रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
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देहरादून। उत्तराखंड के बिजली उपभोक्ताओं और किसानों के लिए अक्टूबर महीने में दो अहम अपडेट सामने आए हैं। एक ओर बिजली बिलों में फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (FPPCA) सरचार्ज के कारण अतिरिक्त भुगतान करना होगा, वहीं दूसरी ओर सरकारी खरीद केंद्रों पर धान और मंडुवा की खरीद शुरू हो रही है। बिजली उपभोक्ताओं पर श्रेणी के अनुसार 12 पैसे से लेकर 54 पैसे प्रति यूनिट तक अतिरिक्त सरचार्ज लगेगा। वहीं, किसानों से धान और मंडुवा की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाएगी।
ऊर्जा निगम ने अक्टूबर के लिए बिजली बिलों में लागू होने वाले अतिरिक्त सरचार्ज की दरें तय कर दी हैं। दूसरी ओर, राज्य सरकार ने इस वर्ष धान और मंडुवा की खरीद के लक्ष्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य की जानकारी दी है। इन फैसलों का असर प्रदेश के घरेलू और व्यावसायिक बिजली उपभोक्ताओं के साथ-साथ कृषि क्षेत्र से जुड़े किसानों पर भी पड़ेगा।
अक्टूबर में बिजली बिल पर बढ़ेगा अतिरिक्त बोझ
उत्तराखंड में अक्टूबर महीने के बिजली बिल में उपभोक्ताओं को फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट सरचार्ज देना होगा। ऊर्जा निगम की ओर से तय दरों के अनुसार, अलग-अलग श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट अतिरिक्त शुल्क निर्धारित किया गया है। यह सरचार्ज एक अक्टूबर से लागू होगा।
किस पर कितना बोझ उत्तराखंड के लोगों के लिए अक्टूबर महीने में भी बिजली का बिल महंगा आएगा। बिजली बिलों में 12 पैसे से 54 पैसे प्रति यूनिट का झटका उपभोक्ताओं को लगेगा। ऊर्जा निगम ने अक्टूबर महीने के लिए फ्यूल एंड पावर परचेज कास्ट एडजेस्टमेंट सरचार्ज तय कर दिया है।एक अक्टूबर से बीपीएल उपभोक्ताओं को 12 पैसे, घरेलू उपभोक्ताओं को 35 पैसे, कमर्शियल को 50 पैसे, सरकारी संस्थानों को 47 पैसे प्रति यूनिट अधिक देने होंगे। निजी ट्यूबवेल पर 15 पैसे, कृषि आधारित गतिविधियों में 22 से 24 पैसे बढ़ाए गए हैं।किस पर कितना बोझ
उद्योगों के लिए 46 पैसे, मिक्सड लोड 45 पैसे, रेलवे के लिए 44 पैसे, इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन पर 43 पैसे प्रति यूनिट अधिक देने होंगे। अस्थाई कनेक्शन पर अतिरिक्त सरचार्ज 54 पैसे प्रति यूनिट लगेगा। मुख्य अभियंता कमर्शियल राहुल जैन की ओर से आदेश जारी किए गए हैं।
किस श्रेणी के उपभोक्ता को कितना देना होगा
अक्टूबर महीने के लिए निर्धारित अतिरिक्त सरचार्ज की दरें इस प्रकार हैं बीपीएल उपभोक्ता: 12 पैसे प्रति यूनिट घरेलू उपभोक्ता: 35 पैसे प्रति यूनिट कमर्शियल उपभोक्ता: 50 पैसे प्रति यूनिट सरकारी संस्थान: 47 पैसे प्रति यूनिट निजी ट्यूबवेल: 15 पैसे प्रति यूनिट कृषि आधारित गतिविधियां: 22 से 24 पैसे प्रति यूनिट उद्योग: 46 पैसे प्रति यूनिट मिक्स्ड लोड: 45 पैसे प्रति यूनिट रेलवे: 44 पैसे प्रति यूनिट इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन: 43 पैसे प्रति यूनिट अस्थायी कनेक्शन: 54 पैसे प्रति यूनिटप्रदेश में आज से शुरू होगी धान और मंडुआ की खरीद राज्य के सरकारी खरीद केंद्रों पर आज से धान और मंडुवे की खरीद शुरू हो जाएगी। इस वर्ष सरकार ने 70 लाख कुंतल धान और 1.20 लाख कुंतल मंडुवा खरीदने का लक्ष्य रखा है।
अक्टूबर में बिजली बिल पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ उपभोक्ता की श्रेणी और बिजली की खपत पर निर्भर करेगा। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी घरेलू उपभोक्ता ने महीने में 100 यूनिट बिजली खर्च की है, तो 35 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से उसका अतिरिक्त सरचार्ज 35 रुपये होगा। इसी तरह 200 यूनिट खपत पर यह अतिरिक्त राशि 70 रुपये होगी। यह गणना केवल निर्धारित अतिरिक्त सरचार्ज के आधार पर है। वास्तविक बिजली बिल में अन्य शुल्क, कर और लागू दरें भी शामिल हो सकती हैं। इसलिए उपभोक्ताओं को अपने बिल में दर्ज सभी मदों को ध्यान से देखना चाहिए।
250 खरीद केंद्रों के माध्यम से होगी खरीद
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के अनुसार, प्रदेश में 250 खरीद केंद्रों के साथ यूसीएफ हाट के माध्यम से भी मिलेट्स की खरीद की जाएगी। इसके तहत मंडुवा, झंगोरा, दालें, तिलहन, चौलाई और अन्य पहाड़ी कृषि उत्पादों की खरीद की योजना है। मिलेट्स मिशन योजना के अंतर्गत राज्य में पारंपरिक पहाड़ी फसलों की खरीद को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया जा रहा है। उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में किसानों से सीधे मिलेट्स खरीदेगा। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए निर्धारित खरीद व्यवस्था का विकल्प मिलेगा। खरीद प्रक्रिया में सहकारी समितियों की भी भूमिका रहेगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रति कुंतल खरीद पर संबंधित सहकारी समिति को 200 रुपये की आय होगी। इससे सहकारी समितियों को खरीद व्यवस्था में भागीदारी के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
अक्टूबर महीने में बिजली सरचार्ज की नई दरें लागू होने से उपभोक्ताओं को अपने बिजली बिल पर अतिरिक्त राशि देनी होगी। बिल में बढ़ोतरी की मात्रा बिजली की खपत और कनेक्शन की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग रहेगी। उपभोक्ता अपने बिल में सरचार्ज की गणना और अन्य शुल्कों का विवरण देख सकते हैं।
वहीं, धान और मंडुवा की सरकारी खरीद शुरू होने से किसानों को अपनी उपज बेचने का अवसर मिलेगा। किसानों के लिए जरूरी है कि वे खरीद केंद्रों की जानकारी, पंजीकरण की शर्तें और उपज से संबंधित नियम पहले से पता कर लें। इससे खरीद प्रक्रिया के दौरान अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकता है।अक्टूबर महीने में उत्तराखंड के बिजली उपभोक्ताओं को श्रेणी के अनुसार 12 से 54 पैसे प्रति यूनिट तक अतिरिक्त सरचार्ज देना होगा। दूसरी ओर, राज्य में धान और मंडुवा की सरकारी खरीद के लिए लक्ष्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किए गए हैं। बिजली बिल और कृषि खरीद से जुड़े ये दोनों फैसले प्रदेश के उपभोक्ताओं और किसानों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
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