सबसे सटीक ज्वालापुर टाइम्स न्यूज़…
रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
हरिद्वार, 02 मई 2026।
जनपद हरिद्वार में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और आमजन को धोखाधड़ी से बचाने के लिए पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियानों के तहत बहादराबाद पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। “ऑपरेशन कालनेमी” अभियान के अंतर्गत पुलिस ने साधु के वेश में संदिग्ध रूप से घूम रहे चार व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
यह कार्रवाई प्रदेश सरकार के निर्देशों के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य ऐसे व्यक्तियों की पहचान करना है जो धार्मिक वेशभूषा का दुरुपयोग कर आम लोगों को भ्रमित करने या किसी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को अंजाम देने का प्रयास करते हैं। पुलिस की इस पहल को क्षेत्र में सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, थाना बहादराबाद क्षेत्र में पिछले कुछ समय से ऐसे लोगों की गतिविधियों की सूचना मिल रही थी जो साधु के रूप में घूमते हुए संदिग्ध व्यवहार कर रहे थे। इन सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया और ऐसे चार व्यक्तियों को चिन्हित कर हिरासत में लिया।
हिरासत में लिए गए व्यक्तियों में अनिल पुत्र रामलाल (निवासी रोड़ीबेलवाला, हरिद्वार), अफजल पुत्र नसीर अहमद (निवासी नीलखुदाना, ज्वालापुर), मिश्री लाल पुत्र रामदास (निवासी हरकी पैड़ी) तथा अजीत कुमार पुत्र जमदीन (निवासी शनिमंदिर, बहादराबाद) शामिल हैं। सभी की उम्र 45 से 55 वर्ष के बीच बताई जा रही है।

पुलिस द्वारा इन सभी व्यक्तियों से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त तो नहीं हैं। इसके साथ ही इनका ऑनलाइन रिकॉर्ड भी तैयार किया जा रहा है, जिससे भविष्य में उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर इन व्यक्तियों के खिलाफ धारा 172 बीएनएसएस के अंतर्गत कार्रवाई की गई है। यह धारा उन मामलों में लागू होती है, जहां व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध हों और वह पुलिस को संतोषजनक जानकारी देने में असमर्थ हो।
“ऑपरेशन कालनेमी” अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे फर्जी साधु-संतों की पहचान करना है, जो धार्मिक आस्था का गलत फायदा उठाकर लोगों को ठगने या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त रहते हैं। हरिद्वार जैसे धार्मिक शहर में, जहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं, इस तरह की गतिविधियों पर नियंत्रण रखना बेहद आवश्यक हो जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के अभियान से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और धार्मिक स्थलों की गरिमा भी बनी रहती है। जब पुलिस ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्ती दिखाती है, तो इससे आमजन में विश्वास बढ़ता है और असामाजिक तत्वों के हौसले पस्त होते हैं।
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि कई बार कुछ लोग साधु का वेश धारण कर लोगों से पैसे मांगते हैं या अन्य तरीकों से उन्हें परेशान करते हैं। ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई जरूरी थी और इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं में कमी आएगी।
पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर सख्त नजर रखी जाएगी। इसके साथ ही आम जनता से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन का मानना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए केवल पुलिस की कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों का सहयोग भी जरूरी है। यदि लोग सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न करें, तो अपराध पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
समग्र रूप से देखा जाए तो बहादराबाद पुलिस द्वारा “ऑपरेशन कालनेमी” के तहत की गई यह कार्रवाई न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है, बल्कि धार्मिक आस्था की आड़ में हो रही संभावित धोखाधड़ी पर भी अंकुश लगाने का प्रयास है। आने वाले समय में इस अभियान के और भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
यह भी पढ़ें– लक्सर में 2 वारंटी दबोचे, फरार आरोपियों में मचा हड़कंप…
उत्तराखंड की सभी ताज़ा और महत्वपूर्ण ख़बरों के लिए ज्वालापुर टाइम्स न्यूज़ WHATSAPP GROUP से जुड़ें और अपडेट सबसे पहले पाएं
यहां क्लिक करें एक और हर अपडेट आपकी उंगलियों पर!
यदि आप किसी विज्ञापन या अपने क्षेत्र/इलाके की खबर को हमारे न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म पर प्रकाशित कराना चाहते हैं, तो कृपया 7060131584 पर संपर्क करें। आपकी जानकारी को पूरी जिम्मेदारी और भरोसे के साथ प्रसारित किया जाएगा।”

