सबसे सटीक ज्वालापुर टाइम्स न्यूज़…
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के बाद युवाओं के बीच राजनीतिक नेताओं की लोकप्रियता को लेकर एक सर्वे सामने आया है। सी-वोटर के इस सर्वे में शिक्षा सुधार, पेपर लीक और सरकार की ओर से उठाए गए कदमों को लेकर लोगों की राय जानने की कोशिश की गई। सर्वे में युवाओं के बीच नेताओं की लोकप्रियता का भी आकलन किया गया है। उपलब्ध सर्वे विवरण के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं के बीच लोकप्रियता के मामले में सबसे आगे बताए गए हैं, जबकि अभिजीत दीपके तीसरे स्थान पर हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन नेताओं की लोकप्रियता के सटीक प्रतिशत साझा नहीं किए गए हैं। सर्वे के अन्य आंकड़ों में शिक्षा सुधार और पेपर लीक रोकने के लिए सरकार की प्राथमिकताओं को लेकर लोगों की राय सामने आई है।
आ गया सर्वे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की अगुआई में दिल्ली के जंतर-मंतर पर चले छात्र आंदोलन के बाद एक सर्वे में युवाओं और देश का मूड भांपने की कोशिश की गई है। सी वोटर के इस सर्वे म यह पता लगाने की कोशिश की गई है कि पेपर लीक के मुद्दे पर देश की राय क्या है और लोग सरकार के कदम से कितने संतुष्ट या असंतुष्ट हैं। इसमें इस सवाल का जवाब भी मिला है
जंतर-मंतर आंदोलन के बाद आया सर्वे
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की अगुआई में चले छात्र आंदोलन के बाद शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक का मुद्दा राजनीतिक चर्चा के केंद्र में रहा। आंदोलन के दौरान छात्रों की ओर से शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई जैसी मांगें उठाई गई थीं। आंदोलन के बाद सी-वोटर की ओर से किए गए सर्वे में यह समझने की कोशिश की गई कि शिक्षा सुधार और पेपर लीक के मुद्दे पर देश के लोगों की क्या राय है। साथ ही यह भी जानने का प्रयास किया गया कि सरकार की ओर से उठाए गए कदमों को लेकर जनता कितनी संतुष्ट है। सर्वे में युवाओं के बीच नेताओं की लोकप्रियता को लेकर भी सवाल किया गया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले में सबसे आगे रहे, जबकि अभिजीत दीपके तीसरे स्थान पर बताए गए।
कि युवाओं के बीच किस नेता की लोकप्रियता अधिक है। सी-वोटर (Cvoter) के सर्वे के मुताबिक पीएम मोदी अब भी युवाओं के बीच सबसे लोकप्रिय हैं, जबकि अभिजीत दीपके तीसरे स्थान पर हैं।सी वोटर की ओर से किए गए ताजा सर्वे के आंकड़े गुरुवार को इंडिया टुडे चैनल पर दिखाए गए। सी-वोटर की ओर से पूछा गया था कि शिक्षा सुधार के लिए सरकार की क्या प्राथमिकता होनी चाहिए थी? इसके जवाब में 27.2 फीसदी ने कहा ‘मंत्री का इस्तीफा’। 31.7 फीसदी ने सख्त एंटी पेपरलीक कानून का विकल्प चुना। 11.9 फीसदी के मुताबिक एनटीए में बड़े बदलाव होने चाहिए। 16.7 फीसदी ने शिक्षा सुधार के लिए एक्सपर्ट पैनल की बात कही। 6.9 फीसदी ने अन्यु सुधार और 5.7 फीसदी ने पता नहीं का विकल्प चुना।सरकार के कदम से कितने संतुष्ट
सर्वे की पृष्ठभूमि में शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की ओर से उठाए गए विभिन्न कदमों का उल्लेख किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सरकार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के अलावा पेपर लीक से जुड़े कानून में संशोधन किया और शिक्षा सुधारों के लिए विशेषज्ञ पैनल के गठन की दिशा में भी कदम उठाए। इसके बावजूद सर्वे में बड़ी संख्या में लोगों का इन प्रयासों से असंतुष्ट होना शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को लेकर बनी चिंता की ओर इशारा करता है। हालांकि, किसी भी सर्वे के आंकड़ों को समझते समय उसके सैंपल साइज, सर्वे की अवधि, सवाल पूछने के तरीके और सर्वे में शामिल लोगों की सामाजिक एवं भौगोलिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखना जरूरी होता है। उपलब्ध खबर में इन सभी पहलुओं की विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
युवाओं की राजनीतिक पसंद को लेकर सामने आए सर्वे के हिस्से ने इस रिपोर्ट को खास चर्चा में ला दिया है। जंतर-मंतर के छात्र आंदोलन के बाद यह सवाल महत्वपूर्ण माना जा रहा था कि युवाओं के बीच किस नेता की लोकप्रियता अधिक है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं के बीच सबसे लोकप्रिय नेता बताए गए हैं। वहीं अभिजीत दीपके को तीसरे स्थान पर रखा गया है। इस सर्वे में राहुल गांधी का भी नाम राजनीतिक लोकप्रियता की चर्चा में है, लेकिन उपलब्ध सामग्री में उनके सटीक प्रतिशत या स्थान का आंकड़ा नहीं दिया गया है। इसलिए उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना उचित होगा कि सर्वे की रिपोर्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को युवाओं के बीच शीर्ष स्थान पर और अभिजीत दीपके को तीसरे स्थान पर बताया गया है। अन्य नेताओं की सटीक रैंकिंग के लिए मूल सर्वे के विस्तृत आंकड़ों की जरूरत होगी।
जंतर-मंतर आंदोलन के बाद सामने आए इस सर्वे ने शिक्षा सुधार और युवाओं की राजनीतिक पसंद को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं के बीच लोकप्रियता में आगे बताए गए हैं, वहीं अभिजीत दीपके का तीसरे स्थान पर होना भी राजनीतिक दृष्टि से चर्चा का विषय बन सकता है।
हालांकि, युवाओं की राजनीतिक पसंद समय के साथ बदल सकती है। शिक्षा, रोजगार, परीक्षा व्यवस्था, महंगाई और सरकार के कामकाज जैसे मुद्दे युवाओं की राय को प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल सर्वे के आंकड़े यह बताते हैं कि पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून की मांग करने वाले लोगों की संख्या सबसे अधिक रही, जबकि सरकार के मौजूदा कदमों से असंतुष्ट लोगों का प्रतिशत संतुष्ट लोगों से ज्यादा है। दूसरी ओर, युवाओं की लोकप्रियता के सवाल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे आगे और अभिजीत दीपके तीसरे स्थान पर बताए गए हैं। डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध कराई गई सर्वे जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। सर्वे के मूल सैंपल साइज, पद्धति और विस्तृत आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध सामग्री के आधार पर नहीं की गई है। इसलिए पाठकों को सर्वे के निष्कर्षों को उसी संदर्भ में देखना चाहिए।
यह भी पढ़ें – श्रीलंका 246/4 के पार भारत को 4 विकेट शुभमन गिल चोट के कारण बाहर…
उत्तराखंड की सभी ताज़ा और महत्वपूर्ण ख़बरों के लिए ज्वालापुर टाइम्स न्यूज़ WHATSAPP GROUP से जुड़ें और अपडेट सबसे पहले पाएं
यहां क्लिक करें एक और हर अपडेट आपकी उंगलियों पर!
यदि आप किसी विज्ञापन या अपने क्षेत्र/इलाके की खबर को हमारे न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म पर प्रकाशित कराना चाहते हैं, तो कृपया 7060131584 पर संपर्क करें। आपकी जानकारी को पूरी जिम्मेदारी और भरोसे के साथ प्रसारित किया जाएगा।”

