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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
रुड़की। ग्राम इब्राहिमपुर देह स्थित प्राथमिक पाठशाला इब्राहिमपुर की भूमि को प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण से मुक्त करा लिया है। खसरा संख्या 360 में दर्ज इस भूमि पर किए गए अतिक्रमण को राजस्व विभाग और नगर पंचायत रामपुर की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए हटाया। अतिक्रमण हटने के बाद भूमि को नियमानुसार शिक्षा विभाग की सुपुर्दगी में दे दिया गया है।
प्रशासन के अनुसार ग्राम इब्राहिमपुर देह में खसरा संख्या 360 की भूमि राजस्व अभिलेखों में प्राथमिक पाठशाला इब्राहिमपुर के नाम से दर्ज है। भूमि पर अतिक्रमण की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की गई। जॉइंट मजिस्ट्रेट रुड़की के निर्देश के बाद तहसीलदार रुड़की के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई में नगर पंचायत रामपुर की टीम की भी मौजूदगी रही। संयुक्त टीम ने मौके का निरीक्षण करने के बाद विद्यालय की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शुरू की।

विद्यालय की भूमि कराई गई अतिक्रमण मुक्त
प्रशासन की कार्रवाई के दौरान प्राथमिक पाठशाला की भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया गया। अधिकारियों के अनुसार सरकारी रिकॉर्ड में विद्यालय के लिए दर्ज भूमि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप किया जाना आवश्यक है। अतिक्रमण हटाने के बाद प्रशासन ने भूमि को खाली कराकर उसकी स्थिति सुनिश्चित की। इसके बाद नियमानुसार उक्त भूमि को शिक्षा विभाग की सुपुर्दगी में दे दिया गया। इससे विद्यालय से संबंधित शैक्षणिक और अन्य आवश्यक गतिविधियों के लिए भूमि का उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

अतिक्रमण हटाए जाने के बाद भूमि को शिक्षा विभाग के हवाले किए जाने को प्रशासन की कार्रवाई का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। इससे विद्यालय की भूमि पर भविष्य में किसी प्रकार के अनधिकृत कब्जे या उपयोग की स्थिति को रोकने में भी मदद मिलेगी। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक और सरकारी उपयोग के लिए दर्ज भूमि का संरक्षण संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। विद्यालय की भूमि का उपयोग बच्चों की शिक्षा और विद्यालय से जुड़ी गतिविधियों के लिए होना चाहिए। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए अतिक्रमण हटाने के बाद भूमि को शिक्षा विभाग को सौंपा गया।
सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर प्रशासन सख्त
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी एवं सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। ऐसी भूमि की पहचान होने पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक सरकारी भूमि पर अतिक्रमण से सार्वजनिक सुविधाओं और विकास कार्यों पर असर पड़ सकता है। विशेष रूप से स्कूल, सड़क, सार्वजनिक रास्ते और अन्य संस्थानों के लिए आरक्षित भूमि का निर्धारित उपयोग सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
विद्यालय की भूमि अतिक्रमण मुक्त होने के बाद शिक्षा विभाग के पास उपलब्ध भूमि का उपयोग विद्यालय की जरूरतों के अनुसार किया जा सकेगा। विद्यालय परिसर से संबंधित भविष्य की गतिविधियों, आवश्यक सुविधाओं या अन्य शैक्षणिक कार्यों के लिए भूमि उपयोगी साबित हो सकती है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर यह संदेश भी गया है कि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अनधिकृत कब्जे को प्रशासन द्वारा नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। हालांकि, किसी भी भूमि संबंधी विवाद या कार्रवाई का अंतिम निर्धारण संबंधित राजस्व अभिलेखों और सक्षम प्रशासनिक प्रक्रिया के आधार पर ही होता है।
इब्राहिमपुर देह में हुई कार्रवाई में राजस्व विभाग, तहसील प्रशासन और नगर पंचायत की टीम की संयुक्त भूमिका रही। जॉइंट मजिस्ट्रेट रुड़की के निर्देश और तहसीलदार रुड़की के नेतृत्व में पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। प्रशासन की ओर से सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद उसे संबंधित विभाग को सौंपना इस कार्रवाई का अहम हिस्सा रहा। इससे भूमि के भविष्य के उपयोग को लेकर स्थिति भी स्पष्ट हो गई है।

प्रशासन का कहना है कि सरकारी एवं सार्वजनिक उपयोग की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त रखना आवश्यक है। यदि किसी स्थान पर सरकारी भूमि पर अनधिकृत कब्जे की जानकारी सामने आती है तो मामले की जांच राजस्व रिकॉर्ड और मौके की स्थिति के आधार पर की जाती है। नियमों के अनुसार कार्रवाई के बाद भूमि को संबंधित विभाग के उपयोग में दिया जा सकता है।
इब्राहिमपुर की प्राथमिक पाठशाला की भूमि के मामले में भी प्रशासन ने इसी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की। अतिक्रमण हटने के बाद भूमि शिक्षा विभाग को सौंप दी गई है, जिससे विद्यालय की भूमि का उपयोग उसके निर्धारित उद्देश्य के लिए किया जा सकेगा। फिलहाल प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद प्राथमिक पाठशाला इब्राहिमपुर की भूमि अतिक्रमण मुक्त हो चुकी है। संबंधित भूमि अब शिक्षा विभाग की सुपुर्दगी में है। प्रशासन ने सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की भूमि को लेकर नियमों के अनुरूप कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
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