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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
हरिद्वार। जनपद हरिद्वार में अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” अभियान के तहत कनखल पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना कनखल पुलिस ने क्षेत्र में दहशत फैलाने वाले कथित “पिल्ला गैंग” के दो सक्रिय सदस्यों को अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस और नुकीले सुए के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे थे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ समय से कनखल क्षेत्र में मारपीट, गैंग गतिविधियों और सोशल मीडिया पर हिंसक वीडियो वायरल करने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक कनखल के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया था। टीमों को जगजीतपुर, पीठ पुलिया, फुटबॉल ग्राउंड और गुरुकुल कांगड़ी क्षेत्र में सादे कपड़ों में निगरानी और चेकिंग के निर्देश दिए गए थे।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपना दबदबा कायम करने के लिए युवाओं के बीच गैंग संस्कृति को बढ़ावा दे रहे थे। आरोपियों द्वारा मारपीट की घटनाओं के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किए जाते थे, जिससे क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल बन रहा था। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और सोशल मीडिया फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान की और उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी।
जानकारी के अनुसार 10 अप्रैल 2026 को थाना कनखल क्षेत्र में एक युवक के साथ हुई मारपीट की घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में कुल 11 आरोपियों के नाम सामने आए थे। पुलिस पहले ही दो नाबालिग समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी। अब इसी मामले में कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अरुण उर्फ बोडा पुत्र राजकुमार निवासी शिवपुरी गली नंबर 5 कनखल और रवि सिंह उर्फ सरदार पुत्र गोपाल सिंह निवासी सतीघाट कनखल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार रवि उर्फ सरदार पहले भी कई मामलों में शामिल रहा है और वह पूर्व में पुलिस अभिरक्षा से फरार भी हो चुका है। इससे उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि और अधिक गंभीर मानी जा रही है। पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से एक 12 बोर का अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक नुकीला सुआ बरामद किया है। प्रारंभिक जांच में यह भी आशंका जताई जा रही है कि आरोपी किसी व्यक्ति पर हमला करने या हत्या जैसी गंभीर वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं पर गहन जांच कर रही है।
हरिद्वार पुलिस का कहना है कि “ऑपरेशन प्रहार” के तहत अपराधियों, गैंग संचालकों, हिस्ट्रीशीटरों और हुड़दंगियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं में गैंग संस्कृति तेजी से बढ़ रही है, जिससे अपराध और हिंसा को बढ़ावा मिलता है। ऐसे में पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लोगों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत हुआ है।
पुलिस प्रशासन ने युवाओं से अपील की है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल सकारात्मक कार्यों के लिए करें और किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधियों या गैंग संस्कृति से दूर रहें। अधिकारियों ने यह भी कहा कि यदि किसी क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके। हरिद्वार पुलिस की इस कार्रवाई को अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। आने वाले दिनों में इस गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी भी संभव मानी जा रही है।
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