हरिद्वार पुलिस ने ऑपरेशन कालनेमी में चंडीघाट माजरा से पांच भेषधारी बाबाओं को पकड़ा"हरिद्वार पुलिस ने ऑपरेशन कालनेमी में चंडीघाट माजरा से पांच भेषधारी बाबाओं को पकड़ा"

सबसे सटीक ज्वालापुर टाइम्स न्यूज़…

हरिद्वार में पुलिस ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए मंगलवार को ऑपरेशन कालनेमी के तहत बड़ी कार्रवाई की। थाना श्यामपुर पुलिस ने चंडीघाट माजरा क्षेत्र से पांच भेषधारी कथित बाबाओं को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक ये लोग साधु-संत का रूप धरकर भोले-भाले लोगों को गुमराह कर रहे थे। इस कार्रवाई के बाद धार्मिक आस्था के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों को लेकर आमजन में चर्चा तेज हो गई है।

इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने जिन कथित बाबाओं को पकड़ा, उनके नाम और पते भी सार्वजनिक किए गए हैं। इनमें टिंकू (32) पुत्र कमल सिंह निवासी फैजपुरा मऊ, बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश), रामवीर (35) पुत्र जयपाल निवासी रोहतक (हरियाणा), इन्द्रपाल (34) पुत्र सोहनलाल शर्मा निवासी संभल (उत्तर प्रदेश), कमलनाथ (46) पुत्र फिरोजीनाथ निवासी चंडीघाट श्यामपुर और रामचरण दास (58) पुत्र गोविन्ददास निवासी चंडीघाट माजरा शामिल हैं।

इस पूरी कार्रवाई में थाना श्यामपुर के थानाध्यक्ष नितेश शर्मा, चौकी प्रभारी चंडीघाट देवेंद्र तोमर, कांस्टेबल अनिल रावत, राजवीर और सुशील चौहान की भूमिका अहम रही। पुलिस का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी कीमत पर धर्म की आड़ में धोखाधड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस द्वारा चलाया जा रहा ऑपरेशन कालनेमी धार्मिक नगरी हरिद्वार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हरिद्वार एक ऐसा शहर है जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु देश-विदेश से आते हैं। आस्था के इस केंद्र में अगर फर्जी साधु-संत सक्रिय रहेंगे तो यह न केवल श्रद्धालुओं की आस्था को चोट पहुंचाएगा बल्कि अपराधों को भी बढ़ावा देगा। पुलिस की यह मुहिम ऐसे ही फर्जी बाबाओं के नेटवर्क को तोड़ने के लिए शुरू की गई है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि धार्मिक नगरी में आस्था के नाम पर लंबे समय से कुछ लोग लोगों की भावनाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं। ये लोग साधु या बाबा का भेष धरकर लोगों को मंत्र, तंत्र, चमत्कार और आशीर्वाद के नाम पर ठगते हैं। कई मामलों में देखा गया है कि भोले-भाले लोग अपनी जमा पूंजी भी इनके जाल में फंसकर गंवा देते हैं। पुलिस की इस कार्रवाई को इसी खतरे को रोकने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कार्रवाई न केवल समाज को सुरक्षित बनाने की दिशा में है बल्कि श्रद्धालुओं का विश्वास भी बढ़ाएगी। क्योंकि अक्सर बाहर से आने वाले लोग साधु-संत का भेष देखकर जल्दी विश्वास कर लेते हैं और धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं।

हरिद्वार पुलिस की रणनीति अब ऐसे मामलों में और भी कड़ी हो गई है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि यदि वे कहीं संदिग्ध व्यक्ति या कथित बाबा देखते हैं तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।

यह भी पढ़ेंथराली आपदा प्रभावित क्षेत्रों में DM और SP का संयुक्त निरीक्षण, भूस्खलन स्थलों पर तकनीकी जांच के निर्देश”…

उत्तराखंड की सभी ताज़ा और महत्वपूर्ण ख़बरों के लिए ज्वालापुर टाइम्स न्यूज़ WHATSAPP GROUP से जुड़ें और अपडेट सबसे पहले पाएं

 यहां क्लिक करें एक और हर अपडेट आपकी उंगलियों पर!

यदि आप किसी विज्ञापन या अपने क्षेत्र/इलाके की खबर को हमारे न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म पर प्रकाशित कराना चाहते हैं, तो कृपया 7060131584 पर संपर्क करें। आपकी जानकारी को पूरी जिम्मेदारी और भरोसे के साथ प्रसारित किया जाएगा।”

By ATHAR

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *