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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
नवरात्रों के शुभ अवसर पर हरिद्वार पुलिस ने बड़ी राहत दी है। थाना पिरान कलियर पुलिस ने ऑपरेशन रिकवरी के तहत 44 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को लौटाए। लगभग 8 लाख रुपये से अधिक कीमत के इन मोबाइलों की वापसी से लोगों के चेहरों पर खुशी लौट आई।
बढ़ते मोबाइल चोरी और गुमशुदगी के मामले

हरिद्वार धार्मिक और पर्यटन नगरी है। यहाँ बड़ी संख्या में लोग मेलों, धार्मिक आयोजनों और नवरात्रों जैसे पर्वों में शामिल होते हैं। ऐसे आयोजनों में मोबाइल फोन चोरी या गुम होने की घटनाएँ आम होती जा रही हैं।
लोगों के लिए मोबाइल सिर्फ संपर्क का साधन नहीं, बल्कि बैंकिंग, पहचान और निजी डेटा का महत्वपूर्ण हिस्सा भी होता है। खो जाने पर न सिर्फ आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि व्यक्तिगत जानकारी लीक होने का भी खतरा रहता है।
घटना
CEIR पोर्टल बना मददगार

एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के निर्देश पर “ऑपरेशन रिकवरी” चलाया गया। इस अभियान के तहत पिरान कलियर थाना पुलिस ने सीईआईआर (CEIR) पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की त्वरित जांच शुरू की। जांच के बाद पुलिस ने 44 ऐसे मोबाइल बरामद किए जो अलग-अलग स्थानों पर खो गए थे। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब ₹8 लाख 11 हज़ार बताई गई है।
आधिकारिक बयान
एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने कहा –
हरिद्वार पुलिस लगातार आमजन की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। ऑपरेशन रिकवरी के तहत चोरी और खोए मोबाइल बरामद कर उनके स्वामियों तक पहुँचाना हमारी प्राथमिकता है।”
स्थानीय स्तर पर असर

मोबाइल स्वामियों के चेहरों पर खुशी साफ देखी जा सकती थी। जिन लोगों ने अपने फोन खोने की उम्मीद छोड़ दी थी, उनके लिए यह पुलिस की ओर से नवरात्र का तोहफ़ा साबित हुआ।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि—
पुलिस की इस पहल से लोगों का भरोसा कानून व्यवस्था और तकनीकी सहयोग पर और मजबूत हुआ है।
पुराने आँकड़ों से तुलना
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर में हर साल लाखों मोबाइल चोरी या गुमशुदा दर्ज होते हैं। केवल उत्तराखंड में ही हाँ, देशभर में हर साल लाखों मोबाइल चोरी होते हैं या गुम जाते हैं, जिससे नागरिकों की निजी जानकारी को खतरा होता है। इस समस्या से निपटने के लिए, भारत सरकार ने संचार साथी पोर्टल और हेल्पलाइन 14422 की शुरुआत की है, जो खोए हुए मोबाइल को ब्लॉक करने, पता लगाने और पुनर्प्राप्त करने में मदद करती है। यह पोर्टल नागरिकों को अपने खोए हुए फोन को ब्लॉक करने और उसके दुरुपयोग को रोकने के लिए IMEI नंबर का उपयोग करके डिवाइस को ट्रैक करने की सुविधा देता है। से अधिक मोबाइल फोन हर साल गुम हो जाते हैं।
CEIR पोर्टल के आने से इनकी बरामदगी में तेजी आई है। हरिद्वार पुलिस द्वारा बरामद किए गए मोबाइल भी इसी तकनीक का परिणाम हैं।
हरिद्वार पुलिस का यह कदम सराहनीय है। नवरात्रों के दौरान लौटाए गए मोबाइल न केवल आर्थिक दृष्टि से राहत हैं, बल्कि लोगों के भरोसे को भी मजबूत करने वाले हैं। यह घटना दिखाती है कि तकनीक और पुलिसिंग का सही संयोजन आमजन के लिए कितना उपयोगी साबित हो सकता है।
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