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हरिद्वार (फरमान खान)। अगर एक दिन के लिए जिलाधिकारी की जिम्मेदारी मिल जाए, तो कोई भी व्यक्ति प्रशासन को करीब से समझ सकता है। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर हरिद्वार में पांच बालिकाओं को ऐसा ही अवसर मिला। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की पहल पर पांच बालिकाओं ने एक दिन के लिए जिलाधिकारी की भूमिका निभाई और जनसुनवाई में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्हें प्रशासनिक कामकाज से लेकर आपदा प्रबंधन तक की जानकारी दी गई।
यह पहल रिलैक्सो फुटवियर्स लिमिटेड की सीएसआर पहल के तहत संचालित परिवर्तन आदर्श विद्यालय परियोजना की सहयोगी संस्था ममता-HIMC की ओर से आयोजित की गई। इसका उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के साथ उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था को करीब से समझने का अवसर देना था।

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर बेटियों को आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक कार्यप्रणाली से रूबरू कराने के लिए रिलैक्सो फुटवियर्स लिमिटेड ने अनूठी पहल की। कंपनी की सीएसआर पहल के तहत संचालित परिवर्तन आदर्श विद्यालय परियोजना की सहयोगी संस्था ममता-HIMC की ओर से आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पांच बालिकाओं को एक दिन के लिए जिलाधिकारी बनने का अवसर दिया। इस पहल से बालिकाओं को न केवल प्रशासनिक कामकाज समझने का मौका मिला, बल्कि समाज में बालिका शिक्षा और लैंगिक समानता का मजबूत संदेश भी पहुंचा।
कार्यक्रम के दौरान एक दिन की जिलाधिकारी बनीं पांचों बालिकाओं ने अपर जिलाधिकारी वैभव गुप्ता के साथ जनसुनवाई में भाग लिया। उन्होंने फरियादियों की समस्याओं को सुना और अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए। इस अनुभव के माध्यम से बालिकाओं ने जाना कि प्रशासन आमजन की शिकायतों के निस्तारण और जनसमस्याओं के समाधान के लिए किस प्रकार कार्य करता है।
जनसुनवाई में सुनीं लोगों की समस्याएं
कार्यक्रम के दौरान एक दिन की जिलाधिकारी बनीं पांचों बालिकाओं ने अपर जिलाधिकारी वैभव गुप्ता के साथ जनसुनवाई में भाग लिया। यहां उन्होंने फरियादियों की समस्याओं को सुना और अपने सुझाव भी रखे।

इस अनुभव के जरिए बालिकाओं को समझने का मौका मिला कि आम लोगों की शिकायतें प्रशासन तक कैसे पहुंचती हैं और उनके समाधान के लिए संबंधित विभाग किस तरह काम करते हैं। जनसुनवाई में शामिल होने से उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारियों और जनसमस्याओं के निस्तारण की प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी मिली।
बेटियों को अपने सपने पूरे करने के लिए किया प्रेरित
जनसुनवाई के बाद बालिकाओं ने अपर जिलाधिकारी वैभव गुप्ता के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस अनुभव को साझा कर अन्य बालिकाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करेंगी। अपर जिलाधिकारी ने बालिकाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे निरंतर मेहनत करें, अपने सपनों को साकार करें और समाज में प्रेरणादायक भूमिका निभाएं।
आपदा नियंत्रण कक्ष की कार्यप्रणाली भी जानी

कार्यक्रम के अगले चरण में पांचों बालिकाओं ने जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत के साथ जिला आपदा नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें बताया गया कि आपातकालीन परिस्थितियों में सूचनाओं का संकलन, राहत कार्यों का संचालन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय किस प्रकार किया जाता है। निरीक्षण से बालिकाओं को आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक जिम्मेदारियों की व्यावहारिक जानकारी मिली।
44 विद्यालयों में चला जागरूकता अभियान
रिलैक्सो की ओर से अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस को साप्ताहिक जागरूकता कार्यक्रम के रूप में मनाया गया। इसके अंतर्गत परिवर्तन परियोजना से जुड़े 44 विद्यालयों में बालिकाओं के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। लक्सर बाजार में निकाली गई जागरूकता रैली का शुभारंभ केवी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य जेपी सिंह ने किया। रैली के बाद एमओआईसी डॉ. सैयद रफी ने छात्राओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। बालिकाओं को आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं और प्रशासन की जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी गई। इससे उन्हें यह समझने का अवसर मिला कि किसी संकट के समय प्रशासन किस तरह तत्काल कार्रवाई और राहत व्यवस्था के लिए काम करता है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने रिलैक्सो की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने की दिशा में यह सराहनीय कदम है। उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को अधिक से अधिक स्थानों पर आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए बालिकाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया।
रिलैक्सो के सीएसआर प्रमुख गंभीर अग्रवाल ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना और बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए समान अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग के लिए जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी और सभी संबंधित अधिकारियों का आभार जताया।अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर आयोजित यह पहल बालिकाओं को यह विश्वास दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण रही कि अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर वे प्रशासन, शिक्षा और समाज के हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकती हैं।
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