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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
हरिद्वार, 21 जुलाई 2026। हरिद्वार जनपद के पथरी थाना क्षेत्र स्थित शिवगढ़ गांव के प्राचीन शिवगढ़ महादेव मंदिर में दो साधुओं के शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मंदिर परिसर में खुदाई के दौरान दोनों शव मिट्टी में दबे मिले, जिसके बाद पुलिस, फॉरेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका जताई गई है, हालांकि पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार करते हुए सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच जारी होने की बात कही है।
मंदिर परिसर में खुदाई के दौरान मिला बड़ा सुराग
जानकारी के अनुसार सोमवार को मंदिर परिसर में खुदाई का कार्य चल रहा था। इसी दौरान मजदूरों को जमीन के अंदर दबे दो शव दिखाई दिए। सूचना मिलते ही पथरी थाना पुलिस, फॉरेंसिक टीम और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। इस घटना के सामने आने के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस की प्रारंभिक जांच में मृतकों की पहचान सेवा गिरी और उत्तम गिरी के रूप में हुई है। दोनों साधु लंबे समय से मंदिर परिसर में रह रहे थे। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि एक साधु की गला दबाकर हत्या की गई, जबकि दूसरे साधु पर किसी धारदार हथियार से कई वार किए गए। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए सीओ लक्सर देवेंद्र नेगी, थानाध्यक्ष पथरी रविंद्र कुमार, फॉरेंसिक विशेषज्ञों तथा अन्य पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके अलावा एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की प्रगति की समीक्षा की और पुलिस टीम को सभी पहलुओं पर गहन जांच करने के निर्देश दिए। पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि घटना से पहले मंदिर परिसर में कुल पांच साधु ठहरे हुए थे। दो साधुओं के शव मिलने के बाद बाकी तीन साधु लापता बताए जा रहे हैं। पुलिस अब उनकी तलाश में जुटी हुई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि लापता साधु घटना के गवाह हैं, संदिग्ध हैं या किसी अन्य कारण से वहां से चले गए।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। मामले की जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जा रही है। जांच के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं—हत्या का वास्तविक समय क्या था? हत्या के पीछे व्यक्तिगत रंजिश, विवाद या कोई अन्य कारण था? लापता तीन साधुओं की भूमिका क्या है? क्या वारदात में एक से अधिक लोग शामिल थे? मंदिर परिसर में शवों को दफनाने का उद्देश्य क्या था? फॉरेंसिक टीम घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही आसपास के लोगों से पूछताछ, तकनीकी साक्ष्य और अन्य उपलब्ध जानकारियों के आधार पर पूरी घटना की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
दो साधुओं की हत्या के बाद स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल क्षेत्र में स्थित मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। घटना के बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। हरिद्वार के शिवगढ़ महादेव मंदिर में दो साधुओं के शव मिलने की घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। प्रारंभिक जांच हत्या की ओर इशारा कर रही है, लेकिन पुलिस अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और लापता तीन साधुओं की तलाश इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण साबित होगी। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष और वैज्ञानिक आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है तथा दोषियों को जल्द कानून के दायरे में लाया जाएगा।
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