रिपोर्टर (फरमान खान)
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हरिद्वार। परिवारों में आपसी मतभेद और घरेलू विवादों को सुलझाकर रिश्तों को टूटने से बचाने के लिए हरिद्वार पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के नेतृत्व में महिला हेल्पलाइन हरिद्वार और रुड़की के माध्यम से दंपत्तियों के बीच मनमुटाव दूर करने और आपसी सहमति से विवादों का समाधान निकालने की पहल की जा रही है। पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 से अब तक दोनों महिला हेल्पलाइन पर कुल 2,071 मामले सामने आए हैं। इनमें से 1,016 परिवारों को काउंसलिंग और आपसी समझौते के माध्यम से फिर से साथ रहने के लिए सहमत कराने में सफलता मिली है।
पुलिस के अनुसार, महिला हेल्पलाइन में आने वाले मामलों में पति-पत्नी के बीच मतभेद, पारिवारिक कलह और अन्य घरेलू विवाद शामिल हैं। ऐसे मामलों में संबंधित पक्षों की बात सुनकर काउंसलिंग के माध्यम से समाधान तलाशने का प्रयास किया जाता है। इसका उद्देश्य परिवारों को संवाद का अवसर देना, आपसी गलतफहमियों को दूर करना और जहां संभव हो, वहां रिश्तों में सामंजस्य स्थापित करना है।
हरिद्वार और रुड़की की महिला हेल्पलाइन कर रहीं प्रयास
हरिद्वार पुलिस ने पारिवारिक विवादों से जुड़े मामलों की सुनवाई और काउंसलिंग के लिए जनपद में दो महिला हेल्पलाइन संचालित की हैं। इनके माध्यम से दंपत्तियों और परिवारों से जुड़े विवादों को समझने तथा नियमानुसार उचित परामर्श देने का प्रयास किया जाता है।
पुलिस के मुताबिक, कई बार पति-पत्नी के बीच गलतफहमी, आपसी संवाद की कमी और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण विवाद बढ़ जाते हैं। ऐसे मामलों में दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाता है। काउंसलिंग के दौरान उन्हें एक-दूसरे की बात समझने, संयम बरतने और आपसी सहमति से समाधान तलाशने के लिए प्रेरित किया जाता है। हालांकि, हर विवाद की परिस्थितियां अलग होती हैं। इसलिए मामलों का समाधान संबंधित पक्षों की स्थिति, सहमति और लागू कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए किया जाता है। जहां आवश्यक हो, वहां कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।
पुलिस की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 से अब तक महिला हेल्पलाइन हरिद्वार में 966 मामले प्राप्त हुए। इन मामलों में काउंसलिंग और आपसी समझौते के माध्यम से 460 परिवारों को फिर से साथ रहने के लिए सहमत कराने में सफलता मिली। इन मामलों में संबंधित पक्षों की समस्याओं को सुनकर विवादों के समाधान का प्रयास किया गया। पुलिस की पहल के तहत दंपत्तियों को आपसी संवाद और समझदारी के महत्व के बारे में बताया जाता है, ताकि वे परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझ सकें और उचित निर्णय ले सकें। पारिवारिक विवादों में समय पर बातचीत और परामर्श कई बार स्थिति को समझने का अवसर देते हैं। महिला हेल्पलाइन इसी उद्देश्य से संबंधित पक्षों के बीच संवाद स्थापित करने और उपलब्ध विकल्पों पर विचार करने में सहायता करती है।
इसी अवधि में महिला हेल्पलाइन रुड़की में 1,105 मामले दर्ज किए गए। पुलिस के अनुसार, इनमें से 556 परिवारों को काउंसलिंग और आपसी समझौते के जरिए फिर से साथ रहने के लिए सहमत कराने में सफलता मिली। रुड़की महिला हेल्पलाइन में भी पारिवारिक मतभेद और दंपत्तियों के बीच विवादों से जुड़े मामलों को सुनकर समाधान तलाशने का प्रयास किया गया। काउंसलिंग के दौरान संबंधित पक्षों को अपनी समस्याएं स्पष्ट रूप से रखने और आपसी सहमति से आगे का रास्ता तय करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। पुलिस के अनुसार, इन प्रयासों का उद्देश्य केवल शिकायतों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि जहां संभव हो, वहां परिवारों के बीच संवाद और विश्वास को दोबारा स्थापित करने में मदद करना भी है।
हरिद्वार और रुड़की महिला हेल्पलाइन के आंकड़ों को मिलाकर देखें तो जनवरी 2026 से अब तक कुल 2,071 मामले सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, इनमें से 1,016 परिवारों को काउंसलिंग के बाद फिर से साथ रहने के लिए सहमत कराने में सफलता मिली।
| विवरण | हरिद्वार | रुड़की | कुल |
|---|---|---|---|
| प्राप्त मामले | 966 | 1,105 | 2,071 |
| काउंसलिंग से फिर साथ रहने को सहमत परिवार | 460 | 556 | 1,016 |
ये आंकड़े महिला हेल्पलाइन के माध्यम से किए जा रहे प्रयासों का विवरण देते हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि काउंसलिंग के बाद साथ रहने के लिए सहमत होना और किसी विवाद का स्थायी रूप से समाप्त हो जाना अलग-अलग बातें हैं। परिवारों की परिस्थितियों के अनुसार आगे भी संवाद या अन्य कानूनी सहायता की जरूरत हो सकती है।
महिला हेल्पलाइन के माध्यम से आने वाले मामलों में संबंधित पक्षों की बात सुनना महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। दंपत्तियों के बीच विवाद की वजह समझने के बाद उन्हें आपसी बातचीत और समझदारी से समाधान तलाशने के लिए प्रेरित किया जाता है। काउंसलिंग का उद्देश्य संबंधित पक्षों को अपनी समस्याएं स्पष्ट रूप से रखने का अवसर देना और उपलब्ध विकल्पों पर विचार करने में सहायता करना है। कई मामलों में बातचीत के माध्यम से गलतफहमियां दूर करने और भविष्य में विवाद की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों पर भी चर्चा की जा सकती है।
हालांकि, हर मामले में समझौता संभव या उचित नहीं होता। यदि किसी मामले में हिंसा, धमकी, उत्पीड़न या सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चिंता सामने आती है, तो संबंधित व्यक्ति की सुरक्षा और कानूनी अधिकारों को प्राथमिकता देना आवश्यक है। किसी भी पक्ष पर समझौते के लिए दबाव नहीं डाला जाना चाहिए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ सामाजिक दायित्वों से जुड़े प्रयासों पर भी ध्यान दे रही है। महिला हेल्पलाइन के माध्यम से पारिवारिक विवादों में काउंसलिंग इसी पहल का हिस्सा है। पुलिस की भूमिका केवल अपराध से जुड़े मामलों में कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है। नागरिकों की समस्याओं को सुनना, उन्हें उपलब्ध सहायता के विकल्पों की जानकारी देना और कानून के दायरे में समाधान तलाशने में मदद करना भी पुलिस के काम का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
महिला हेल्पलाइन के आंकड़ों के अनुसार, दोनों केंद्रों पर बड़ी संख्या में परिवारों ने काउंसलिंग के बाद साथ रहने पर सहमति जताई है। इससे यह सामने आता है कि विवादों की परिस्थितियों को समझने और संवाद का अवसर उपलब्ध कराने से कुछ मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। हरिद्वार पुलिस ने लोगों से अपील की है कि पारिवारिक विवाद की स्थिति में धैर्य रखें और जहां सुरक्षित व उचित हो, वहां आपसी संवाद के माध्यम से समस्या सुलझाने का प्रयास करें। जरूरत पड़ने पर महिला हेल्पलाइन से संपर्क कर परामर्श और सहायता ली जा सकती है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई और परामर्श उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। किसी भी मामले में आगे की प्रक्रिया विवाद की प्रकृति, संबंधित पक्षों की सहमति और कानूनी प्रावधानों के आधार पर तय की जाती है। हरिद्वार और रुड़की महिला हेल्पलाइन के माध्यम से जनवरी 2026 से अब तक 2,071 मामले सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, इनमें से 1,016 परिवारों को काउंसलिंग और आपसी सहमति के जरिए फिर से साथ रहने के लिए राजी करने में सफलता मिली है।
हरिद्वार पुलिस का प्रयास है कि पारिवारिक विवादों में संबंधित पक्षों को अपनी बात रखने और समाधान तलाशने का अवसर मिले। साथ ही महिलाओं की सुरक्षा और कानूनी अधिकारों से जुड़े मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाए। पुलिस ने जरूरत पड़ने पर महिला हेल्पलाइन की सहायता लेने और विवादों को सुलझाने के लिए संवाद व परामर्श को प्राथमिकता देने की अपील की है।
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