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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने एक्वाकल्चर (मत्स्य पालन) और तंबाकू किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें बेहतर बाजार, उचित मूल्य और निर्यात के नए अवसर उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार तटीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में आंध्र प्रदेश के एक्वाकल्चर और तंबाकू उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें किसानों के सामने आ रही चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक ऐसे समय में हुई है जब उत्पादन लागत में लगातार वृद्धि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा और निर्यात से जुड़ी चुनौतियों को लेकर किसान राहत की मांग कर रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार के बीच हुई इस चर्चा को कृषि और निर्यात क्षेत्र के लिए अहम माना जा रहा है।
तंबाकू किसानों के साथ खड़ी सरकार: उचित दाम और निर्यात बढ़ाने का वादा, बोले पीयूष गोयल
नई दिल्ली ,21 जुलाई ,। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक्वाकल्चर क्षेत्र को मजबूत करने की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि इससे भारत की तटीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, किसानों की आजीविका बेहतर होगी और निर्यात वृद्धि के नए अवसर पैदा होंगे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्सÓ पर एक पोस्ट में गोयल ने बताया कि उन्होंने आंध्र प्रदेश के एक्वाकल्चर और तंबाकू उद्योग से जुड़े पक्षकारों के साथ सार्थक बातचीत की। गोयल ने कहा, “हमने भारत की तटीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए एक्वाकल्चर क्षेत्र को और सशक्त बनाने के अवसरों पर चर्चा की।
सरकार ने किसानों को दिया भरोसा
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं बल्कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना भी है। उन्होंने कहा कि भारत का एक्वाकल्चर क्षेत्र वैश्विक बाजार में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है और इसे और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी नीतियों पर काम कर रही है जिससे किसानों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार दोनों में अधिक अवसर मिल सकें। पीयूष गोयल ने कहा कि एक्वाकल्चर क्षेत्र लाखों लोगों की आजीविका से जुड़ा हुआ है। इस क्षेत्र के विकास से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि तटीय राज्यों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत के समुद्री उत्पादों की वैश्विक मांग लगातार बढ़ रही है और यदि उत्पादन लागत कम होती है तथा निर्यात को बढ़ावा मिलता है तो इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को उचित मूल्य, बेहतर बाजार पहुंच और निर्यात बढ़ाने के नए अवसर उपलब्ध कराकर उनकी आजीविका को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन प्रयासों से आंध्र प्रदेश की आर्थिक प्रगति को भी गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि एक्वाकल्चर राज्य के प्रमुख निर्यात केंद्रित क्षेत्रों में से एक है और भारत के सीफूड निर्यात में इसका महत्वपूर्ण योगदान है।
आंध्र प्रदेश ने केंद्र के सामने रखीं अहम मांगें
बैठक के दौरान आंध्र प्रदेश सरकार ने भी किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे केंद्र सरकार के समक्ष रखे। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि: जीएम सोयाबीन मील के आयात की अनुमति मिले झींगा पालन में उपयोग होने वाले चारे की लागत कम करने के लिए जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) सोयाबीन मील के आयात की अनुमति देने की मांग की गई। फिश मील के निर्यात को किया जाए नियंत्रित मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले घरेलू जरूरत पूरी की जाए और उसके बाद ही फिश मील के निर्यात की अनुमति दी जाए ताकि स्थानीय किसानों को पर्याप्त उपलब्धता मिल सके। जीएसटी में राहत की मांग एक्वाकल्चर उद्योग से जुड़े प्रमुख उत्पादों और इनपुट पर जीएसटी कम करने का अनुरोध किया गया ताकि किसानों की उत्पादन लागत कम हो सके।
बैठक में तंबाकू किसानों की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि:तंबाकू निर्यात को प्रोत्साहन दिया जाए। किसानों को वैश्विक बाजार तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराई जाए। निर्यात बढ़ाने के लिए नई नीतियां बनाई जाएं। इससे किसानों को उनकी फसल का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी। आंध्र प्रदेश सरकार ने अमरावती में राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (NFDB) का क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा। सरकार का मानना है कि इससे मत्स्य पालन क्षेत्र में अनुसंधान, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता को बढ़ावा मिलेगा तथा किसानों को नई तकनीकों का लाभ मिलेगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय नेता शामिल हुए। बैठक में केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू किंजारापु, केंद्रीय राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा, भाजपा नेता डी. पुरंदेश्वरी, टीडीपी संसदीय दल के नेता लावू श्रीकृष्ण देवरायालु तथा आंध्र प्रदेश सरकार के कई मंत्री भी उपस्थित रहे। भारत विश्व के प्रमुख समुद्री उत्पाद निर्यातक देशों में शामिल है। विशेष रूप से आंध्र प्रदेश: झींगा उत्पादन में अग्रणी राज्यों में शामिल है। देश के समुद्री खाद्य निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान देता है। लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उत्पादन लागत कम करने और निर्यात बढ़ाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाते हैं तो भारतीय समुद्री उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा और मजबूत होगी।
वर्तमान समय में किसानों के सामने कई समस्याएं हैं, जिनमें प्रमुख हैं: उत्पादन लागत में लगातार वृद्धि पशु एवं मत्स्य आहार की बढ़ती कीमतें निर्यात बाजार में प्रतिस्पर्धा जीएसटी का अतिरिक्त बोझ कच्चे माल की सीमित उपलब्धता बैठक में इन सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। यदि केंद्र सरकार किसानों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेती है तो झींगा पालन की लागत कम हो सकती है। समुद्री उत्पादों का निर्यात बढ़ सकता है। किसानों की आय में वृद्धि संभव है। तटीय राज्यों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। भारत वैश्विक सीफूड बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।
बैठक में केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू किंजारापु, भारी उद्योग एवं इस्पात राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा, भाजपा नेता डी. पुरंदेश्वरी, टीडीपी संसदीय दल के नेता लावू श्रीकृष्ण देवरायालु तथा आंध्र प्रदेश के मंत्री के. अच्चन्नायडू, गोट्टीपाटी रवि कुमार और डोला बाला वीरंजनय स्वामी भी शामिल हुए। यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसी दिन आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य के एक्वाकल्चर और तंबाकू किसानों के हितों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार से कई कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बढ़ती उत्पादन लागत और वैश्विक बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच किसानों को राहत देने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने गोयल समेत केंद्रीय मंत्रियों को अलग-अलग पत्र लिखकर झींगा चारा बनाने वाली इकाइयों के लिए जेनेटिकली मॉडिफाइड (जीएम) सोयाबीन मील के आयात की अनुमति देने, घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए फिश मील के निर्यात को विनियमित करने, तंबाकू निर्यात पर प्रोत्साहन देने, एक्वाकल्चर से जुड़े प्रमुख इनपुट पर जीएसटी कम करने और अमरावती में राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी) का क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित करने की मांग की। केंद्र सरकार द्वारा एक्वाकल्चर और तंबाकू किसानों के हितों को लेकर दिया गया भरोसा कृषि और निर्यात क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। किसानों की प्रमुख मांगों पर यदि समयबद्ध निर्णय लिए जाते हैं तो इससे उत्पादन, निर्यात और किसानों की आय तीनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है। आने वाले समय में केंद्र सरकार के निर्णयों पर किसानों और उद्योग जगत की नजर बनी रहेगी।
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