रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
सबसे सटीक ज्वालापुर टाइम्स न्यूज़…
हरिद्वार 2026। हरिद्वार के ग्राम औरंगाबाद स्थित पतंजलि वेलनेस योगग्राम में बुधवार को प्रथम पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उद्घाटन समारोह में शामिल होकर गुरुकुलम् के शुभारंभ पर योगगुरु स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण और पतंजलि परिवार को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा के बीच समन्वय की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रमुख केंद्र है और ऐसे स्थान पर भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े गुरुकुल की शुरुआत का विशेष महत्व है। कार्यक्रम की मुख्य बातें अन्य प्रकाशित रिपोर्टों में भी दर्ज हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार हमारी आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रमुख केंद्र है। देवभूमि में पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् का शुभारंभ भारत की गौरवशाली ज्ञान परंपरा को आधुनिक युग से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि भारत की गुरुकुल परंपरा हजारों वर्षों से ज्ञान, संस्कार, अनुशासन और चरित्र निर्माण का आधार रही है। गुरुकुलों में विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ जीवन जीने की कला और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का भी बोध कराया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सा विद्या या विमुक्तये’ का भाव हमारी प्राचीन शिक्षा परंपरा का आधार रहा है। सच्ची शिक्षा वही है, जो मनुष्य को अज्ञान, भय और संकीर्णता से मुक्त कर उसके व्यक्तित्व का समग्र विकास करे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् भारतीय ज्ञान परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगा। यहां आधुनिक विज्ञान और तकनीक के साथ योग, आयुर्वेद, भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों का समन्वय विद्यार्थियों को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार करेगा।

स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के कार्यों का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने समारोह में स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वामी रामदेव ने योग को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई है, जबकि आचार्य बालकृष्ण ने आयुर्वेद के अध्ययन, शोध और प्रसार के क्षेत्र में काम किया है। मुख्यमंत्री ने योग, आयुर्वेद, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में पतंजलि से जुड़े कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरुकुलम् की स्थापना भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा के आधुनिक स्वरूप के साथ जोड़ने की दिशा में एक पहल है। कार्यक्रम में पतंजलि परिवार की ओर से भी गुरुकुलम् की स्थापना को शिक्षा और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े प्रयास के रूप में प्रस्तुत किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में तेजी से बदलती दुनिया में गुरुकुल शिक्षा की प्रासंगिकता और बढ़ी है। आधुनिक ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन और संतुलित जीवन शैली की शिक्षा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने योग, आयुर्वेद, शिक्षा, अनुसंधान और जन-स्वास्थ्य के क्षेत्रों में निरंतर कार्य किया है। स्वामी रामदेव ने योग को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जबकि आचार्य बालकृष्ण द्वारा आयुर्वेद के अध्ययन, शोध और प्रसार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं।
दून विश्वविद्यालय में हिंदू अध्ययन केंद्र का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा, दर्शन और संस्कृति के अध्ययन तथा शोध को बढ़ावा देने के लिए दून विश्वविद्यालय में हिंदू अध्ययन केंद्र स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड के युवा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को समझें तथा उसे व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का आत्मविश्वास विकसित करें। उन्होंने शिक्षा और शोध के क्षेत्र में भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विषयों पर अध्ययन को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तराखंड में विज्ञान, शोध और नवाचार से जुड़ी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में वैज्ञानिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर संसाधन विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने देहरादून में विकसित की जा रही साइंस सिटी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में विज्ञान एवं नवाचार केंद्रों के माध्यम से युवाओं को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक सोच से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में स्टार्टअप और इनोवेशन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने तथा युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल से जोड़ने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को रोजगार और कौशल से जोड़ने की दिशा में सरकार के प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता को लेकर राज्य में लागू नकल विरोधी कानून का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले लगभग पांच वर्षों में करीब 35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में रोजगार के अवसर मिले हैं। यह आंकड़ा मुख्यमंत्री की ओर से समारोह में दिए गए संबोधन में बताया गया। सरकारी रोजगार से जुड़े आंकड़ों की विस्तृत पुष्टि संबंधित विभागीय आंकड़ों के आधार पर की जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को पर्यटन के साथ-साथ ज्ञान, योग, आयुर्वेद और अध्यात्म के प्रमुख केंद्र के रूप में भी आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य की पहचान केवल प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक पर्यटन तक सीमित नहीं है। यहां की प्राचीन ज्ञान परंपरा, योग, आयुर्वेद और आध्यात्मिक विरासत भी उत्तराखंड की महत्वपूर्ण पहचान हैं। पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् जैसे संस्थानों के माध्यम से इन क्षेत्रों से जुड़े अध्ययन और शिक्षा को आगे बढ़ाने की संभावनाओं का भी मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों और युवाओं के समग्र विकास के लिए शिक्षा में ज्ञान के साथ संस्कार और अनुशासन का संतुलन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते सामाजिक और तकनीकी वातावरण में विद्यार्थियों को आधुनिक विषयों की जानकारी के साथ जीवन मूल्यों से जोड़ना भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गुरुकुल परंपरा में शिक्षा को जीवन से जोड़ने की परंपरा रही है। आधुनिक शिक्षा व्यवस्था के साथ इसके उपयोगी तत्वों का समन्वय विद्यार्थियों के विकास में सहायक हो सकता है।
हरिद्वार में प्रथम पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् के शुभारंभ समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षा, भारतीय ज्ञान परंपरा, योग, आयुर्वेद, विज्ञान, शोध और युवाओं के कौशल विकास से जुड़े विषयों पर बात रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय जीवन मूल्यों और संस्कारों का समन्वय नई पीढ़ी के लिए उपयोगी हो सकता है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, विज्ञान एवं नवाचार से जुड़े प्रयासों तथा उत्तराखंड में भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्ययन को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख किया। कार्यक्रम में स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण और पतंजलि परिवार को गुरुकुलम् के शुभारंभ पर बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने इसे भारतीय ज्ञान परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में पहल बताया।
इस दौरान आचार्य बालकृष्ण, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, विधायक ज्वालापुर ई.रवि बहादुर, पूर्व कैबिनेट स्वामी यतिस्वारानंद, गोल्डन बाबा, स्वामी भू देव, जिलाध्यक्ष भाजपा आसुतोष शर्मा, जिला अध्यक्ष भाजपा रुड़की डॉ मधु सिंह, राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, राज्य मंत्री आदेश सैनी, श्यामवीर सैनी, अजीत सिंह, मेयर नगर निगम रुड़की अनीता अग्रवाल, वरिष्ठ कार्यकर्ता भाजपा राजेंद्र चौधरी, लव शर्मा, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी डॉ ललित नारायण मिश्र, एसपी ट्रैफिक निशा यादव, जॉइन मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेठ, सिटी मजिस्ट्रेट हरिद्वार हर गिरी, उप जिलाधिकारी हरिद्वार योगेश मेहरा सहित बड़ी संख्या संस्थान के छात्र-छात्राएं एवं जनप्रतिनिधि में मौजूद रहे।
यह भी पढ़ें – पिरान कलियर में वाहनों से नाम पट्टिका हटाने का अभियान 7 चालान और 2 वाहन सीज…
उत्तराखंड की सभी ताज़ा और महत्वपूर्ण ख़बरों के लिए ज्वालापुर टाइम्स न्यूज़ WHATSAPP GROUP से जुड़ें और अपडेट सबसे पहले पाएं
यहां क्लिक करें एक और हर अपडेट आपकी उंगलियों पर!
यदि आप किसी विज्ञापन या अपने क्षेत्र/इलाके की खबर को हमारे न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म पर प्रकाशित कराना चाहते हैं, तो कृपया 7060131584 पर संपर्क करें। आपकी जानकारी को पूरी जिम्मेदारी और भरोसे के साथ प्रसारित किया जाएगा।”

