हरिद्वार में लक्जरी और स्लीपर बसों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान के दौरान परिवहन विभाग की कार्रवाई।हरिद्वार में लक्जरी और स्लीपर बसों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान के दौरान परिवहन विभाग की कार्रवाई।

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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)

हरिद्वार 2026। जनपद में यात्रियों की सुरक्षित यात्रा और परिवहन नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए लक्जरी एवं स्लीपर बसों के खिलाफ विशेष संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर परिवहन विभाग की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर बसों की जांच की। अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले 185 वाहनों के चालान किए गए, जबकि गंभीर अनियमितताओं के चलते 16 वाहनों को सीज किया गया। परिवहन विभाग की इस कार्रवाई के दौरान तीन वाहनों की फिटनेस निलंबित किए जाने की भी संस्तुति की गई है। अधिकारियों के मुताबिक अभियान का मुख्य उद्देश्य बसों के संचालन में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना और यात्रियों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।

जनपद में लक्जरी और स्लीपर बसों के संचालन से जुड़े नियमों की जांच के लिए यह विशेष अभियान जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित के निर्देश पर चलाया गया। अभियान का नेतृत्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) श्रीमती नेहा झा ने किया। चेकिंग के दौरान बसों के दस्तावेजों के साथ-साथ उनके तकनीकी और सुरक्षा मानकों की भी जांच की गई। अधिकारियों ने बसों की संरचना, यात्री क्षमता, संचालन से जुड़े अभिलेख और ड्राइविंग लाइसेंस समेत विभिन्न बिंदुओं पर जांच की।

हरिद्वार में लक्जरी और स्लीपर बसों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान के दौरान परिवहन विभाग की कार्रवाई।

विशेष चेकिंग अभियान के दौरान परिवहन विभाग की टीम ने पाया कि कुछ वाहनों में निर्धारित नियमों के विपरीत बदलाव किए गए थे। कुछ मामलों में वाहन की संरचना में अनधिकृत परिवर्तन, निर्धारित बस बॉडी कोड का उल्लंघन और क्षमता से अधिक यात्रियों को ले जाने जैसी अनियमितताएं सामने आईं। इसके अलावा ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित नियमों और अन्य परिवहन एवं यातायात प्रावधानों के पालन की भी जांच की गई। जिन वाहनों में नियमों का उल्लंघन पाया गया, उनके विरुद्ध नियमानुसार प्रवर्तन कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान कुल 185 वाहनों के चालान किए गए। वहीं गंभीर उल्लंघनों के मामलों में 16 वाहनों को सीज किया गया। इसके अतिरिक्त तकनीकी और सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए तीन वाहनों की फिटनेस निलंबित किए जाने की संस्तुति की गई है।

तकनीकी टीम ने भी की बसों की जांच

अभियान में संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) आनंद वर्धन ने बसों की तकनीकी स्थिति और सुरक्षा मानकों की जांच की। तकनीकी निरीक्षण के दौरान वाहनों की निर्धारित संरचना और अन्य जरूरी मानकों को देखा गया। एआरएम रोडवेज विशाल कुमार की सहभागिता में भी संयुक्त रूप से बसों की जांच की गई। अधिकारियों ने बस संचालन से संबंधित दस्तावेजों, यात्री क्षमता और वाहन की संरचना समेत विभिन्न पहलुओं का निरीक्षण किया। परिवहन विभाग की ओर से इस तरह की जांच का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि बस संचालकों को नियमों के प्रति जागरूक करना और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना भी है।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) श्रीमती नेहा झा ने बस संचालकों को निर्देश दिए कि सभी वाहन स्वीकृत संरचना, निर्धारित यात्री क्षमता और बस बॉडी कोड के अनुरूप संचालित किए जाएं। उन्होंने कहा कि वाहनों में किसी भी प्रकार का अनधिकृत परिवर्तन नहीं किया जाना चाहिए। इसके साथ ही बसों में यात्रियों की संख्या निर्धारित क्षमता के अनुरूप ही रखी जाए। ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य आवश्यक दस्तावेज भी वैध एवं अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा से समझौता करने वाले अथवा परिवहन नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

विशेष संयुक्त चेकिंग अभियान में परिवहन विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने अलग-अलग स्थानों पर वाहनों की जांच की। परिवहन कर अधिकारी श्रीमती वरुणा सैनी, मुकेश भारती, भारत भूषण और हरीश सती ने भी अभियान में सक्रिय रूप से सहभागिता की। टीमों ने बसों के दस्तावेजों की जांच के साथ मौके पर नियमों के उल्लंघन से संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई की। विभाग का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

हरिद्वार में परिवहन विभाग की टीम द्वारा स्लीपर और लक्जरी बसों की जांच का समाचार-शैली का विजुअल, जिसमें बसें और चेकिंग करते अधिकारी दिखाई दें।

हरिद्वार धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण जनपद है। यहां बड़ी संख्या में यात्री और पर्यटक विभिन्न माध्यमों से आवागमन करते हैं। ऐसे में लक्जरी और स्लीपर बसों के संचालन में सुरक्षा मानकों का पालन महत्वपूर्ण हो जाता है। विशेष रूप से स्लीपर बसों में वाहन की संरचना, यात्री क्षमता और तकनीकी स्थिति यात्रियों की सुरक्षा से सीधे जुड़ी होती है। इसलिए परिवहन विभाग की ओर से इन वाहनों की नियमित जांच और नियमों के पालन पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों का परिवहन, वाहन की संरचना में अनधिकृत बदलाव या आवश्यक दस्तावेजों की कमी जैसी स्थितियां यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं। इसी वजह से प्रवर्तन अभियान के जरिए नियमों का पालन सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

परिवहन विभाग ने संकेत दिया है कि यात्रियों की सुरक्षित एवं नियमसम्मत यात्रा सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के विशेष चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेंगे। अभियान के माध्यम से बस संचालकों को निर्धारित नियमों के अनुसार वाहन संचालित करने के लिए लगातार निर्देशित किया जाएगा।

विभाग का कहना है कि बस संचालकों को वाहन की स्वीकृत संरचना, यात्री क्षमता, फिटनेस, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य जरूरी वैधानिक मानकों का पालन करना होगा। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। हरिद्वार में हुई इस कार्रवाई के आंकड़े बताते हैं कि अभियान के दौरान परिवहन विभाग ने बड़े स्तर पर वाहनों की जांच की है। 185 चालान और 16 वाहनों को सीज किया जाना अभियान की व्यापकता को दर्शाता है। अब आगे होने वाली जांच में भी विभाग का मुख्य फोकस यात्रियों की सुरक्षा और नियमों के अनुपालन पर रहने की संभावना है।

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By ATHAR

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