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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
लक्सर। कांवड़ यात्रा के दौरान भारी भीड़ और लगातार वाहनों की आवाजाही के बीच बहादुरपुर फाटक के समीप सड़क का किनारा अचानक धंसने से दुर्घटना की आशंका पैदा हो गई। ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल राजेंद्र बिष्ट ने समय रहते स्थिति को भांपते हुए मौके पर सुरक्षा संकेत बनाया, जिससे कांवड़ियों और राहगीरों को खतरे से सावधान किया जा सका। उनकी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोगों तथा कांवड़ियों ने सराहना की। जैसे ही कांस्टेबल राजेंद्र बिष्ट की नजर सड़क के धंसे हुए हिस्से पर पड़ी, उन्होंने बिना देर किए स्वयं मौके पर पहुंचकर ईंट-पत्थरों की सहायता से धंसे हुए हिस्से को चिन्हित किया और सड़क के किनारे स्पष्ट रूप से खतरे का संकेत बना दिया। उनके इस प्रयास से वहां से गुजर रहे कांवड़ियों, दोपहिया व चारपहिया वाहन चालकों को समय रहते सावधानी बरतने का मौका मिला और संभावित बड़ा हादसा टल गया।
सड़क धंसने से बढ़ा हादसे का खतरा
कांवड़ यात्रा के दौरान लक्सर क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में शिवभक्त अपने गंतव्य की ओर आवाजाही कर रहे हैं। ऐसे में सड़क पर किसी तरह की क्षति या अचानक उत्पन्न हुआ खतरा दुर्घटना का कारण बन सकता है। बहादुरपुर फाटक के समीप सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया। सड़क के किनारे बने इस धंसे हिस्से पर यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया जाता तो वहां से गुजरने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ-साथ पैदल कांवड़ियों के लिए भी परेशानी पैदा हो सकती थी। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल राजेंद्र बिष्ट की नजर सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से पर पड़ी। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल मौके पर पहुंचकर सुरक्षा के लिहाज से आवश्यक कदम उठाए।
कांस्टेबल राजेंद्र बिष्ट ने बिना समय गंवाए सड़क के धंसे हुए हिस्से को स्पष्ट रूप से चिन्हित किया। उन्होंने ईंट-पत्थरों की सहायता से मौके पर खतरे का संकेत तैयार किया, ताकि दूर से आने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को सड़क की स्थिति का अंदाजा हो सके। इस त्वरित कार्रवाई का उद्देश्य किसी दुर्घटना के बाद प्रतिक्रिया देने के बजाय संभावित हादसे को पहले ही रोकना था। सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से को चिन्हित किए जाने के बाद वहां से गुजरने वाले लोगों को सावधानी बरतने का अवसर मिला। खास तौर पर कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए इस तरह की सतर्कता महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कांवड़ यात्रा के दौरान लगातार भारी आवाजाही के बीच कांस्टेबल राजेंद्र बिष्ट की मुस्तैदी ने उनकी कर्तव्यनिष्ठा और जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया। स्थानीय लोगों और कांवड़ियों ने उनकी त्वरित कार्रवाई की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि यदि समय रहते सड़क को चिन्हित नहीं किया जाता तो गंभीर दुर्घटना हो सकती थी।
कांवड़ मेले के दौरान हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में सड़कों पर श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है। कई स्थानों पर यातायात का दबाव सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहता है। ऐसी स्थिति में सड़क पर अचानक उत्पन्न किसी खतरे की जानकारी समय पर मिलना बेहद जरूरी हो जाता है। बहादुरपुर फाटक के पास सड़क धंसने की स्थिति में कांस्टेबल राजेंद्र बिष्ट की नजर समय रहते उस स्थान पर पड़ गई। उन्होंने अपनी ड्यूटी के दौरान आसपास की स्थिति को देखते हुए तत्काल सुरक्षा व्यवस्था का स्थानीय स्तर पर इंतजाम किया। उनकी कार्रवाई से वहां से गुजर रहे लोगों को संभावित खतरे के बारे में जानकारी मिली और वे सावधानी के साथ आगे बढ़ सके।
पुलिस की ड्यूटी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं होती, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा से जुड़े छोटे-छोटे खतरों पर समय रहते ध्यान देना भी उसकी जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बहादुरपुर फाटक के पास कांस्टेबल राजेंद्र बिष्ट द्वारा सड़क की स्थिति को देखकर तत्काल सुरक्षा संकेत तैयार करना इसी जिम्मेदारी का उदाहरण है। उन्होंने किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं किया, बल्कि संभावित खतरे को पहचानकर लोगों को सावधान करने का प्रयास किया। कांवड़ यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान पुलिस और प्रशासन के सामने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की भी चुनौती रहती है। ऐसे में सड़क की स्थिति, यातायात और भीड़ से जुड़े छोटे संकेतों पर सतर्क नजर रखना आवश्यक होता है।
कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु विभिन्न मार्गों से हरिद्वार पहुंचते हैं और गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौटते हैं। इस दौरान पैदल कांवड़ियों के साथ बड़ी संख्या में दोपहिया और अन्य वाहन भी सड़कों पर चलते हैं। ऐसे में सड़क पर धंसाव, गड्ढे या अन्य क्षति दुर्घटना का कारण बन सकती है। खासकर रात के समय ऐसे स्थानों पर खतरा और बढ़ सकता है, क्योंकि कम रोशनी में सड़क की खराब स्थिति आसानी से दिखाई नहीं देती। बहादुरपुर फाटक के पास सड़क धंसने की जानकारी सामने आने के बाद मौके पर खतरे का संकेत बनाना इसलिए महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि इससे गुजरने वाले लोगों को पहले ही सतर्क किया जा सका।
क्षेत्रवासियों ने भी कांस्टेबल राजेंद्र बिष्ट की संवेदनशील कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कर्मठ और सजग पुलिसकर्मी आमजन की सुरक्षा के लिए प्रेरणास्रोत हैं। मौके पर खतरे का संकेत बनाकर तत्काल संभावित दुर्घटना को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन लंबे समय के लिए सड़क की क्षतिग्रस्त स्थिति को ठीक किया जाना भी जरूरी है। संबंधित विभाग द्वारा सड़क का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कराई जाए तो भविष्य में इस स्थान पर दुर्घटना की आशंका को और कम किया जा सकता है। कांवड़ यात्रा के दौरान सड़क और यातायात से जुड़ी व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखने की जरूरत रहती है। किसी भी क्षतिग्रस्त हिस्से की सूचना मिलने पर तत्काल सुरक्षा संकेत लगाने और आवश्यक मरम्मत कराने से श्रद्धालुओं तथा आम राहगीरों को सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराया जा सकता है।
बहादुरपुर फाटक के समीप सड़क धंसने की घटना में कांस्टेबल राजेंद्र बिष्ट की समय रहते दिखाई गई सतर्कता से संभावित सड़क हादसे का खतरा कम हुआ। कांवड़ यात्रा के दौरान इस तरह की तत्परता श्रद्धालुओं और आम राहगीरों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
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