हरिद्वार में परिवहन विभाग की टीम स्लीपर और लग्जरी बसों की जांच करते हुएहरिद्वार में परिवहन विभाग की टीम स्लीपर और लग्जरी बसों की जांच करते हुए

रिपोर्टर (सचिन शर्मा)

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हरिद्वार 2026। जनपद में स्लीपर और लग्जरी बसों की सुरक्षा व्यवस्था तथा परिवहन नियमों के अनुपालन को लेकर परिवहन विभाग ने शुक्रवार तड़के विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर सुबह 4 बजे से शुरू हुए इस अभियान में 50 से अधिक वाहनों के चालान किए गए। वहीं, नियमों के उल्लंघन और तकनीकी अनियमितताओं के मामलों में पांच बसों को सीज किया गया। इसके अलावा गंभीर तकनीकी और सुरक्षा संबंधी कमियों को देखते हुए पांच बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त करने की संस्तुति की गई है।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा के अनुसार, अभियान का उद्देश्य जनपद में संचालित स्लीपर एवं लग्जरी बसों की तकनीकी स्थिति की जांच करना, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और परमिट की शर्तों का पालन कराना था। कार्रवाई सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा के नेतृत्व में की गई। इसमें संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) आनंद वर्धन भी शामिल रहे।

अभियान के दौरान बसों की संरचना, आपातकालीन निकास, सुरक्षा उपकरणों, वाहन संबंधी दस्तावेजों और तकनीकी मानकों की जांच की गई। परिवहन विभाग के अनुसार, जिन वाहनों में नियमों के उल्लंघन या गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि हुई, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर परिवहन विभाग की टीमों ने शुक्रवार सुबह 4 बजे से स्लीपर और लग्जरी बसों की आकस्मिक जांच शुरू की। अभियान के लिए प्रवर्तन अधिकारियों के साथ तकनीकी निरीक्षक को भी शामिल किया गया, ताकि वाहनों के दस्तावेजों के अलावा उनकी संरचना और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का भी परीक्षण किया जा सके।

परिवहन विभाग के मुताबिक, अभियान के दौरान 50 से अधिक वाहनों के चालान किए गए। पांच बसों को सीज किया गया, जबकि पांच अन्य बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त करने की संस्तुति की गई। विभाग ने इन कार्रवाईयों को बसों की सुरक्षा व्यवस्था और परिवहन नियमों के अनुपालन से जुड़ा कदम बताया है। स्लीपर और लग्जरी बसों में बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। ऐसे में वाहन की तकनीकी स्थिति, आपातकालीन निकास और निर्धारित सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है। जांच अभियान में इन पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया।

बसों की संरचना में अनधिकृत बदलाव पर कार्रवाई

अभियान के दौरान उन बसों की जांच पर विशेष जोर दिया गया, जिनकी स्वीकृत संरचना में नियमों के विपरीत बदलाव किए जाने की आशंका थी। परिवहन विभाग के अनुसार, वाहन की मूल स्वीकृत संरचना में अनधिकृत परिवर्तन यात्रियों की सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं। वाहन में सीटों, स्लीपर व्यवस्था या अन्य संरचनात्मक हिस्सों में बदलाव किए जाने की स्थिति में यह देखना जरूरी होता है कि परिवर्तन निर्धारित नियमों और स्वीकृति के अनुरूप हैं या नहीं। किसी भी बदलाव से वाहन की सुरक्षा व्यवस्था या आपातकालीन स्थिति में यात्रियों के बाहर निकलने की सुविधा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

विभागीय टीम ने बसों की तकनीकी स्थिति और स्वीकृत संरचना का निरीक्षण किया। जहां नियमों के उल्लंघन पाए गए, वहां संबंधित प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की गई। हालांकि, उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति में सीज की गई पांच बसों के अलग-अलग नाम, पंजीकरण नंबर या प्रत्येक वाहन में मिली विशिष्ट कमी का विवरण नहीं दिया गया है।

चेकिंग के दौरान परमिट की निर्धारित शर्तों का पालन भी जांच के दायरे में रहा। परिवहन विभाग के अनुसार, कुछ मामलों में पर्यटक वाहनों के निर्धारित प्रयोजन से अलग उपयोग और परमिट संबंधी नियमों के उल्लंघन पर विशेष ध्यान दिया गया।

परमिट किसी वाहन को निर्धारित शर्तों और उपयोग के अनुसार संचालित करने की अनुमति देता है। वाहन का संचालन संबंधित परमिट और लागू परिवहन नियमों के अनुरूप होना जरूरी है। नियमों का उल्लंघन सामने आने पर परिवहन विभाग नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है। अभियान के दौरान वाहन चालकों से आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने को भी कहा गया। विभाग ने बताया कि कुछ मामलों में वैध ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेजों से संबंधित अनियमितताएं सामने आईं। इसके अलावा कर संबंधी अभिलेखों की भी जांच की गई।

स्लीपर एवं लग्जरी बसों की जांच के दौरान आपातकालीन निकास व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। किसी दुर्घटना या आग लगने जैसी आपात स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए निर्धारित निकास व्यवस्था का सही होना महत्वपूर्ण है। परिवहन विभाग की टीम ने बसों में उपलब्ध आपातकालीन निकास और सुरक्षा उपकरणों की स्थिति की जांच की। इसके साथ ही वाहन की संरचना और अन्य जरूरी तकनीकी मानकों का भी निरीक्षण किया गया।

विभाग के अनुसार, कुछ वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों से जुड़ी कमियां पाई गईं। गंभीर तकनीकी अनियमितताओं के मामलों में पांच बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त करने की संस्तुति की गई है। यह संस्तुति संबंधित प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए की गई है। फिटनेस प्रमाणपत्र वाहन की निर्धारित तकनीकी और सुरक्षा आवश्यकताओं से जुड़ा महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वाहन सड़क पर संचालन के लिए लागू मानकों के अनुरूप हो।

रिफ्लेक्टर, ध्वनि नियंत्रण और दस्तावेजों की भी जांच

प्रवर्तन अभियान के दौरान बसों में निर्धारित रिफ्लेक्टर, ध्वनि नियंत्रण और अन्य सुरक्षा मानकों के पालन की भी जांच की गई। सड़क पर चलने वाले वाहनों में आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और सही स्थिति यातायात सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

टीम ने वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस तथा अन्य जरूरी अभिलेखों की जांच की। कर संबंधी दस्तावेजों और परमिट की शर्तों का पालन भी निरीक्षण का हिस्सा रहा। नियमों के उल्लंघन के मामलों में संबंधित प्रावधानों के अनुसार चालान और अन्य कार्रवाई की गई। परिवहन विभाग के इस अभियान में तकनीकी निरीक्षण को शामिल करने का उद्देश्य वाहनों की सुरक्षा संबंधी कमियों की पहचान करना था। विभाग ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में निर्धारित मानकों का पालन जरूरी है।

परिवहन विभाग ने स्लीपर और लग्जरी बसों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। विभाग के अनुसार, स्वीकृत संरचना में अनधिकृत बदलाव और आपातकालीन निकास की व्यवस्था में कमी गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है।

लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बस की तकनीकी स्थिति और सुरक्षा उपकरणों का सही होना महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से आपातकालीन परिस्थितियों में निकास व्यवस्था और अन्य सुरक्षा इंतजाम यात्रियों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा के नेतृत्व में चलाए गए अभियान में इसी उद्देश्य से बसों का तकनीकी निरीक्षण किया गया। गंभीर कमियां सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई और फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त करने की संस्तुति भी की गई।

परिवहन विभाग की कार्रवाई से बस संचालकों और चालकों के लिए यह संदेश दिया गया है कि वाहन की स्वीकृत संरचना, परमिट की शर्तों, फिटनेस और सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है। यात्रा शुरू करने से पहले वाहन की तकनीकी स्थिति और जरूरी दस्तावेजों की वैधता सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है।

बसों के नियमित रखरखाव, आपातकालीन निकास की उपलब्धता और आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की जांच से यात्रियों की सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सकता है। वाहन संचालकों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि चालक के पास वैध लाइसेंस हो और वाहन का संचालन निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाए।

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By ATHAR

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