रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
सबसे सटीक ज्वालापुर टाइम्स न्यूज़…
हरिद्वार 2026। आगामी निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से हरिद्वार जिले में मतदाता सूची के पुनः सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मतदाता सूची के गहन निरीक्षण और पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करने को लेकर विस्तृत जानकारी दी।
बुधवार को एनआईसी सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मतदाता सूची के सत्यापन में सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की। बैठक में बताया गया कि 8 से 10 अक्टूबर तक प्रत्येक बूथ पर विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों के दौरान प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची का गहन निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद 12 से 20 अक्टूबर तक बीएलओ और राजनीतिक दलों की ओर से नियुक्त बीएलए-2 के माध्यम से घर-घर जाकर वैध मतदाताओं के सत्यापन की प्रक्रिया भी संचालित की जाएगी।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में मतदाता सूची के पुनः सत्यापन, नए पात्र मतदाताओं के नामांकन को लेकर बुधवार को जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एनआईसी सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाने में सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की। जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों को अवगत कराया कि 08 से 10 अक्टूबर तक प्रत्येक बूथ पर विशेष कैंप आयोजित कर प्रकाशित ड्राफ्ट रोल का गहन निरीक्षण किया जाएगा।
उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि वे अपने स्तर से भी मतदाता सूची का गंभीरता से परीक्षण करें। यदि किसी पात्र एवं वैध मतदाता का नाम सूची में शामिल नहीं है तो उसे नियमानुसार जोड़ने तथा किसी अपात्र अथवा अनावश्यक रूप से दर्ज नाम को हटाने के संबंध में निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुझाव एवं दावा-आपत्ति प्रस्तुत की जा सकती है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से वंचित न रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का सही और अद्यतन होना निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए महत्वपूर्ण है। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम प्रकाशित ड्राफ्ट रोल में नहीं है तो संबंधित व्यक्ति निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकता है। प्रशासन की ओर से इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसी तरह यदि किसी मतदाता सूची में किसी अपात्र या अनावश्यक रूप से दर्ज नाम की जानकारी सामने आती है तो उसके संबंध में भी नियमानुसार दावा-आपत्ति प्रस्तुत की जा सकती है। सभी मामलों में निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।

12 से 20 अक्टूबर तक घर-घर सत्यापन
जिलाधिकारी ने बैठक में बताया कि 12 से 20 अक्टूबर तक घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन की कार्रवाई की जाएगी। इस प्रक्रिया में बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ और राजनीतिक दलों की ओर से नियुक्त बीएलए-2 की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। इस अवधि के दौरान मतदाता सूची में दर्ज वैध मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। साथ ही हाल में मतदाता सूची में जोड़े गए नए नामों का भी सत्यापन किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य घर-घर सत्यापन के माध्यम से मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है। इससे सूची में दर्ज मतदाताओं से संबंधित जानकारी की जांच करने में सहायता मिलेगी।
बैठक में बताया गया कि यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में छूट गया है तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 के माध्यम से नाम जोड़ने के लिए आवेदन किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि वे अपने बूथ लेवल एजेंटों के माध्यम से पात्र नागरिकों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग करें। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की प्रक्रिया से वंचित न रहें। नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया में निर्धारित पात्रता और निर्वाचन आयोग के नियमों का पालन किया जाएगा।
मतदाता सूची के सत्यापन को लेकर आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में राजनीतिक दलों और प्रशासन के बीच समन्वय से मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय बनाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपने-अपने बीएलए के माध्यम से बूथ स्तर पर सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा। बूथ स्तर पर सूची का निरीक्षण और प्राप्त दावे-आपत्तियों की जानकारी निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में उपयोगी हो सकती है। प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि मतदाता सूची से संबंधित किसी भी संशोधन या बदलाव के लिए निर्धारित नियमों और प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि मतदाता सूची का शुद्ध, अद्यतन और विश्वसनीय होना निर्वाचन प्रक्रिया की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से ड्राफ्ट रोल के निरीक्षण और घर-घर सत्यापन की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। मतदाता सूची में नाम, पात्रता और अन्य आवश्यक जानकारी से संबंधित किसी भी त्रुटि की जानकारी मिलने पर संबंधित प्रक्रिया के माध्यम से उसे ठीक कराने का अवसर दिया जाएगा। विशेष कैंप और घर-घर सत्यापन की प्रक्रिया के माध्यम से प्रशासन का प्रयास रहेगा कि मतदाता सूची में पात्र नागरिकों के नाम शामिल हों और सूची में किसी प्रकार की अनावश्यक त्रुटि न रहे।
मतदाता सूची के पुनः सत्यापन को लेकर आयोजित बैठक एनआईसी सभागार, हरिद्वार में हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने की। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन जितेंद्र कुमार, आम आदमी पार्टी के प्रवीण कुमार सिंह और मोहन गुप्ता, सीपीआईएम के राजीव गर्ग, सहायक निर्वाचन अधिकारी अरुणेश पैन्यूली समेत संबंधित अधिकारी एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक के दौरान मतदाता सूची के सत्यापन की आगामी प्रक्रिया और बूथ स्तर पर राजनीतिक दलों की भागीदारी को लेकर आवश्यक जानकारी साझा की गई।
निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए मतदाता सूची का नियमित सत्यापन महत्वपूर्ण माना जाता है। किसी भी निर्वाचन में मतदाता सूची आधारभूत भूमिका निभाती है। ऐसे में सूची में पात्र मतदाताओं के नाम सही तरीके से दर्ज होना और आवश्यक संशोधन समय पर किया जाना जरूरी है।
हरिद्वार जिले में शुरू होने वाली यह प्रक्रिया इसी दिशा में उठाया गया कदम है। 8 से 10 अक्टूबर तक विशेष कैंपों और 12 से 20 अक्टूबर तक घर-घर सत्यापन के माध्यम से मतदाता सूची की समीक्षा की जाएगी। जिला प्रशासन ने राजनीतिक दलों और उनके बूथ स्तर के प्रतिनिधियों से अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की है। साथ ही पात्र नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे मतदाता सूची में अपना नाम और संबंधित जानकारी जांचें तथा आवश्यकता होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करें।
हरिद्वार जिले में मतदाता सूची के पुनः सत्यापन को लेकर प्रशासन ने विशेष अभियान की तैयारी पूरी कर ली है। 8 से 10 अक्टूबर तक प्रत्येक बूथ पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे, जबकि 12 से 20 अक्टूबर तक बीएलओ और बीएलए-2 के माध्यम से घर-घर वैध मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने राजनीतिक दलों से अभियान में सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की है। पात्र मतदाताओं के छूटे नामों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 के माध्यम से जोड़ने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। प्रशासन का लक्ष्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन और विश्वसनीय बनाना है, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सके।
यह भी पढ़ें – रुड़की रेलवे स्टेशन के पास जीआरपी की कार्रवाई दो मामलों में वांछित आरोपी गिरफ्तार…
उत्तराखंड की सभी ताज़ा और महत्वपूर्ण ख़बरों के लिए ज्वालापुर टाइम्स न्यूज़ WHATSAPP GROUP से जुड़ें और अपडेट सबसे पहले पाएं
यहां क्लिक करें एक और हर अपडेट आपकी उंगलियों पर!
यदि आप किसी विज्ञापन या अपने क्षेत्र/इलाके की खबर को हमारे न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म पर प्रकाशित कराना चाहते हैं, तो कृपया 7060131584 पर संपर्क करें। आपकी जानकारी को पूरी जिम्मेदारी और भरोसे के साथ प्रसारित किया जाएगा।”

