रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
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हरिद्वार 2026। हरिद्वार पुलिस कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में शनिवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह की अध्यक्षता में सितंबर माह की अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में जनपद के सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारी और थाना व शाखा प्रभारी शामिल हुए। बैठक के दौरान पिछले माह दर्ज अपराधों, मामलों के खुलासे, बरामदगी और पुलिस की कार्रवाई की समीक्षा की गई। एसएसपी ने संबंधित अधिकारियों को अपराध नियंत्रण के प्रयास तेज करने और लंबित विवेचनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में ऑपरेशन प्रहार के तहत की जा रही कार्रवाई की समीक्षा करते हुए थाना प्रभारियों के प्रयासों की सराहना की गई। साथ ही नशा तस्करी, वाहन चोरी और सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सक्रियता बढ़ाने को कहा गया। आगामी त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और यातायात संचालन की तैयारियों पर भी चर्चा हुई।
अपराध गोष्ठी में एसएसपी नवनीत सिंह ने पिछले माह जनपद में सामने आए विभिन्न अपराधों की शीर्षकवार समीक्षा की। इस दौरान मामलों के अनावरण, बरामदगी और पुलिस कार्रवाई से जुड़े आंकड़ों का जायजा लिया गया। अधिकारियों से उनके थाना क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण के लिए किए गए प्रयासों और लंबित मामलों की स्थिति की जानकारी ली गई।
पुलिस के अनुसार, समीक्षा के दौरान कुछ थाना प्रभारियों को अपने प्रदर्शन में सुधार करने और बरामदगी की दर बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। एसएसपी ने कहा कि अपराधों की जांच और कार्रवाई में प्रभावी परिणाम के लिए प्रत्येक स्तर पर निगरानी और जवाबदेही जरूरी है। उन्होंने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि अपराध की सूचना मिलने पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जाए। साथ ही मामलों की जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, बरामदगी और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर गंभीरता से काम किया जाए, ताकि कानूनी प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।

बैठक में ऑपरेशन प्रहार के अंतर्गत थाना स्तर पर की जा रही कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। एसएसपी ने इस अभियान के तहत काम कर रहे थाना प्रभारियों के प्रयासों की सराहना की और अभियान को निरंतर प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने नशा तस्करी, वाहन चोरी और हुड़दंग जैसी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई करने को कहा। इसके साथ ही थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखने और पुलिस की नियमित गश्त व चेकिंग को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
अपराध नियंत्रण के लिए स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत रखना और विभिन्न पुलिस इकाइयों के बीच समन्वय बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। बैठक में अधिकारियों को अपने क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुसार सतर्कता बढ़ाने और शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
नशा तस्करों की चल-अचल संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश
एसएसपी नवनीत सिंह ने नशा तस्करी को समाज के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए इसके विरुद्ध अधिक गंभीरता से कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त पेशेवर अपराधियों की चल और अचल संपत्ति के जब्तीकरण से संबंधित प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। पुलिस अधिकारियों को संबंधित विभागों और सक्षम प्राधिकारियों के साथ जरूरी पत्राचार समय पर पूरा करने को कहा गया। साथ ही संबंधित सर्किल प्रभारियों को ऐसे मामलों की नियमित निगरानी करने और कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
नशे से जुड़े मामलों में केवल गिरफ्तारी तक सीमित रहने के बजाय कानून के तहत उपलब्ध अन्य कार्रवाई के विकल्पों पर भी ध्यान देने को कहा गया। हालांकि, किसी संपत्ति के विरुद्ध जब्तीकरण या अन्य कार्रवाई संबंधित कानून, उपलब्ध साक्ष्यों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप ही की जा सकती है। एसएसपी ने अधिकारियों से कहा कि इस दिशा में लंबित कार्यों की स्थिति की समीक्षा की जाए और अनावश्यक देरी से बचते हुए नियमानुसार प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
अपराध गोष्ठी में लंबित विवेचनाओं की स्थिति पर भी चर्चा हुई। एसएसपी ने सभी विवेचकों को निर्देश दिए कि वे मामलों की जांच निर्धारित समयसीमा में पूरी करने का प्रयास करें। विवेचना के दौरान आवश्यक साक्ष्य जुटाने, संबंधित पक्षों से पूछताछ और अन्य कानूनी औपचारिकताओं को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी मामले में विशेष परिस्थितियों के कारण विवेचना पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता हो, तो संबंधित अधिकारी से नियमानुसार अनुमति प्राप्त की जाए।
एसएसपी ने चेतावनी दी कि निर्देशों के बावजूद यदि कोई विवेचक बिना उचित कारण के विवेचना में अनावश्यक देरी करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। इस निर्देश का उद्देश्य जांच प्रक्रिया को समयबद्ध बनाना और लंबित मामलों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करना है।
त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की समीक्षा
आगामी त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए बैठक में सुरक्षा प्रबंधों और यातायात संचालन की तैयारियों का फीडबैक भी लिया गया। एसएसपी ने अधिकारियों से जानकारी ली कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, प्रमुख बाजारों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्या तैयारियां की गई हैं।

उन्होंने भीड़ नियंत्रण और वाहनों की सुगम आवाजाही को लेकर अधीनस्थ अधिकारियों से सुझाव भी मांगे। निर्देश दिए गए कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार पुलिस बल की तैनाती, गश्त, यातायात नियंत्रण और आवश्यक निगरानी की व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए। त्योहारों के दौरान बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की आवाजाही बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में पुलिस और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखना जरूरी है। बैठक में इन व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक सुधार करने पर जोर दिया गया।
एसएसपी ने थाना प्रभारियों को पुलिसकर्मियों की ड्यूटी व्यवस्था की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधीनस्थ कर्मियों की ड्यूटी में आवश्यकतानुसार बदलाव किया जाए और जिम्मेदारियों के निर्वहन पर निगरानी रखी जाए।
बैठक में चेतक पर नियुक्त पुलिसकर्मियों के कार्यों की समीक्षा करने पर भी जोर दिया गया। थाना प्रभारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि ड्यूटी पर तैनात कर्मी अपनी जिम्मेदारियों का सही ढंग से निर्वहन करें और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि में संलिप्त न हों। पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा से क्षेत्र में गश्त, शिकायतों पर कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े कामों की निगरानी में मदद मिल सकती है। एसएसपी ने अधिकारियों को इस संबंध में जवाबदेही बनाए रखने के निर्देश दिए।
अपराध गोष्ठी के दौरान सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को अपने आवंटित सीयूजी नंबरों पर आने वाली कॉल रिसीव करने के निर्देश भी दिए गए। एसएसपी ने कहा कि जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके निस्तारण के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएं।
पुलिस और आम नागरिकों के बीच संवाद कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी को मामले की प्रकृति के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए और शिकायतकर्ता को नियमानुसार आवश्यक जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए। सीयूजी नंबरों पर आने वाली कॉल का जवाब देने और शिकायतों पर उचित कार्रवाई करने से नागरिकों को अपनी समस्या संबंधित अधिकारी तक पहुंचाने में सुविधा मिल सकती है। बैठक में अधिकारियों को इस जिम्मेदारी का नियमित रूप से पालन करने को कहा गया।
सितंबर माह की अपराध गोष्ठी में अपराधों की समीक्षा के साथ-साथ पुलिस की कार्यप्रणाली, लंबित विवेचनाओं, नशा तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई और आगामी त्योहारों की तैयारियों पर चर्चा की गई। एसएसपी नवनीत सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण के लिए सक्रिय रहें और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार थाना प्रभारियों को ऑपरेशन प्रहार के तहत कार्रवाई जारी रखने, नशा तस्करी से जुड़े मामलों में संपत्ति जब्तीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने और जांच को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर ध्यान देना होगा।
पुलिस अधिकारियों से यह भी अपेक्षा की गई कि वे जनता की शिकायतों को सुनें, सीयूजी नंबरों पर उपलब्ध रहें और त्योहारों के दौरान सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। इस अपराध गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य पिछले माह की पुलिस कार्रवाई की समीक्षा करना, सामने आई कमियों में सुधार करना और जनपद में कानून व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करना रहा।
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