रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
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हरिद्वार 2026। जनपद में संचालित विकास योजनाओं और विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में समीक्षा बैठक की। बैठक में जिला योजना के अंतर्गत स्वीकृत विकास कार्यों, मुख्यमंत्री घोषणाओं तथा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़ी योजनाओं और विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के साथ ही अनावश्यक देरी से बचने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य आम जनता को समय पर लाभ पहुंचाना है, इसलिए विभागीय स्तर पर नियमित निगरानी और आपसी समन्वय जरूरी है। बैठक में जिलाधिकारी ने विशेष रूप से जिला योजना के अंतर्गत स्वीकृत धनराशि का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने धीमी प्रगति वाले विभागों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि उत्तराखंड यूकेगेम्स पोर्टल पर सभी विभागीय अपनी अपनी वि विभागीय परिसंपत्तियों का विवरण शीघ्र अपलोड करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि जनपद की परिसंपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना आवश्यक है,इसलिए सभी विभाग निर्धारित प्रारूप में समय पर सूचना उपलब्ध कराएं।बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, निर्माण कार्यों, आधारभूत सुविधाओं, विकास परियोजनाओं तथा अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए विकास योजनाओं का लाभ समय पर आमजन तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कार्य करें तथा विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री घोषणाओं को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश
बैठक में जनपद के लिए मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणाओं की भी विभागवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों से घोषणाओं के तहत चल रहे कार्यों की स्थिति की जानकारी ली और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। संबंधित विभाग अपने स्तर पर लंबित प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करें और कार्यों को निर्धारित समय में धरातल पर उतारने का प्रयास करें। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि घोषणाओं से संबंधित कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए, ताकि उनकी वास्तविक स्थिति समय-समय पर सामने आती रहे। लंबित मामलों में आवश्यक समन्वय स्थापित कर समाधान की दिशा में कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया।

समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को अपनी-अपनी विभागीय परिसंपत्तियों का विवरण यूकेगेम्स पोर्टल पर शीघ्र अपलोड करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में विभिन्न विभागों के अधीन मौजूद परिसंपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना जरूरी है। इसके लिए सभी विभाग निर्धारित प्रारूप में अपनी परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी समय पर उपलब्ध कराएं और पोर्टल पर उसका विवरण अपलोड करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। विभागीय स्तर पर रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने और उपलब्ध जानकारी को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज करने पर जोर दिया गया।
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों की योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई। निर्माण कार्यों, आधारभूत सुविधाओं, विकास परियोजनाओं तथा अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की वर्तमान स्थिति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि योजनाओं की प्रगति के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि विकास कार्यों का लाभ निर्धारित समय पर आमजन तक पहुंचे। इसके लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसी योजना के क्रियान्वयन में यदि किसी स्तर पर समस्या आती है तो संबंधित विभाग आपसी समन्वय से उसका समाधान करें। विकास कार्यों को केवल विभागीय प्रक्रिया तक सीमित न रखते हुए उनकी वास्तविक प्रगति पर भी नजर रखी जाए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तय मानकों का पालन किया जाना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और निर्धारित समय-सीमा के भीतर उन्हें पूरा कराया जाए। यदि किसी परियोजना में प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है तो संबंधित विभाग को तत्काल आवश्यक कदम उठाने चाहिए। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से अपने-अपने स्तर पर योजनाओं की लगातार समीक्षा करने को कहा।
बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कई विकास कार्यों में एक से अधिक विभागों की भूमिका होती है। ऐसे में आपसी समन्वय की कमी के कारण कार्यों में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी योजना या निर्माण कार्य में दूसरे विभाग से संबंधित कोई विषय लंबित है तो संबंधित विभाग के साथ समन्वय कर उसका समाधान किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य विकास योजनाओं को समय पर पूरा कराना और उनका लाभ आम जनता तक पहुंचाना है। इसके लिए सभी विभागों को अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करना होगा।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता, अपर जिलाधिकारी प्रशासन जितेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार पंत, एसीएमओ डॉ. अनिल वर्मा, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता हरिद्वार योगेश कुमार, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नलिनी ध्यानी मौजूद रहे। इसके अलावा जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी, सहायक श्रम आयुक्त प्रशांत कुमार, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र उत्तम कुमार तिवारी, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, जिला प्रोवेशन अधिकारी अविनाश भदौरिया, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल दीपक सैनी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी बैठक में उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की प्रगति की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी और लंबित कार्यों को तेजी से पूरा कराने पर ध्यान दिया जाएगा। जिला योजना के अंतर्गत स्वीकृत धनराशि का शत-प्रतिशत उपयोग, मुख्यमंत्री घोषणाओं के कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करना और विभागीय परिसंपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना बैठक के प्रमुख बिंदु रहे। प्रशासन की ओर से विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरे करें और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता तथा पारदर्शिता बनाए रखें। अधिकारियों से यह भी अपेक्षा की गई कि योजनाओं की प्रगति से संबंधित अद्यतन जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए।
हरिद्वार में हुई समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला योजना, मुख्यमंत्री घोषणाओं और विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने जिला योजना के तहत स्वीकृत धनराशि का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने, धीमी गति वाले कार्यों में तेजी लाने और मुख्यमंत्री घोषणाओं को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सभी विभागों को यूकेगेम्स पोर्टल पर अपनी परिसंपत्तियों का विवरण शीघ्र अपलोड करने को कहा गया। अधिकारियों को विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
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