमे में बीएनएस और पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराएं बढ़ाई गई हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी को आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया जाएगा। मामले की आगे की जांच जारी है। आरोपों की पुष्टि और आरोपी की जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

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By ATHAR

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