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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
हरिद्वार ।
हरिद्वार जनपद में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। जिला प्रशासन ने हालात पर लगातार नजर बनाए रखते हुए राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में सभी संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि अब तक जनपद में किसी प्रकार की जनहानि या पशुहानि की सूचना नहीं मिली है, जबकि विभिन्न क्षेत्रों में जल निकासी और राहत कार्य लगातार जारी हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत ने अवगत कराया है कि जनपद हरिद्वार में लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण विभिन्न क्षेत्रों से जलभराव की सूचना प्राप्त हुई है, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के अनुपालन में संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही हेतु सूचना उपलब्ध कराई गई है तथा संबंधित अधिकारियों एवं आपदा प्रबंधन टीमों द्वारा अपने अपने क्षेत्रों तत्काल आवश्यक कार्यवाही की गई।
उन्होंने अवगत कराया है कि जनपद में भारी बारिश के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि,पशुहानि की सूचना प्राप्त नहीं हुई है तथा आपदा प्रबन्धन परिचालन केंद्र को उपलब्ध कराई गई सूचनाओं पर संबंधित विभागों द्वारा तत्काल आवश्यक कार्रवाई की गई है।
उन्होंने अवगत कराया है कि रुड़की क्षेत्र के बसेड़ी तलाब के समीप निर्माणाधीन भवन के चारों ओर जलभराव होने से दो व्यक्ति के फंसने की सूचना पर एसडीआरएफ टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सुरक्षित रेस्क्यू कर संबंधित दोनों व्यक्तियों को बाहर निकाला गया।

वार्ड संख्या-19 मंगलौर रुड़की में भारी वर्षा के कारण सड़क पर जलभराव होने की सूचना संबंधित राजस्व विभाग को भेजी गई। वहीं नगर पंचायत पड़ली गुर्जर क्षेत्र में घरों के आसपास जलभराव, साउथ सिविल लाइन रुड़की में सड़क पर पानी भरने, ग्राम मंडावली में तालाब का पानी घरों में प्रवेश करने तथा भगवानपुर क्षेत्र के एक्कल खुर्द गांव में छह घरों में पानी भरने की सूचना पर संबंधित अधिकारियों को मौके पर कार्रवाई के लिए भेजा गया।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत के अनुसार भारी वर्षा के कारण हरिद्वार, रुड़की, लक्सर, मंगलौर, भगवानपुर और आसपास के कई क्षेत्रों से जलभराव की शिकायतें प्राप्त हुईं। सूचना मिलते ही संबंधित विभागों, राजस्व टीमों, नगर निकायों तथा आपदा प्रबंधन इकाइयों को तत्काल मौके पर भेजा गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी निकालने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है ताकि आम लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।
इसके अतिरिक्त हरिद्वार रेलवे रोड स्थित काली कमली धर्मशाला के पास तीन शेड पर पेड़ गिरने का कारण 2 लोग घर के अंदर फंस गए थे,कंट्रोल रूम में सूचना प्राप्त होते ही फायर,पुलिस एवं एनडीआरएफ टीम मौके पर पहुंचकर त्वरित राहत एव बचाव कार्य शुरू कर 2 लोगों को बचाया गया। लालढांग क्षेत्र में एक मकान की दीवार गिरने, रुड़की की पुरानी तहसील के समीप शिव मंदिर परिसर में जलभराव, मंगलौर क्षेत्र में कई घरों में पानी घुसने तथा लक्सर क्षेत्र के गुलजार अहमद के खेत तक पानी पहुंचने की सूचनाओं पर भी संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजा गया। भगत सिंह चौक के पास रेलवे पुलिया के नीचे एक बस फंस गई थी,जिसको रेस्क्यू टीम द्वारा सुरक्षित निकला गया तथा चौधरी चरण सिंह कॉलोनी के अंदर जलभराव की शिकायत पर भी त्वरित कार्रवाई की गई।

भारी बारिश के बीच रुड़की क्षेत्र के बसेड़ी तालाब के पास निर्माणाधीन भवन के चारों ओर पानी भर जाने से दो लोग फंस गए थे। सूचना मिलते ही SDRF की टीम मौके पर पहुंची और दोनों व्यक्तियों का सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाला। प्रशासन ने राहत की बात बताते हुए कहा कि समय रहते कार्रवाई होने से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। बारिश के दौरान विभिन्न स्थानों से जलभराव की शिकायतें सामने आईं, जिनमें प्रमुख रूप से— मंगलौर के वार्ड संख्या-19 में सड़क पर पानी भरना।पड़ली गुर्जर क्षेत्र में घरों के आसपास जलभरावरुड़की की साउथ सिविल लाइन में सड़क पर पानी जमा होना।ग्राम मंडावली में तालाब का पानी घरों तक पहुंचना।भगवानपुर के एक्कल खुर्द गांव में छह घरों में पानी भरना।चौधरी चरण सिंह कॉलोनी में जलभराव।रुड़की की पुरानी तहसील स्थित शिव मंदिर परिसर में पानी भरना। लालढांग क्षेत्र में मकान की दीवार गिरने की सूचना। इन सभी मामलों में संबंधित विभागों की टीमों को मौके पर भेजकर आवश्यक कार्रवाई कराई गई।
हरिद्वार रेलवे रोड स्थित काली कमली धर्मशाला के पास तेज बारिश के दौरान एक पेड़ गिर गया, जिससे तीन शेड प्रभावित हुए और दो लोग घर के भीतर फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर सर्विस और एनडीआरएफ की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची तथा राहत एवं बचाव अभियान चलाकर दोनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। यह कार्रवाई समय रहते पूरी होने से बड़ा हादसा टल गया। भगत सिंह चौक स्थित रेलवे पुलिया के नीचे जलभराव के कारण एक बस फंस गई थी। रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर बस को सुरक्षित बाहर निकाला और यातायात को दोबारा सामान्य कराया। प्रशासन ने ऐसे जलभराव वाले स्थानों पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार जनपद में किसी भी राष्ट्रीय, राज्य अथवा जिला मार्ग के बंद होने की सूचना नहीं है तथा सभी प्रमुख सड़क मार्ग यातायात के लिए खुले हुए हैं। हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा लगातार जारी है, इसलिए लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की अपील की गई है। गंगा नदी का जलस्तर भी लगातार निगरानी में है। भीमगोड़ा बैराज, हरिद्वार पर दोपहर 2:00 बजे जलस्तर 290.90 मीटर तथा शाम 4:00 बजे 290.95 मीटर दर्ज किया गया, जो 293.00 मीटर के चेतावनी स्तर और 294.00 मीटर के खतरे के निशान से नीचे है। वर्षा का सर्वाधिक रिकॉर्ड रुड़की में 160 मिमी, लक्सर में 180 मिमी, हरिद्वार में 122 मिमी, रोशनाबाद में 115 मिमी तथा भगवानपुर में 45 मिमी दर्ज किया गया।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार फिलहाल जनपद में कोई भी राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग अथवा जिला मार्ग बंद नहीं हुआ है। हालांकि कई स्थानों पर लगातार हल्की से मध्यम वर्षा जारी है, इसलिए प्रशासन ने लोगों से केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है। विशेषकर नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि भारी वर्षा के दौरान नदी-नालों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें, किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल जिला आपदा नियंत्रण कक्ष अथवा स्थानीय प्रशासन को दें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
प्रशासन के अनुसार भीमगोड़ा बैराज पर गंगा नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। जलस्तर का विवरण इस प्रकार है— दोपहर 2 बजे – 290.90 मीटर शाम 4 बजे – 290.95 मीटर यह स्तर अभी चेतावनी स्तर 293.00 मीटर तथा खतरे के निशान 294.00 मीटर से नीचे है। फिर भी प्रशासन ने सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि— भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा न करें।नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें। मौसम विभाग और जिला प्रशासन की सलाह का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल जिला आपदा नियंत्रण कक्ष अथवा स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।बच्चों एवं बुजुर्गों को जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से रोकें।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में जिला प्रशासन, पुलिस, SDRF, NDRF, फायर सर्विस, नगर निकाय और राजस्व विभाग की टीमें लगातार फील्ड में मौजूद हैं। सभी संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके। प्रशासन का कहना है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी लगाए जाएंगे। हरिद्वार जनपद में भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी, लेकिन प्रशासन की सक्रियता और विभिन्न एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से अब तक किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं है। राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं और प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने तथा केवल आवश्यक होने पर ही घर से निकलने की अपील की है।
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