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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
हरिद्वार। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हरिद्वार गंगा कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत लगभग 235 करोड़ रुपये की विभिन्न आधारभूत अवसंरचना परियोजनाओं का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। उत्तराखण्ड निवेश एवं आधारिक संरचना विकास बोर्ड (UIIDB) के माध्यम से संचालित इन परियोजनाओं का उद्देश्य हरिद्वार को आधुनिक, सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित धार्मिक एवं पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करना है। अलकनंदा होटल, हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हरिद्वार के समग्र विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत होने वाले विकास कार्यों से न केवल तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को भी इसका दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
235 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुल चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इनमें प्रशासनिक सुविधाओं से लेकर घाटों के सौंदर्यीकरण और आधारभूत ढांचे के विकास तक कई कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं में शामिल हैं— 43.25 करोड़ रुपये की लागत से प्रशासनिक मार्ग परियोजना का भूमि पूजन। 66.76 करोड़ रुपये की लागत से हर की पैड़ी एवं सुभाष घाट के पुनरुद्धार कार्यों का शिलान्यास। 66.34 करोड़ रुपये की लागत से हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना विकास। 58.84 करोड़ रुपये की लागत से रोड़ी बेलवाला क्षेत्र के पुनरुद्धार कार्यों का शिलान्यास। इन सभी परियोजनाओं पर कुल मिलाकर लगभग 235 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

हरिद्वार आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए हर की पैड़ी सबसे प्रमुख आस्था का केंद्र है। प्रस्तावित परियोजनाओं के तहत घाटों के सौंदर्यीकरण, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, पैदल मार्ग, ड्रेनेज सिस्टम तथा अन्य सार्वजनिक सुविधाओं को आधुनिक बनाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। रोड़ी बेलवाला क्षेत्र कांवड़ मेला, धार्मिक आयोजनों तथा बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रस्तावित विकास कार्यों के अंतर्गत इस क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। सड़क, पार्किंग, जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था, सार्वजनिक सुविधाओं तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की योजना है, जिससे बड़े आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सके।
43.25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली प्रशासनिक मार्ग परियोजना का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों को अधिक व्यवस्थित बनाना है। इससे सरकारी विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा और विभिन्न परियोजनाओं के संचालन में सुविधा मिलेगी। यह परियोजना भविष्य में शहर की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक मानी जा रही है। इन परियोजनाओं का संचालन उत्तराखण्ड निवेश एवं आधारिक संरचना विकास बोर्ड (UIIDB) द्वारा किया जाएगा। बोर्ड का उद्देश्य राज्य में आधुनिक आधारभूत ढांचे का विकास कर नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना है। हरिद्वार गंगा कॉरिडोर परियोजना भी इसी व्यापक विकास योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

हरिद्वार देश के सबसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में शामिल है। वर्षभर लाखों श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं, जबकि कांवड़ मेला, गंगा दशहरा, कुंभ और अर्धकुंभ जैसे आयोजनों के दौरान यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद—श्रद्धालुओं की सुविधा में सुधार होगा। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। शहर की आधारभूत संरचना और अधिक मजबूत होगी। राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे विकास कार्यों को आगामी वर्षों की बढ़ती श्रद्धालु संख्या और बड़े धार्मिक आयोजनों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। पार्किंग, यातायात, सुरक्षा, घाटों की क्षमता और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे भविष्य में बड़े आयोजनों के दौरान व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हरिद्वार उत्तराखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का प्रमुख केंद्र है। सरकार का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और शहर का विकास आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश भी दिए। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की ओर से बताया गया कि विस्तृत प्रेस नोट कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जारी किया जाएगा। वर्तमान में केवल भूमि पूजन और शिलान्यास से संबंधित प्रारंभिक जानकारी साझा की गई है। विस्तृत परियोजना विवरण और समयसीमा बाद में सार्वजनिक की जाएगी।

लगभग 235 करोड़ रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं को हरिद्वार के बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हर की पैड़ी, सुभाष घाट, रोड़ी बेलवाला और प्रशासनिक मार्ग के विकास से धार्मिक पर्यटन, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है। परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हरिद्वार को एक अधिक आधुनिक, सुरक्षित और व्यवस्थित धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करने में सहायता मिलेगी।
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